Bihar: ऐसे भी छूटती है शराब तस्करी: शराब से नाता तोड़ने की पुलिस ने खिलाई कसम, मुखिया दे रहे ई रिक्शा
ऐसे भी छूट सकती है शराब । क्यों कि सीवान की पुलिस शराब से जुड़े लोगों को शराब का काम छोड़ने और शराब नहीं पीने की कसम खिलाते हुए वैसे लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही है।
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शराबबंदी वाले बिहार में लोग शराब का सेवन न कर सकें इसके लिए पुलिस पूरी तरह से सजग और सक्रिय है। ऐसे में सीवान की पुलिस ने एक सराहनीय कदम उठाया है। पुलिस ने शराब बेचने और पीने के एक आरोपी के जेल से लौटने के बाद पहले शराब न पीने और न बेचने की कसम खिलाते हुए रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस संबंध में मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मर्दापुर निवासी विक्रम महतो का पुत्र चंद्रमा महतो शराब के मामले में अब तक तीन बार जेल चुका है। जेल से छूटने के बाद स्थानीय मुखिया और थाना प्रभारी के सहयोग से उस गांव में एक मीटिंग रखी गयी जिसमें शराब तस्करों और शराब पीने वालों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शराब तस्करों को शराब की खरीद बिक्री को बंद कर उसे रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। उन्हें सबके सामने दुबारा शराब न छूने की कसम खिलाई गई। थाना प्रभारी ने बताया कि उनके और स्थानीय मुखिया की मदद से चंद्रमा महतो को एक ऑटो खरीदकर दिया जाएगा जिससे वह अपना रोजगार कर घर गृहस्ती चला सके।
अब एसपी भी थानाध्यक्ष की कर रहे हैं तारीफ़
मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि चंद्रमा महतो पहले शराब तस्करी का काम किया करता था। इस मामले में उसे तीन बार जेल भी भेजा जा चुका है। अब पंचायत के मुखिया सन्तोष कुमार और मेरे द्वारा इसे रोजगार देकर समाज के मुख्य धारा से जोड़कर शराब का काम न करने की कसम खिलाई गई है। इस बात की जानकारी मिलने पर सीवान एसपी शैलेश कुमार ने बताया कि मुफ्फसिल थाना प्रभारी को इस अच्छे कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। अब लोग थाना प्रभारी और मुखिया के द्वारा उठाये गए इस सराहनीय कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं।