Bihar News : तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी की न्याय यात्रा में संभाली स्टीयरिंग, दूरी की चर्चा पर लगाया विराम
आज राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव रोहतास पहुंचे। तेजस्वी यादव न सिर्फ राहुल गांधी की यात्रा में शामिल हुए बल्कि उनके सारथी भी बने।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के वरीय नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा रोहतास (सासाराम) पहुंच चुकी है। औरंगाबाद की जनसभा में इंडी एलायंस (I.N.D.I.A.) के सहयोगी राजद और वामदल के बड़े नेता नहीं शामिल हुए थे। आज राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव रोहतास पहुंचे। तेजस्वी यादव न सिर्फ राहुल गांधी की यात्रा में शामिल हुए, बल्कि उनके सारथी भी बने। इंडी एलायंस के हजारों कार्यकर्ता और समर्थकों साथ तेजस्वी यादव लाल रंग की चारपहिया पर राहुल गांधी के साथ नजर आए। गाड़ी के पीछे की सीट पर कांग्रेस की वरीय नेत्री मीरा कुमार भी नजर आईं।
राहुल बोले- किसानों को एमएसपी की गारंटी देंगे
राहुल गांधी की न्याय यात्रा के दौरान रोहतास के टेकारी में किसान चौपाल में काफी संख्या में लोग जुटे। किसानों को राहुल गांधी तथा तेजस्वी यादव ने संबोधित किया। इस दौरान बिहार में नौकरी देने की भी बात तेजस्वी यादव ने कही। उन्होंने कहा कि 17 माह के सरकार में हमने बिहार में नौकरियों की बहार ला दी। राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया की सरकार बनी तो एमएसपी गारंटी दी जाएगी। दिल्ली में किसान धरना दे रहे हैं। मोदी सरकार में किसान समेत सभी तबके के लोग परेशान हैं, लेकिन वह (प्रधानमंत्री मोदी) किसी की सुनने वाले नहीं हैं। क्योंकि, इसलिए वह अपने मन की सुनाते हैं। आम जनता की मन की बात को नहीं सुनते हैं।
वहीं न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस महासचिव व संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि आज भारत जोड़ो न्याय यात्रा का 34वां दिन है। राहुल गांधी आज रोहतास में किसान नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। दोपहर करीब 2:30 बजे तेजस्वी यादव और राहुल गांधी कैमूर में एक सभा को संबोधित करेंगे और शाम करीब 5 बजे यात्रा उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा- "महिलाओं पर अत्याचार निंदनीय है, इसकी जांच होनी चाहिए। राज्य सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि वे कानून के प्रति जिम्मेदार हैं। इस मुद्दे का राजनीतिकरण ठीक नहीं है।"