फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News : Even after Patna High Court order on bpsc result bpsc teacher not appointed in bpsc tre 1

BPSC Teacher: शिक्षा विभाग ने बीपीएससी टीचर पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना की; तारीख बीती, नहीं हुई नियुक्ति

Thu, 22 May 2025 07:27 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Thu, 22 May 2025 07:27 AM IST
सार

Bihar News : बीपीएससी ने आवेदन के बाद परीक्षा लेकर रिजल्ट दिया। जब केके पाठक शिक्षा विभाग की कमान संभाल रहे थे तो इन्हें नियुक्ति से रोका गया। सुप्रीम कोर्ट के हवाले से पटना हाईकोर्ट ने मियाद देकर नियुक्त करने कहा। 

विज्ञापन
Bihar News : Even after Patna High Court order on bpsc result bpsc teacher not appointed in bpsc tre 1
पटना उच्च न्यायालय ने 3 अप्रैल को दी थी 45 दिनों की मियाद। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

पटना हाईकोर्ट ने 03 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए बिहार सरकार के शिक्षा विभाग को निर्देश दिया था कि बिहार लोक सेवा आयोग से शिक्षक भर्ती परीक्षा- 1 (BPSC TRE 1) से चयनित डिप्लोमाधारी शिक्षकों के दस्तावेजों की 15 दिनों के अंदर करवाते हुए उसके एक महीने के अंदर नियुक्ति पत्र दे दें। यह दोनों ही मियाद 17-18 मई को खत्म हो गई, लेकिन यह शिक्षक भटक ही रहे हैं। शिक्षा विभाग इन्हें कई बार बुला चुका और कई बार यह झुंड बनाकर वैसे भी मिलने जा चुके, लेकिन यहां से इन्हें तारीख-दर-तारीख मिल रही है। 'अमर उजाला' ने पहले दिन से इस मुद्दे को उठाया था तो हाईकोर्ट के निर्देश की समय-सीमा पूरी होने के बाद फिर शिक्षा विभाग को दस्तक दी गई। 

विज्ञापन


पहले समझें, कब-कैसे रोकी गई नियुक्ति
बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा- 1 के पहले दिए परीक्षाफल जिस डिप्लोमाधारी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिल गया था, वही डिप्लोमा रखने वालों को पूरक परिणाम आने के बाद नियुक्ति से रोक दिया गया था। तब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव विवादित आईएएस अधिकारी केके पाठक थे। उन्होंने पूरक परिणाम में बीपीएससी की ओर से पास घोषित परीक्षार्थियों को काउंसलिंग के समय अचानक रुकवा दिया था। जिला तक आवंटित होने के बाद नियुक्ति पत्र रोका गया तो 'अमर उजाला' ने इसपर सवाल उठाया था। इसके बाद से हम लगातार इस खबर का फॉलोअप कर रहे हैं। 
विज्ञापन


यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार; पूछताछ जारी
विज्ञापन
विज्ञापन


रोकने का आधार भी कम विवादित नहीं
दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा में 18 महीने की इन-सर्विस ट्रेनिंग डिप्लोमा (D.El.Ed धारक अभ्यर्थियों को भी बीपीएससी TRE-1 में आवेदन के लिए योग्य माना गया था। जब बीपीएससी TRE-1 का परिणाम जारी हुआ तो बाकी आवेदकों के साथ इनका भी दस्तावेज सत्यापन-काउंसलिंग से लेकर नियुक्ति पत्र तक जारी कर दिया गया। वह सभी शिक्षक ड्यूटी पर हैं। इसी TRE-1 का एक पूरक परिणाम भी बीपीएससी ने जारी किया था। उसमें भी बाकी के साथ इन डिप्लोमाधारियों को भी पास घोषित किया गया था, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के समय इन्हें छांटकर बैठा दिया गया। कोई तारीख नहीं दी गई कि इनके संबंध में अगला आदेश कब और किस तरह का आएगा। यह शिक्षक BPSC TRE 1 रिजल्ट के बाद करीब 18 महीने से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। मतलब, अगर अड़ंगा नहीं लगाया जाता तो 18 महीने की सैलरी उठा चुके होते।

 

Bihar News : Even after Patna High Court order on bpsc result bpsc teacher not appointed in bpsc tre 1
पटना हाईकोर्ट का यही स्पष्ट निर्देश शिक्षा विभाग को दिया गया था। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर साधी चुप्पी तो हाईकोर्ट ने दिया था निर्देश
चौंकाने वाली बात यह भी थी कि खुद शिक्षा विभाग ने पिछले साल ही स्वीकार किया था कि "सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका पर 10 दिसंबर 2024 को पारित आदेश में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा में 18 महीने की इन-सर्विस ट्रेनिंग डिप्लोमा (D.El.Ed) धारण करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता को मान्य किया गया है।" इससे पहले, बीपीएससी TRE-1 ने अपने विज्ञापन में भी इसे मान्य रखा था और इसी आधार पर इन्हें चयनित सूची में रखा गया था। जब मामला लटकाया गया तो अभ्यर्थियों ने अपील-दर-अपील की। फिर सुप्रीम कोर्ट के 10 दिसंबर के फैसले के बाद इन्हें D.El.Ed प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और सेवा में होने से संबंधित विद्यालय प्रधान के प्रमाणपत्र के साथ 10 फरवरी को बुलाया गया।

यह खबर भी पढ़ें -Bageshwara Baba: बागेश्वर बाबा बोले- सुधरना नहीं चाहता पाकिस्तान, जातीय गणना और हिन्दू राष्ट्र पर ऐसा कहा

ऐसे करीब 155 अभ्यर्थियों का जब दस्तावेज सत्यापन शुरू हुआ तो अचानक इनसे सेवा काल की सैलरी स्लिप की मांग कर दी गई। प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सेवा में होने से संबंधित विद्यालय प्रधान के प्रमाणपत्र के बाद अब सैलरी स्लिप जुटाना कितना मुश्किल है, यह शिक्षा विभाग भी जानता है। आज भी राज्य में कुछेक बड़े प्राइवेट स्कूलों को छोड़ दें तो सैलरी स्लिप नहीं दी जाती है। ऐसे में पुरानी तारीखों का सैलरी स्लिप मिलना असंभव-सा था। तो, अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अपनी बात पर लड़ाई जारी रखी। इसी लड़ाई का परिणाम रहा, जब 03 अप्रैल 2025 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि आदेश के 15 दिनों के अंदर इनका दस्तावेज जांचें और उसके 30 दिनों के अंदर इन्हें नियुक्ति पत्र दें। उन 15 दिनों में दस्तावेजों की जांच नहीं पूरी हुई और अब आदेश की प्रति ऑनलाइन अपलोड होने की तारीख 04 अप्रैल को बीते हुए भी 45 दिनों से ज्यादा हो गए हैं।

Bihar News : Even after Patna High Court order on bpsc result bpsc teacher not appointed in bpsc tre 1
प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने ऑन कैमरा नहीं की बात। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने कहा- जल्द समाधान कर लेंगे

'अमर उजाला' रिपोर्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पटना हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना को लेकर सीधा सवाल करना चाहा तो मोबाइल पर किसी ने जवाब नहीं दिया। बुधवार को रिपोर्टर ने शिक्षा विभाग पहुंचकर कई अधिकारियों से बात की, लेकिन सभी ने पल्ला झाड़ा। अपर मुख्य सचिव से भेंट नहीं हुई। अंत में करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला मिलीं। भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी साहिला ने इस संबंध में ऑन कैमरा बात करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान कर लिया जाएगा। जब समय पूछा गया तो उन्होंने एक-दो दिन की बात कही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed