Bihar Election 2020: महागठबंधन का नारा, डबल इंजन की सरकार हटाने के लिए 'ठेठ बिहारी करो तैयारी'
- बिहार और बिहारी की अस्मिता पर तेजस्वी देंगे नीतीश को टक्कर
- लोजपा राजनीतिक पत्ता खुलने के बाद दिलचस्प होगा बिहार विधानसभा चुनाव
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Bihar Election 2020: राष्ट्रीय जनता दल के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को डबल इंजन की सरकार कहकर ताना कसते हैं। तेजस्वी यादव के इस राजनीतिक तंज पर राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहार की अस्मिता का रंग चढ़ा दिया है। लालू प्रसाद ने नारा दिया है, 'ठेठ बिहारी, करो तैयारी'। तेजस्वी यादव का कहना है कि इस नारे के बल पर वह बिहार के लोगों का स्वाभिमान जगाएंगे और कांग्रेस, वामदल तथा राजद के सहयोग से 10 नवंबर के बाद सरकार बनाएंगे।
लोजपा के चिराग पासवान के कदम का है इंतजार
राष्ट्रीय जनता दल के नेता पिछले तीन दिन से चिराग पासवान के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चिराग पासवान का रवैया बर्दाश्त नहीं है। चिराग को संतुलित करने के लिए ही कड़वा घूंट पीकर नीतीश कुमार ने हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी (महादलित समुदाय) को जद (यू) और भाजपा के साथ फिर जोड़ा। यह वही मांझी हैं, जिन्हें नीतीश कुमार ने 2014 के लोकसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कुछ महीनों का मुख्यमंत्री बनाया था। बाद में इस्तीफा ले लिया और मांझी ने नई पार्टी बनाई। मांझी कई साल तक महागठबंधन के साथ रहे, मिलकर लोकसभा चुनाव लड़े और अब एनडीए में शामिल हो गए हैं। राजद के नेताओं को पहले से पता है कि लोजपा एनडीए से अलग हो सकती है।
सुशासन बाबू बिहारियों को बताएं कि 15 साल में क्या किया?
तेजस्वी यादव सवाल पूछते हैं कि 15 साल में मीडिया ने नीतीश कुमार को सुशासन बाबू तो बना दिया, लेकिन उन्होंने किया क्या? वह तो केंद्र सरकार और भाजपा के दबाव में लगातार बिहारियों की अस्मिता से समझौते कर रहे हैं। एलानिया लहजे में तेजस्वी कहते हैं कि बिहार में रोजगार के अवसर आए क्या? कितनी औद्योगिक इकाइयां लगीं? क्या राज्य में कानून-व्यवस्था सुधर गई? विकास के मामले में बिहार अभी भी पिछड़ा क्यों है? तेजस्वी का कहना है कि अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार महागठबंधन में आए थे। अपने स्वार्थ के लिए ही उन्होंने फिर भाजपा के साथ हाथ मिलाया है। इसमें कौन छला गया? बिहार के लोग। तेजस्वी यादव को लग रहा है कि यादव, मुस्लिम, अन्य पिछड़ा वर्ग समेत तमाम लोगों के विश्वास के बूते 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा।
त्रिकोणीय नहीं द्विपक्षीय ही होगा चुनाव
राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, भाजपा और जद (यू) इन चारों दलों के नेताओं का कहना है कि बिहार विधानसभा चुनाव द्विपक्षीय ही होगा। मुंगेर से कांग्रेस के नेता पंकज सिंह का कहना है कि अभी पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने दीजिए। इसके बाद राजनीति की हवा साफ-साफ बहने लगेगी। बताते हैं कि राज्य में पप्पू यादव, उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा ने भले ही बसपा के साथ चुनावी तालमेल बनाया है। इसमे मुकेश साहनी की वीआईपी भी शामिल हो सकती है, लेकिन इससे खास फर्क नहीं पड़ने वाला है। महागठबंधन के नेताओं का मानना है कि बिहार में जद (यू) और भाजपा की पूरी कोशिश तीसरा मोर्चा खड़ा करने की थी। ताकि त्रिकोणीय स्थिति में वोट का बंटवारा हो जाए और एनडीए आसानी से चुनाव जीत जाए, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता काफी नाराज है। कांग्रेस के नेता शकील अहमद को भी बिहार में जमीनी स्तर पर जनता की नाराजगी से ही भरोसा है कि चुनाव रोचक होगा।