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Bihar News : भाजपा कोटे के जन प्रतिनिधि उतर गए नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ; बिहार सरकार से इतना गुस्सा!
Wed, 31 Jul 2024 05:39 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Wed, 31 Jul 2024 05:39 PM IST
सार
Bihar : बिहार मुख्य पार्षद महासंघ ने बुधवार को प्रतिकार सभा का आयोजन किया। इसमें बिहार मुख्य पार्षद महासंघ ने अपनी कई मांगों को रखा। विभागीय मांग के साथ निजी सुविधाओं की मांग भी इसमें हावी रहे।
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प्रतिकार सभा
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
बिहार नगरपालिका संशोधन विधेयक 2024 के विरोध में बिहार मुख्य पार्षद महासंघ ने विद्यापति भवन में प्रतिकार सभा का आयोजन किया। इस प्रतिकार सभा में बिहार के सभी नगर निकायों से मुख्य पार्षद शामिल हुए। इस कार्यक्रम में सरकार द्वारा मुख्य पार्षदों के अधिकार के हनन को लेकर चर्चाएं हुई। इस बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया कि अगर सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो बिहार के सभी मुख्य पार्षद सड़क से लेकर कोर्ट तक जाएंगे।
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बिहार मुख्य पार्षद महासंघ ने रखी यह मांग
प्रतिकार सभा की मांगों के अनुसार, नगर अध्यक्ष के कार्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में कार्यपालक पदाधिकारी अंदरूनी हस्तक्षेप एवं प्रस्ताव को मनमाने तरीके से सुविधानुसार लागु कराना बंद करे। बिजली विभाग से 02 प्रतिशत राजस्व प्रत्येक नगर निकाय को दिया जाय। सभी मुख्य पार्षदों का हथियार का लाईसेंस असान तरीके से दिया जाय। नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए स्वविवेक से सलाना नगर क्षेत्र के विकास के लिए एक करोड़ फिक्स फंड दिया जाय। साथ ही सभी निकाय में स्थायी जे०ई०, बड़ा बाबु एवं लेखापाल की स्थायी प्रतिनियुक्ति विभाग के द्वारा होना चाहिए। बिहार मुख्य पार्षद स्टैंडिंग तैयारी समिति के बैठक में लिए गये निर्णय के आलोक में मुख्य पार्षद के अधिकार से संबधित मांगों पर सहमती बनी. इसके अनुसार, नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत में किसी भी तरह का भुगतान पंचायती राज की तरह डोंगल से किये जाने, नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत में जो भी सरकारी भूमि है, उसे नगर निकायों को स्थानांतरित किये जाने और खाली जमीन पर एन०ओ०सी० का अधिकार नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत का होने जैसी मांग राज्य सरकार से की गयी.
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निजी सुविधाओं की भी की गई मांग
उपर्युक्त के साथ नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत मे कर्मियों की नियुक्ति एवं हटाने का अधिकार सशक्त स्थायी समिति को ही हो। नगर परिषद एवं नगर पंचायत के अध्यक्षों के लिए ट्रेन टिकट आने-जाने के लिए पास की प्रक्रिया हो। नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत के मुख्य पार्षद को विभागीय पत्र का प्रतिलिपि आगत निर्गत दोनो दिया जाय। नगर परिषद एवं नगर पंचायत कार्यालय का संचालन के लिए प्रशासनिक भवन का निर्माण कराया जाय। सभी नगर पंचायत के मुख्य पार्षदों के लिए ऑफिस आने-जाने एवं क्षेत्र भ्रमण के लिए गाड़ी, डीजल एवं ड्राइवर की व्यवस्था हो। नगर परिषद एवं नगर पंचायत बोर्ड के पास यह अधिकार होना चाहिए कि अगर कार्यपालक पदाधिकारी अपने दायित्त्व एवं कर्त्तव्यों का निर्वहन करने में लापरवाही बरते तो उसे एक साल के बाद बहुमत का प्रयोग करते हुए हटाया जा सके।
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जानिए कौन-कौन हुए शामिल
उक्त अवसर पर प्रतिकार सभा की अध्यक्षता रमाकांत कुमार टुन्ना (नगर परिषद, अरवल) ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पटना की मेयर सीता साहू थी। इनके अलावे सचिन कुमार गुप्ता मुख्य पार्षद बिहियां, अभिमन्यु गुप्ता मैरवा, कंचन गुप्ता, सिंधु गुप्ता (सभापति नगरपरिषद, बैरगनिया), रीना देवी (सभापति नरकटियागंज), कुमकुम देवी (मेयर, मुंगेर), निर्मला साहू (मेयर, मुजफ्फरपुर), विभा कुमारी (मेयर, पूर्णिया), अनिल सिंह ( चेयरमैन, बांका नगरपरिषद), मोहन श्रीवास्तव, इमाम जाकिर अंसारी (अध्यक्ष, नगर पंचायत, गोपालपुर) समेत बिहार के सभी मुख्य पार्षद मौजूद रहे.