Bihar Budget: नीतीश कुमार की पसंद दरकिनार; नतीजा- पांच साल में दो बार सरकार बदली, सम्राट तीसरे वित्त मंत्री
Bihar News : बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक पसंद को क्या दरकिनार किया, बिहार में पांच साल के अंदर दो बार सरकार बदली। इस बार बजट पेश कर रहे सम्राट चौधरी तीसरे वित्त मंत्री हैं।
विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अक्टूबर में संभावित है। इस हिसाब से यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार का अंतिम बजट है। यह बजट 2024 में वित्त विभाग के मंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री बनाए गए सम्राट चौधरी पेश करेंगे। विधानसभा चुनाव 2020 के परिणाम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री तो नीतीश कुमार को रखा, लेकिन उनकी एक पसंद के साथ खिलवाड़ कर दिया था। उसका नतीजा है कि 2020 से 2025 के बीच दो बार सरकार बदली और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बने तीसरे वित्त मंत्री हैं। बजट 2025-26 पेश किए जाते समय बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम और वित्त मंत्रियों का बदलाव को लोग याद जरूर करेंगे।
भाजपा का साथ तो सुशील मोदी ही वित्त मंत्री
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2005 में बिहार की सत्ता संभाली थी। तब से 2020 के चुनाव तक, उनका ज्यादा समय भाजपा के साथ ही बीता। भाजपा में उनके 'उप' की जिम्मेदारी भी तय थी- सुशील कुमार मोदी। छात्र जीवन से सुशील कुमार मोदी उनके आसपास रहे थे और भाजपा सरकार में नीतीश की पसंद के तहत उन्हें हमेशा उप मुख्यमंत्री का दर्जा मिलता रहा था। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अचानक भाजपा ने सुशील मोदी को किनारे लगाया और पहली बार नीतीश सरकार में भाजपा से किसी नए चेहरे को वित्त विभाग की जिम्मेदारी मिली- तार किशोर प्रसाद। जब सुशील मोदी किनारे हुए थे, तभी से माना जा रहा था कि भाजपा नीतीश कुमार को लेकर कुछ-न-कुछ खेल कर रही है। उन्हीं बातों को तब बल मिला, जब 2020 में चुनी सरकार चला रहे नीतीश कुमार ने अचानक महागठबंधन का सीएम बनना पसंद किया। पिछली बार जब ऐसा हुआ था, तब सुशील मोदी ही उन्हें महागठबंधन छोड़ भाजपा से जोड़ने वाले चेहरे थे। अगस्त 2022 में जब नीतीश कुमार महागठबंधन की ओर गए तो सुशील मोदी बहुत हद तक किनारे पड़ चुके थे। अब तो वह दुनिया में भी नहीं।
सुमो हटे तो तार किशोर, फिर विजय और अब सम्राट
सुशील मोदी की जगह 2020 में वित्त मंत्री बने तार किशोर प्रसाद 2021-22 और 2022-23 का बजट पेश कर सके थे। महागठबंधन की सरकार में नीतीश ने वित्त विभाग अपनी पार्टी जनता दल यूनाईटेड के खाते में रखा और मंत्री बनाए गए- विजय कुमार चौधरी। चौधरी अगस्त 2022 से जनवरी 2024 तक वित्त मंत्री रहे और वह सिर्फ एक बार वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश कर सके। जनवरी 2024 में फिर एक बार परिस्थितियां बदलीं और राजद की जगह भाजपा के साथ आए नीतीश कुमार ने वित्त विभाग की जिम्मेदारी भाजपा के पास छोड़ने का फैसला लिया। इस बार उस समय बिहार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे सम्राट चौधरी को उप मुख्यमंत्री बनाया गया और वित्त विभाग की जिम्मेदारी उनके पास आ गई। यह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी का दूसरा बजट है। इससे पहले उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश किया था और अब 2025-26 का बजट लेकर आ रहे हैं।