Bihar Election 2020: लालू के गढ़ में तेजस्वी की राह आसान नहीं, राघोपुर में भाजपा के ‘जाइंट किलर’ सतीश कुमार से मुकाबला
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बिहार में महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के लिए खुद की सीट पर जीत की राह आसान नहीं होगी। राघोपुर विधानसभा सीट से तेजस्वी का सामना भाजपा के अनुभवी सतीश कुमार से है। हालांकि 2015 में तेजस्वी ने लालू का गढ़ कही जाने वाली राघोपुर सीट से ही चुनावी मैदान में कदम रखा था और जीत दर्ज की थी। राघोपुर सीट यादव बहुल है और लालू यादव यहां से 1995, 2000 और राबड़ी देवी 2005 में चुनाव जीत चुकी हैं।
हालांकि तेजस्वी के प्रतिद्वंद्वी सतीश कुमार को 'जाइंट किलर' कहा जाता है और वह 2010 के चुनाव में राबड़ी देवी को हरा चुके हैं। बीते चुनाव में उन्हें तेजस्वी से हार का सामना करना पड़ा था। तब वह राजद, जदयू, कांग्रेस वाले महागठबंधन के उम्मीदवार थे, जबकि भाजपा अकेले चुनाव लड़ी थी। हालांकि इस बार समीकरण बदल चुके हैं। भाजपा को जदयू का समर्थन है, जबकि राजद के साथ कांग्रेस व वाम दल हैं।
लोजपा की मौजूदगी से त्रिकोणीय मुकाबला
राघोपुर सीट पर तीन नवंबर को मतदान होना है और सीट पर 12 उम्मीदवार मैदान में है। लोजपा ने राकेश रोशन को मैदान में उतारा है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। जहां सतीश विधानसभा क्षेत्र में रोजाना प्रचार कर रहे हैं, तेजस्वी प्रचार में इतना समय नहीं दे पा रहे हैं। 14 अक्तूबर को पर्चा भरने के बाद तेजस्वी ने 29 अप्रैल को यहां जनसभा की थी।
राघोपुर सीट
- कुल मतदाता: 3,36,613
- 1.30 लाख से ज्यादा यादव
- 40 हजार राजपूत
- 22 हजार मुस्लिम
- 18 हजार पासवान
दूसरे चरण के दंगल से साफ होगा सत्ता का रास्ता
दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर मतदान है। इस चरण के दंगल से तय होगा कि राज्य में किसकी सरकार बनने जा रही है। पहले और दूसरे चरण को मिलाकर दो तिहाई उम्मीदवारों की किस्मत तय होने वाली है। तीसरा चरण में जीत-हार का अंतर तय होगा।
दूसरे चरण में जिन 94 सीटों पर चुनाव हैं, उन सीटों पर 2015 में राजद ने 33, जदयू ने 30 और भाजपा ने 20 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को सात सीटों, तो लोजपा को दो और माले व निर्दलीय को एक-एक सीट मिली थी। इस बार महागठबंधन की ओर से राजद 56, कांग्रेस 24, भाकपा माले छह, माकपा चार और भाकपा चार सीटों पर लड़ रही है। राजग की ओर से भाजपा 45, जदयू 43 और वीआईपी छह सीटों पर चुनावी मैदान में है।
जदयू ने 15 नए चेहरों पर लगाया दांव
दूसरे चरण में जदयू ने 15 नए चेहरों पर दांव लगाया है। नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में पार्टी ने राजगीर सीट से हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के बेटे कौशल कुमार को मैदान में उतारा है। हिलसा से जदयू ने कृष्ण मुरारी शरण को मैदान में उतारा है। केसरिया से शालिनी मिश्रा तो फुलपरास से शीला मंडल मैदान में हैं।
पिछले चुनाव में जदयू का कांग्रेस और राजद के साथ गठबंधन था। इस चुनाव में जदयू का भाजपा से गठबंधन है और राजद और कांग्रेस से मुकाबला है। जाहिर है न सिर्फ गठबंधन बदला है बल्कि वोट का समीकरण भी पूरी तरह से बदल गया है। ऐसे में दूसरे चरण का रण सबके लिए करो या मरो जैसी स्थिति वाला है।
इस चरण में लालू के दोनों लाल मैदान में
दूसरे चरण के रण में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के दोनों बेटों तेजस्वी राधोपुर से तो तेजप्रताप हसनपुर से मैदान में हैं। तेजप्रताप ने अपनी महुआ सीट छोड़ दी। इसी तरह भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी, जदयू के चंद्रिका राय भी इसी चरण में चुनावी मैदान में हैं। चंद्रिका राय के लिए उनकी बेटी और लालू प्रसाद की बहू ऐश्वर्या राय चुनाव प्रचार कर रही हैं।