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Cyber Crime : मैं सारण प्रमंडल का आयुक्त, सीवान के डीएम को आया साइबर ठग का मैसेज

Wed, 20 Nov 2024 11:21 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सीवान
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सीवान Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Wed, 20 Nov 2024 11:21 PM IST
सार

Bihar : मैं सारण प्रमंडल का आयुक्त। कहां हैं? ऐसा कॉल आपको भी आ सकता है। इसलिए यह खबर आपको सचेत करती है। जागिये।

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Bihar News : Cyber criminals Called Siwan DM posing as  Commissioner of Saran Division Cyber Crime
सीवान के डीएम मुकुल कुमार गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

साइबर ठगों का आतंक इनदिनों काफी बढ़ गया है। पता नहीं कब किस नाम से आपको कॉल आ जाय और आप साइबर ठगी के शिकार हो जाएं। फिलहाल ताजा मामला सीवान का है, जहां साइबर अपराधियों ने एक नया तरीका अपनाते हुए आयुक्त सारण प्रमंडल छपरा के नाम से सीवान के जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता को बुधवार को मैसेज किया। यह मैसेज 9109 405 800 नंबर से आई थी, जिसे डीएम ने अपनी जांच में फर्जी पाया। यह घटना सीवान जिले में चर्चा का विषय बन गई है और साइबर अपराधियों की बढ़ती चालाकी को उजागर करती है।

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हैल्लो मैं सारण प्रमंडल का आयुक्त बोल रहा हूं
दरअसल सीवान के जिलाधिकारी के नंबर पर एक अंजान नंबर से आयुक्त सारण प्रमंडल छपरा के नाम से मैसेज आया। सीवान के जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता ने उक्त नंबर पर कॉल किया तो वह नंबर बंद बताने लगा। फिर डीएम मुकुल कुमार गुप्ता ने सारण प्रमंडल के आयुक्त के ऑफिसियल नंबर पर कॉल कर के जब पूछा तब उनको फर्जीवाड़े का शक हुआ। इसके बाद आयुक्त सारण प्रमंडल छपरा ने इस बात की पुष्टि की कि यह मैसेज पूरी तरह से फर्जी थी। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने साइबर अपराध से बचने के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक किया। 
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जिलाधिकारी ने लोगों से जागरूक बनने की अपील की 
जिलाधिकारी ने लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर विश्वास नहीं करना चाहिए और ऐसे मामलों में तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए। साथ ही, किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी को ऑनलाइन शेयर करने से बचने की सलाह दी गई। साइबर ठगी के इस प्रकार के मामलों में आमतौर पर ठग सरकारी अधिकारियों, नेताओं या प्रशासनिक अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग करते हैं, जिससे लोगों का विश्वास जीत कर उन्हें धोखा दिया जाता है। ऐसी घटनाओं से न केवल प्रशासन के कामकाजी वातावरण में विघ्न आता है, बल्कि लोगों के बीच भी साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता उत्पन्न होती है। इसलिए लोग ऐसे कॉल से बचें। 

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