बिहारः तेजस्वी दसवीं फेल, बाकी कितने पढ़े लिखे ये भी जान लीजिए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद अगर सबसे ज्यादा चर्चा किसी बात की है तो वो है लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव की। पहली बार विधानसभा में पहुंचने वाले तेजस्वी यादव की जितनी चर्चा डिप्टी सीएम बनने की है उतनी ही उनके दसवीं फेल होने की।
विरोधी और आलोचक उनकी पढ़ाई को लेकर उन पर उंगलियां उठा रहे हैं तो कुछ इसी आधार पर उनकी योग्यता भी तय कर रहे हैं। लालू के बड़े बेटे और कैबिनेट मंत्री तेज प्रताप भी बारहवीं पास हैं।
वहीं दोनों यादव भाइयों के बहाने नीतीश कुमार की कैबिनेट के अन्य सदस्यों की योग्यता पर भी उंगलियां उठने लगी हैं, कोई उनकी शैक्षिक योग्यता पर उंगली उठा रहा है तो कोई उनके अनुभव पर। लेकिन एक बार अगर आप नीतीश की कैबिनेट की योग्यता पर निगाह डालेंगे तो चौंक जाएंगे।
पीएचडी मंत्रियों की भरमार
नीतीश कुमार खुद पटना के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कालेज से इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। शुरूआत में उन्होंने राजनीति में आने से पहले कुछ वर्ष नौकरी भी की थी लेकिन वहां उनका मन नहीं लगा तो वो राजनीति में आ गए। नीतीश की तरह ही उनकी कैबिनेट में कई उच्च शिक्षित लोग हैं।
मसलन राजस्व व भूमि सुधार मंत्रालय के मंत्री बनाए गए मदनमोहन झा पीएचडी हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नीतीश कैबिनेट में शिक्षा व आईटी मंत्री बनाए गए अशोक चौधरी भी पीएचडी हैं, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाए गए अब्दूल गफूर भी शोध छात्र रह चुके हैं।
श्रम संसाधन मंत्री विजय प्रकाश भी पीएचडी करने के बाद राजनीति में आए हैं। इसके अलावा स्नातकोत्तर करने वालों की भी नीतीश कैबिनेट में अच्छी खास तादाद है। नीतीश के खास और परिवहन मंत्री चंद्रिका राय स्नातकोत्तर हैं, आपदा प्रबंधन मंत्री चंद्रशेखर और ग्रामीण कार्य अभियंत्रण मंत्री शैलेश कुमार भी स्नातकोत्तर हैं।
नीतीश की तरह और भी कई हैं इंजीनियर
इसके अलावा नीतीश की तरह उनकी कैबिनेट में कई मंत्री ऐसे भी हैं जो इंजीनियरिंग के छात्र रह चुके हैं। इंडस्ट्री व साइंस टेक्नॉलोजी मंत्री जय कुमार सिंह, सहकारिता मंत्री आलोक मेहता भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं।
पशुपाल मंत्री अवधेश कुमार सिंह, कला संस्कृति मंत्री शिवचंद्र राम, राजी रंजन, पीएचई और कानून मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, नगर विकास मंत्री महेश्वर हजारी, एससी एसटी कल्याण मंत्री संतोष निराला, खान व भूत्व मंत्री मुनेश्वर चौधरी और खाद्य आपूर्ति मंत्री मदन सहनी स्नातक तक की पढ़ाई कर चुके हैं।
हालांकि राजद कोटे से वित्त मंत्री बनाए गए अब्दुल बारी सिद्दकी मात्र 12वीं पास ही हैं। उनके अलावा ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, उत्पाद व निबंधन मंत्री अब्दुल मस्तान, दोनों महिला मंत्री अनीता और कुमारी अंजू भी बारहवीं पास ही हैं। कृषि मंत्री राम विचार राय, गन्ना उद्योग मंत्री फिरोज अहमद दसवीं और पंचायती राज मंत्री कपिल देव कामत मात्र नौंवी पास ही हैं।