जिन्ना का जिन्न: कौन हैं मशकूर उस्मानी जिनपर मचा है सियासी बवाल, ये है उनसे जुड़ा विवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार में विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। लगभग सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं और लोगों को लुभाना भी शुरू कर दिया है। इसी बीच बिहार की सियासत में कांग्रेस के एक उम्मीदवार को लेकर बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस ने दरभंगा की जाले विधानसभा सीट से मशकूर अहमद उस्मानी को टिकट दिया है। इसे लेकर जदयू और भाजपा ने उसे आड़े हाथ लिया है। दरअसल, उस्मानी पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रसंघ अध्यक्ष रहते हुए जिन्ना की तस्वीर को कमरे के अंदर लगाने का आरोप लगा था। उस समय जिन्ना का महिमामंडन करने को लेकर काफी बवाल भी हुआ था।
कौन हैं मशकूर उस्मानी
मशकूर अहमद उस्मानी बिहार के दरभंगा के रहने वाले हैं। उस्मानी को संविधान संशोधन अधिनियम 2019 और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ विरोध करने के लिए जाना जाता है। वे 2017 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। उन्होंने अजय सिंह को 6,719 वोटों से हराया था। 2018 में, उन्होंने भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें एएमयू में आमंत्रित किया था। 2019 में उन्होंने सीएए-एनआरसी, भारतीय नागरिकता अधिनियम, 2019 में संशोधन के खिलाफ अभियान शुरू किया था। उस्मानी को 2020 में हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जाले सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है।
क्या है विवाद
2018 में भाजपा के अलीगढ़ से सांसद सतीश गौतम ने छात्रसंघ के कार्यालय से जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की। उस दौरान मशकूर अहमद उस्मानी एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष थे। भाजपा ने उनपर जिन्ना की तस्वीर हटाए जाने का विरोध करने का आरोप लगाया। अपने बचाव में उस्मानी ने एक बयान जारी कर कहा, 'हम फिर से यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि एएमयू के छात्र किसी भी तरह से मोहम्मद अली जिन्ना या उनकी तस्वीर का बचाव नहीं कर रहे हैं।' 2019 में उस्मानी पर राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के कारण राजद्रोह के आरोप के तहत मामला दर्ज किया गया था। 2020 में ट्विटर ने सफूरा जरगर और मीरान हैदर की गिरफ्तारी को लेकर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की आलोचना करने की वजह से उनके आधिकारिक अकाउंट को निलंबित कर दिया था।
भाजपा ने कांग्रेस को घेरा
मशकूर अहमद को टिकट दिए जाने पर भाजपा नेता प्रेम रंजन पटेल ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी को कभी देश की एकता और अखंडता से मतलब नहीं रहा। उसने देश को विभाजित करने का काम करने वाले के समर्थक को टिकट दिया है। भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को कांग्रेस से पूछा है कि कांग्रेस और महागठबंधन के नेताओं को देश को जवाब देना होगा कि क्या वे भी जिन्ना का समर्थन करते हैं?
गिरिराज ने कहा, 'कांग्रेस और महागठबंधन के नेताओं को देश को जवाब देना होगा कि क्या जाले उम्मीदवार जिन्ना का समर्थन करते हैं। कांग्रेस और महागठबंधन को बताना होगा कि क्या वे भी जिन्ना का समर्थन करते हैं? क्या शरजील इमाम उनके स्टार प्रचारक होंगे?'
कांग्रेस ने दी सफाई
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को अपने उम्मीदवार के जिन्ना समर्थन होने की बात को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के अध्यक्ष थे तो उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था कि एएमयू, संसद और मुंबई उच्च न्यायालयय से जिन्ना की मूर्ति को हटाया जाए। इसपर प्रधानमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के अध्यक्ष जिन्ना की मजार पर मत्था टेके और हमसे सवाल पूछे जा रहे हैं।
सुरजेवाला ने कहा, 'ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नफरत की फैक्ट्री में विवाद की तैयारी कर रही है। हमारे जाले उम्मीदवार ने जिन्ना की विचारधारा का कभी साथ नहीं दिया। जब वह एएमयू के छात्र थे, तो उन्होंने एएमयू, संसद और बॉम्बे उच्च न्यायालय से जिन्ना के चित्र हटाने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने कभी इसका जवाब नहीं दिया।' वहीं कांग्रेस उम्मीदवार ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को लेकर कहा कि हम गांधी की विचारधारा को मानने वाले लोग हैं।