बिहार सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था: अब प्रदेश में कारोबार करना आसान, 9 विभागों की 62 सेवाएं एक ही पोर्टल पर
बिहार उद्योग विभाग ने रिवैम्प्ड सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल लॉन्च किया है। अब 9 विभागों की 62 सेवाएं एक प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी। निवेशक जरूरी मंजूरियों की जानकारी, लाइसेंस आवेदन, दस्तावेज अपलोड और आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे।
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बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने कारोबार और निवेश को आसान बनाने के लिए रिवैम्प्ड सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना और स्वीकृति की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने बुधवार को पोर्टल लॉन्च किया। इस दौरान बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के अध्यक्ष सुरेश रूंगटा, उपाध्यक्ष अरविंद निराला, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता समेत विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न उद्योग एवं व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
पोर्टल शुरू होने के बाद 9 विभागों की 62 सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो गई हैं। निवेशक अपने प्रोजेक्ट के लिए जरूरी मंजूरियों की जानकारी ले सकेंगे, लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे, पहले से मिले लाइसेंस अपलोड कर सकेंगे और आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे।
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पोर्टल में Know Your Approval (KYA) मॉड्यूल भी जोड़ा गया है। इसके जरिए निवेशक अपने प्रोजेक्ट के चरण के अनुसार यह पता कर सकेंगे कि उन्हें कौन-कौन सी मंजूरियां लेनी हैं। जरूरी मंजूरियों की सूची से सीधे आवेदन करने की सुविधा भी दी गई है।
इस पोर्टल पर बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन, विधिक माप विज्ञान, जल संसाधन, अग्निशमन, ऊर्जा, पर्यावरण एवं वन, पथ निर्माण तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभागों की सेवाएं उपलब्ध हैं। निवेशकों के लिए Register Your Intent, Strategic Partnership और Investor Facilitation जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। इनके जरिए निवेशक आवेदन करने से पहले संबंधित अधिकारी से संपर्क, अपॉइंटमेंट बुक करने और जरूरी संपर्क जानकारी हासिल कर सकेंगे।
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि नए सिंगल विंडो सिस्टम से मंजूरी की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। निवेशक एक ही प्लेटफॉर्म से अपनी जरूरतों और आवेदन की प्रगति पर नजर रख सकेंगे। उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने कहा कि यह व्यवस्था बिहार में Ease of Doing Business को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य निवेशकों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना और अनावश्यक कागजी व प्रक्रियात्मक जटिलताओं को कम करना है।