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Bihar: प्रेमी संग भागी युवती ने कोर्ट में अपने ही माता-पिता को पहचानने से किया इनकार; अब ससुराल में रहेगी
Sun, 09 Mar 2025 05:31 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sun, 09 Mar 2025 05:31 PM IST
सार
Supaul News: मामला सुपौल जिले के प्रतापगंज का है। युवती भवानीपुर दक्षिण पंचायत के वार्ड 08 स्थित अपने मायके से 08 फरवरी को भागी थी। पुलिस ने उसे वीरपुर से खोज निकाला और कोर्ट में पेश किया लेकिन वहां युवती ने जो कहा वह चौंकाने वाला है।
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प्रतापगंज थाने की पुलिस युवती को कोर्ट ले गई थी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड अंतर्गत भवानीपुर दक्षिण पंचायत वार्ड 8 से फरवरी में घर से भागी युवती ने शुक्रवार की सुबह बरामद कर लिया। इसके बाद लड़की को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। हालांकि कोर्ट में युवती ने अपने माता-पिता को ही पहचानने से इनकार कर दिया। उसने दंडाधिकारी के सामने बयान दिया कि वह प्रेमी सुनील कुमार दास से शादी कर चुकी है और उसी के साथ रहना चाहती है।
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आपको बता दें कि युवती के पिता ने प्रतापगंज थाने में कांड संख्या 38/25 दर्ज कराया था। जिसमें लड़की की उम्र 17 वर्ष बताई गई और अपहरण की आशंका जताई गई। इसमें सुनील को नामजद किया गया था। लेकिन कोर्ट में पेश हुई युवती ने बताया कि उसकी उम्र 18 वर्ष 2 महीने है और वह स्वेच्छा से अपने प्रेमी के साथ गई थी। केस की अनुसंधानकर्ता पुअनि अंजलि कुमारी को गुप्त सूचना मिली थी कि लड़की वीरपुर गोल चौक पर देखी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ वहां पहुंचकर शुक्रवार की सुबह लड़की को अकेले बरामद किया गया। इसके बाद वरीय पुलिस पदाधिकारी और परिजनों को सूचना दी गई। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर लड़की को बयान दर्ज कराने के लिए न्यायालय में पेश किया गया।
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लड़की बोली- मैं बालिग हूं, अपना फैसला ले सकती हूं
दोपहर बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष 183 बीएनएसएस के तहत बयान के दौरान लड़की ने अपने ही माता-पिता को पहचानने से इनकार कर दिया। उसने कोर्ट में सबूत भी दिया कि वह बालिग है। साथ ही कहा कि वह अपने भले के लिए निर्णय लेने में पूरी तरह सक्षम है। दस्तावेजों के अनुसार, उसकी उम्र 18 साल 2 महीने हो चुकी थी। इससे पहले 180 बीएनएसएस की धारा के तहत महिला पुलिस पदाधिकारी के सामने भी उसने यही बयान दिया था।
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कोर्ट ने दिया ससुराल में रहने का आदेश
शनिवार को न्यायालय के आदेश पर लड़की को मेडिकल टेस्ट के लिए सदर अस्प्ताल लाया गया। लेकिन, उसने मेडिकल कराने से इनकार कर दिया। उसने एक बांड बनाकर दिया कि वह शादी कर चुकी है और उसे मेडिकल नहीं करवाना है। वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। अंततः न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने लड़की को सकुशल उसके ससुराल वालों को सौंप दिया। लड़की के इस फैसले से माता-पिता सदमे में हैं।