Bihar News: चिराग पासवान बोले- राज्य के गृह विभाग की जिम्मेदारी भूल चुके नीतीश कुमार, सिर्फ संयोजक पद पर ध्यान
Bihar : मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालना नीतीश कुमार ने सालों पहले बंद कर दिया। इन्होने गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभालना सालों पहले बंद कर दिया। अब इन्हें सिर्फ संयोजक बनने की जिम्मेदारी चाहिए क्यों कि अब बस वही रास्ता है पीएम पद की दावेदारी का।
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जमुई सांसद चिराग पासवान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि और मुख्यमंत्री पर कई आरोप भी लगाया है। चिराग पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री के खेल खेलने के शौक ने ही मेरे बिहार को बर्बाद कर दिया है। जब से इन्हें शौक चढ़ा है विपक्ष को एक करने का तब से बस यही चर्चा हो रही है कि यह मीटिंग में जाएंगे, नहीं जाएंगे, संयोजक बनेंगे, नहीं बनेंगे, सिर्फ इसी बात पर चर्चा हो रही है। चिराग पासवान ने हाजीपुर के जडुआ में एक श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने पहुंचे थे। उक्त बातें उन्होंने वहीं पर कही।
विकास की नहीं संयोजक बनने की चिंता है
चिराग पासवान ने कहा कि पिछले एक साल में बिहार में हुए हत्याओं पर कोई चर्चा नहीं हुई। पिछले एक साल में बिहार में बढ़ते अपराध पर कोई चर्चा नहीं हुई। पिछले एक साल में शराबबंदी कानून की विफलता पर कोई समीक्षा नहीं हुई। चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार हमारे प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं, लेकिन वह बताएं कि वह अपने अधिकारियों के साथ अब तक कितनी बैठकें की ताकि बिहार में अपराध पर नियंत्रण किया जा सके। इन्होने भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करने के लिए कितनी बैठकें की? बिहार में ठंड से लोग मर रहे हैं। कितनी बैठकें की कि कोई आश्रय बना दिए जाएं लोगों को रहने के लिए? इन तमाम चीजों पर हमारे मुख्यमंत्री की आँखें बंद रहती हैं, उनके कान पर जू तक नहीं रेंगती। लेकिन जब बात संयोजक बनने की आती है तब दौड़े दौड़े दिल्ली जायेंगे, बेंगलुरु जाएंगे, मुंबई जायेंगे। सब जगह से बेइज्जत होकर आएंगे लेकिन फिर अगली बार उम्मीद लगाकर जाएंगे। अकेले बैठेंगे तो अधिकारियों से बिहार के विकास के लिए चर्चा नहीं करेंगे, नेताओं को फोन लगाएंगे और कहेंगे कि हमें संयोजक बनाने का प्रस्ताव रखिये। हमको संयोजक बनाने की बात रखिये।
प्रधानमंत्री न बन पाने की है टीस
चिराग पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री का काम, एक मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालना नीतीश कुमार ने एक लम्बे समय पहले, सालों पहले इन्होने बंद कर दिया था। इन्होने गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभालना सालों पहले बंद कर दिया। अब इन्हें सिर्फ संयोजक बनने की जिम्मेदारी चाहिए क्यों कि अब बस वही रास्ता है प्रधानमंत्री पद की दावेदारी का। आने वाले चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रधानमंत्री का दावेदार बनकर। नीतीश कुमार के दिल में एक टिस है कसक है कि नरेन्द्र मोदी तीन बार मुख्यमंत्री रहकर प्रधानमंत्री बन गये तो मैं भी तीन बार का मुख्यमंत्री हूँ तो मैं कैसे प्रधानमंत्री रेस से पीछे रह गए, इन्हें यह बात चुभती है। चिराग पासवान ने कहा कि उनको फर्क नहीं पड़ता है बिहार और बिहारियों से।
इंडिया अलायंस के घटक दल को नीतीश कुमार पर भरोसा नहीं
एनडीए में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री हर जगह के दरवाजे खुले रखते हैं। अपनी महत्वाकांक्षा को साधने के लिए एन डी ए अलायंस भारत को आगे बढ़ाने के लिए नहीं ऐसा कर रहे हैं। एन डी ए अलायंस के द्वारा वह सिर्फ अपना महत्वाकांक्षा साधने के लिए एक जरिया बनाये हुए हैं। अपना रास्ता कैसे बनाया जाता है यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बखूबी आता है। कैसे जोर्ज साहब को हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गये,कैसे शरद यादव को रास्ते से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गये, आर सी पी जी जो उनके काफी करीबी थे कैसे उनको साइड लाइन कर दिये, ललन बाबु जो उनके इतने करीबी उनको रास्ते से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाना ये तमाम रास्ते बनाना मुख्यमंत्री को आता है। इसलिए तो इंडिया अलायंस के घटक दल उनपर भरोसा नहीं करते हैं। कैसे विश्वास करेंगे जिन पर बिहार की जनता विश्वास नहीं करती, जो दो दो बार जनादेश का अपमान कर चुके हों। जब ये अपनी जनता के नहीं हुए तो किसी गठबंधन के सगे क्या होंगें।