INDIA Opposition: बाकी सीटें तय नहीं, बिहार की इस सीट पर जदयू ही लड़ेगा; प्रत्याशी भी बदलेगी पार्टी, नाम फाइनल
Bihar News : सीएम नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ लड़ाई में सीटों के बंटवारे पर जोर दे रहे हैं। वह प्रत्याशी तक तय कर रहे हैं। एक सीट पर जदयू का लड़ना भी फाइनल है और प्रत्याशी भी बदलकर नाम तय है।
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मौजूदा सांसद का टिकट कटेगा
यह सीट है सीतामढ़ी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले दिनों माता सीता की धरती पर गए तो सीतामढ़ी के जदयू सांसद सुनील कुमार पिंटू उनके साथ नजर आए। लेकिन, यह साथ अब नहीं रहेगा। पिंटू पहले भी भाजपाई रहे हैं और आगे भी वह भाजपाई हो जाएंगे, इसमें भी अब सिर्फ चुनाव की घोषणा का इंतजार है। सुनील कुमार पिंटू ने अब दिल्ली में हुई विपक्षी एकता की बैठक को बेनतीजा बताया है। इसके पहले, पांच राज्यों में से तीन में भाजपा की भारी जीत के बाद उन्होंने कहा था- "मोदी है तो मुमकिन है, जनता ने मोदी के नाम पर गारंटी दी है।" उस बयान के बाद जदयू नेताओं ने उनसे इस्तीफा मांगा था। अब इंडी एलायंस की बैठक को बेनतीजा कहने पर उतना हमला नहीं हो रहा है, क्योंकि इसमें अपेक्षा से उलट नीतीश कुमार को कोई भूमिका नहीं दिए जाने से जदयू में व्यापक पैमाने पर नाराजगी है।
प्रत्याशी भी तय, नाम नहीं कटेगा
सीतामढ़ी लोकसभा सीट से जदयू के अगले प्रत्याशी का नाम भी तय है। बिहार विधान परिषद् के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर ने खुद यह घोषणा की है कि उन्हें आलाकमान से हरी झंडी मिल गई है। वह सीतामढ़ी लोकसभा सीट से जदयू प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट भी गए हैं। पिंटू का नाम कटना पक्का है और ठाकुर का नाम कटना लगभग उतना ही असंभव है। देवेश बिहार की जगह देश की राजनीति में ज्यादा विश्वास रखते हैं। जनवरी 2014 में तो उन्होंने राज्यसभा नहीं भेजे जाने पर जदयू नेतृत्व के खिलाफ आवाज भी उठाई थी। अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। ठाकुर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अब बेहद करीबी हैं। आज नहीं, लंबे समय से उनकी गाड़ी कुछ-कुछ समय पर मुख्यमंत्री आवास जाती रहती है। उन्होंने 'आलाकमान' कहते हुए सीट फाइनल बताई है तो सेमीफाइनल की उम्मीद नहीं है। मौजूदा सांसद सुनील कुमार पिंटू के भाजपा-प्रेम उभरने के पीछे भी यही कारण बताया जा रहा है।