Bihar News : राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के स्टूडेंट्स ने बनाया औद्योगिक रोबोट्स, जानिए क्या हैं खासियत
Bihar : राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के छात्रों ने रोबोट्स बनाया है, जिसे
सोनपुर मेले में प्रदर्शित किया गया है। औद्योगिक स्वचालन के प्रोजेक्ट का नाम फायरबर्ड-5 एटीएमईजीए 2560 दिया गया है।
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बिहार के विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेलें में औरंगाबाद के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के स्टूडेंट्स ने औद्योगिक रोबोट्स बनाकर लोगों को आकर्षित कर रहे है। अभियंत्रण महाविद्यालय के छात्र ई-यंत्र सेल से सहयोग से रोबोट बनाया है।
बिहार सरकार के विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री ने सराहा
अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत मणि ने बताया कि हमारे कॉलेज के ई-यंत्रा सेल के माध्यम से स्टूडेंट्स ने औद्योगिक स्वचालन (इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन) के रोबोटिक मॉडल्स विकसित किया गयाहै, जिन्हे सोनपुर मेले में प्रदर्शित किया जा रहा है। स्टूडेंट्स द्वारा बनाए गए मॉडल्स को बिहार सरकार के विज्ञान-प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह और विभाग के सचिव ने भी सोनपुर मेल भ्रमण के दौरान हमारे स्टॉल पर आकर सराहा है। इस दौरान कॉलेज की ओर से प्रो. सुश्रुत पांडेय ने रोबोटिक मॉडल्स की मंत्री के समक्ष प्रस्तुति दी। उन्होने मंत्री को बताया कि स्टूडेंट्स द्वारा बनाए गए सारे रोबोटिक मॉडल्स उद्योगों में दक्षता को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए है।
रोबोटिक्स को विकसित करने की जरूरत
प्राचार्य ने कहा कि रोबोटिक्स के क्षेत्र को और प्रोत्साहित करते हुए इसे अधिक से अधिक विकसित करने की जरूरत है। हमारे कॉलेज की यह उपलब्धि बिहार के तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए कॉलेज के ई-यंत्रा लैब के को-ऑर्डिनेटर प्रो. अंकित चौराहा, प्रो. सुश्रुत पांडेय एवं उनके साथ काम कर रोबोटिक्स मॉडल्स बनाने वाले स्टूडेंट्स बधाई के पात्र है।
जानिए क्या है रोबोटिक यंत्र फायरबर्ड-5 की खासियत
-अभियंत्रण कॉलेज के प्राध्यापक प्रो. अंकित चौरहा ने बताया कि स्टूडेंट्स द्वारा बनाए गए औद्योगिक स्वचालन के प्रोजेक्ट का नाम फायरबर्ड-5 एटीएमईजीए 2560 दिया गया है। यह एक रोबोट है, जो एक सफेद रेखा पथ का अनुसरण करते हुए और अपनी जगह पर बने रह कर खुद को समायोजित करते हुए किसी भी वस्तु को उठाकर किसी मशीन पर रख सकता है। इधर उधर कर सकता है। किसी वाहन पर लोड कर सकता हैं। इसमें एक आईआर सेंसर लगा है। इससे जब कोई भी वस्तु बॉट के सामने आती है तो वह दिशा बदल देती है और रुक जाती है। यह रोबोट अपने रास्ते में आने वाली वस्तु को उठाता है और वापस ले जाता है। उन्होने बताया कि स्टूडेंट्स द्वारा बनाया गया यह रोबोटिक यंत्र फिलहाल एक प्रोटोटाइप है, और इसे और परिस्कृत किए जाने पर यह उद्योगों के लिए बेहद कारगर हो सकता है। इसके इस्तेमाल से उद्योगों में ह्यूमन रिसोर्सेस के इस्तेमाल में कमी आएगी और मानव बल की अपेक्षा कार्य तेजी से हो सकेगा।