Bihar : JDU MLA गोपाल मंडल ने पूर्व सांसद के बारे में बोला- कितना रार है...मौका लगता तो मारपीट होता
Gopal Mandal in News : JDU MLA गोपाल मंडल और पूर्व सांसद अनिल कुमार यादव के बीच नवगछिया पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान जमकर कहासुनी हुई। उसके बाद अनिल यादव ने एसपी को शिकायत दी, जबकि मंडल अपने अंदाज में बोलते गए।
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गणतंत्र दिवस समाराेह की कुर्सी पर बैठने को सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड के गोपालपुर विधायक और पूर्व सचेतक गोपाल मंडल की खगड़िया से राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद व भाजपा नेता अनिल कुमार यादव से गुरुवार को जमकर कहासुनी हो गई। कहासुनी ऐसी कि जदयू MLA गोपाल मंडल ने उन्हें रार (टेढ़ा बदमाश) बोला। यह भी बोला कि मौका लगता तो मारपीट होता। इसके बाद पूर्व सांसद ने नवगछिया एसपी को लिखित जानकारी दी कि MLA गोपाल मंडल ने पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान अपशब्द कहे, पिस्टल दिखाकर जान से मारने और उठा लेने की धमकी दी। प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है, लेकिन शिकायत की यह चिट्ठी 'अमर उजाला’ के पास है।
वह आरोप लगा रहे थे, हम चुम्मा ले रहे थे!
पूर्व सांसद अनिल कुमार यादव नवगछिया पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस समारोह से जल्दी निकल गए और फिर लिखित शिकायत दी। जाते-जाते उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान गोपालगंज के जदयू विधायक गोपाल मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द बोले, जिसका विरोध करने पर उठा लेने, जान से मार देने की धमकी दी। अपशब्दों में बात करने की आदत है और अपराधी चरित्र है, लेकिन अगर प्रधानमंत्री के बारे में कोई गलत बोलेगा तो विरोध करेंगे। वह जल्दी निकल गए तो मीडिया ने विधायक गोपाल मंडल से जानकारी ली। उन्होंने कहा- "पहले हमसे न बयान लीजिएगा। हम MLA हैं। वह तो पूर्व MP है। एक बार का। हम चार बार से MLA हैं।" जब कहा गया कि वह पहले आरोप लगा रहे थे तो गोपाल मंडल बोले- "वह आरोप लगा रहे थे, हम चुम्मा ले रहे थे!”
जदयू विधायक ने बताया किस्सा कुर्सी का
जदयू विधायक गोपाल मंडल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के बारे में कुछ नहीं कहा। मामला कुर्सी का था। मंडल बोले- "वह बाद में आया और हमारे जिलाध्यक्ष विपिन बिहारी को कहा आगे की कुर्सी छोड़कर पीछे बैठ जाने। मैंने कहा कही नहीं जाएंगे, आप जाइए तो कहता है कि हमेशा टेम्परे (गुस्से में गरम) में रहे छहो? इसमें टेम्पर का क्या है? हमारा जिलाध्यक्ष है। सत्तारूढ़ पार्टी का जिलाध्यक्ष पहले से बैठा है तो पीछे क्यों जाए? इसी बात पर तूतू-मैंमैं हुआ। मौका लगता तो मारपीट होता, लेकिन बीचबचाव हो गया। हम धमकी नहीं दिए। हम चार बार के MLA हैं। वह एक बार सांसद बन गया तो बड़का बनता है! कितना रार है। उससे हम पेट्रोल लेते थे। हम उसको नहीं बोले कि उठा लेंगे। वही बोला त बोले कि आ जाओ घर पर।