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भाजपा बिहार में नीतीश कुमार को रिटायर कर अपना मुख्यमंत्री चाहती है: असदुद्दीन ओवैसी
Fri, 23 Oct 2020 02:36 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 23 Oct 2020 02:36 PM IST
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Asaduddin Owaisi
- फोटो : ANI
बिहार विधानसभा चुनाव में सियासत पारे ने फिजाओं की गर्मी बढ़ा दी है। सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने रंग में है। चुनावी मौसम में सभी दल अपने-अपने तीर चला रहे हैं। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अब भाजपा अब बिहार में नीतीश कुमार से छुटकारा चाहती है।
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ओवैसी ने बिहार में पीएम मोदी की चुनावी रैली के हवाले से कहा कि भले ही भाजपा और जदयू गठबंधन के तहत मिलकर बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ रहे हों, लेकिन भाजपा को अब बिहार में मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार स्वीकार नहीं हैं। इस बार चुनाव के बाद भाजपा राज्य में सत्ता की कुर्सी पर अपना मुख्यमंत्री बैठाएगी।
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असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "प्रधानमंत्री ने लोजपा का जिक्र नहीं किया। वह एक बार में दो घोड़ों की सवारी करने की कोशिश कर रहे हैं और उनमें से एक पर बिहार का शासन करना चाहता हैं। उन्होंने 19 लाख नौकरियों का वादा करते हुए एक चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है। एक स्पष्ट संकेत है कि भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री चाहती है और नीतीश कुमार को रिटायर करना चाहती है। यह भाजपा और आरएसएस की योजना है।"
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PM didn't mention LJP. He's trying to ride 2 horses at once & wants to rule Bihar on 1 of them. He's released an election manifesto pledging 19 lakh jobs; a clear indication that BJP wants their CM in Bihar & retire Nitish Kumar. This is BJP & RSS's plan: Asaduddin Owaisi, AIMIM pic.twitter.com/68PbzE0lUH
— ANI (@ANI) October 23, 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार राज्य में चुनावी जनसभा को संबोधित किया और एनडीए उम्मीदवारों की जीत के लिए जनता से समर्थन की अपील की। सासाराम डिहरी में शुक्रवार को एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने दिवंगत केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान को अपनी श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "साथियों हाल ही में बिहार ने अपने दो सपूतों को खोया है। मैं राम विलास पासवान जी को श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं, जो आखिरी सांस तक मेरे साथ रहे। उन्होंने गरीबों, दलितों के उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।"
पीएम मोदी ने दिवंगत राजद नेता बाबू रघुवंश प्रसाद को भी याद किया और श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, "बाबू रघुवंश प्रसाद जी ने भी गरीबों के लिए काम किया। उन्हें मैं अपनी श्रद्धांजिल अर्पित करता हूं।"
गौरतलब है कि राम विलास पासवान को श्रद्धांजलि देने के दौरान पीएम ने उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का एक बार भी नाम नहीं लिया। उन्होंने सिर्फ दिवंगत नेता की उपलब्धियों के बारे में बात की। इसे लोजपा के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने रैली में कहा, "जिन लोगों ने एक-एक सरकारी नौकरी को हमेशा लाखों-करोड़ों रुपये कमाने का जरिया माना, वो फिर बढ़ते हुए बिहार को ललचाई नजरों से देख रहे हैं। आज बिहार में पीढ़ी भले बदल गई हो, लेकिन बिहार के नौजवानों को ये याद रखना है कि बिहार को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन थे?"
पीएम मोदी ने कहा, "साथियों आज एनडीए के सभी दल मिलकर आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी बिहार के निर्माण में जुटे हैं। बिहार को अभी भी विकास के सफर में मीलों आगे जाना है। नई बुलंदी की तरफ उड़ान भरनी है।
बिहार में स्वरोजगार के अवसरों के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आज मुद्रा योजना से गरीबों को, महिलाओं को, युवा उद्यमियों को, दुकानदारों को बिना गारंटी का ऋण मिल रहा है। गांवों में जो उद्यमी दीदियों के समूह हैं, उनको बैंकों से मिलने वाली सुविधा बढ़ाई गई है।"
बिहार चुनाव में इस बार एनडीए और महागठबंधन को चुनौती देने के लिए एआईएमआईएम ने ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट (जीडीएस) का गठन किया है, जिसमें कुल छह पार्टियां शामिल हैं। इसे उन्होंने थर्ड फ्रंट का नाम दिया है और यह बिहार में 24 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा थर्ड फ्रंट के नेता और मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।