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Bihar Caste Census : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जस्टिस ने पटना हाईकोर्ट को दिया ऐसा आदेश

Fri, 28 Apr 2023 04:13 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Fri, 28 Apr 2023 04:13 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने पटना हाईकोर्ट को 3 वर्किंग डे के अंदर अंतिम सुनवाई का निर्देश दिया है। अब पटना हाईकोर्ट में एक मई को अगली सुनवाई होगी।

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Bihar : Hearing on Bihar Cast Census in Supreme Court, instructions to Patna High Court for hearing, Nitish
सु्प्रीम कोर्ट - फोटो : SELF

विस्तार

जातिगत गणना को लेकर नीतीश सरकार को झटका लग सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट को इस मामले में 3 दिन के अंदर सुनवाई कर आदेश पारित करने के लिए कहा है। शुक्रवार को सुप्रीम जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस नरसिम्हा ने 15 मिनट तक इस मामले को सुना। कोर्ट में याचिकाकर्ता ने यह तर्क दिया कि अगर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो याचिकाएं निष्फल हो सकती हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि वर्तमान एसएलपी पर विचार नहीं करते हुए, हम याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत पर जल्द सुनवाई के लिए आवेदन करने की अनुमति देते हैं। कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि आवेदन दाखिल करने के 3 दिनों के भीतर अधिमानतः निर्णय लिया जाना चाहिए। कोर्ट का मानना है कि हमने गुण-दोष के आधार पर कुछ नहीं कहा है और इस पर फैसला उच्च न्यायालय को करना है।

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जस्टिस ने पटना हाईकोर्ट को 3 वर्किंग डे के अंदर सुनवाई का आदेश दिया है। अब पटना हाईकोर्ट में एक मई को अगली सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि वह इस मामले में एक मई तक अंतिम सुनवाई कर अपना फैसला सुनाए। हालांकि, इसके हाईकोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने कहा कि याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र हैं। इसने याचिकाकर्ताओं से सोमवार को अंतरिम राहत मांगने पर पूर्ण और अंतिम सुनवाई के लिए शुक्रवार शाम 4 बजे पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष मामले का उल्लेख करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता यूथ फॉर इक्वेलिटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और बिहार सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही पेश हुए।
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जानिए,  फिर सुप्रीम कोर्ट क्यों गया मामला
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि यह मामला आर्टिकल 32 के तहत नहीं आता है, इसलिए राज्य सरकार से जुड़े होने के कारण इसकी सुनवाई पटना हाईकोर्ट में हो। पटना हाईकोर्ट ने केस को स्वीकार या अस्वीकार करने से पहले दलील सुनने की बात कही थी और 18 अप्रैल की तारीख दी थी। इस तारीख पर फिर 4 मई की तारीख दी गई। जातीय जन-गणना को राज्य सरकार इसी महीने पूरा कराने की तैयारी में है, इसलिए अपीलकर्ताओं ने फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कहा कि जब जनगणना पूरी हो ही जाएगी तो सुनवाई का मतलब नहीं बचेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपील के दो आधारों को मान्य पाते हुए सुनवाई के लिए 28 अप्रैल की तारीख दी थी।

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