बिहार: लालू-नीतीश ने फतह किया बिहार, मोदी की करारी हार
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बिहार विधानसभा चुनावों के परिणामों का इंतजार खत्म हुआ, वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझान में बढ़त बनाने वाला भाजपा गठबंधन लालू नीतीश के महागठबंधन से बुरी तरह पिछड़ गया है। इसके साथ ही साफ हो गया है कि नीतीश कुमार पांचवी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले हैं।
अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी सीटों पर आए रुझानों के अनुसार महागठबंधन 180 सीटों पर आगे हैं तो भाजपा गठबंधन मात्र 57 सीटों पर ही आगे दिख रहा है। खास बात ये है कि बिहार में पूरी तरह खत्म बताई जा रही कांग्रेस पार्टी शानदार प्रदर्शन के साथ 25 सीटों पर जीत दर्ज करती दिख रही है।
प्रत्याशियों की बात करें तो यादव के राजनीतिक वारिस कहे जा रहे तेजस्वी यादव राघोपुर सीट पर बड़ी जीत की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। जबकि उनके दूसरे बेटे तेज प्रताप भी महुआ में सबसे आगे हैं।
कांग्रेस ने फहराया परचम 25 सीटों पर आगे
वहीं अभी तक सीट के मामले में आगे चल रही भाजपा अब इस मामले में भी
जेडीयू-राजद से पिछड़ती दिख रही है। राजद को 80, जेडीयू को 72 और भाजपा को
58 सीटें मिलती दिख रही हैं। भाजपा गठबंधन में लोजपा 3, हम 2 और रालोसपा
मात्र 2 सीटों पर ही आगे है।
अगर परिणामों की बात करें तो चुनाव
आयोग द्वारा जारी किए गए आंकडों के अनुसार जेडीयू 13 सीटों, राष्ट्रीय जनता
दल 7 सात सीटों पर जीत दर्ज कर चुका है।
जबकि कांग्रेस पांच सीटों पर जीत
दर्ज कर चुकी है। वहीं भाजपा मात्र पांच सीटों पर ही जीत पाई है। जबकि उसकी
सहयोगी लोजपा और हम मात्र एक एक सीट पर ही जीत दर्ज कर सकी है।
नीतीश के दोबारा सीएम बनने का रास्ता साफ
दूसरी ओर गया से भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदार कहे जा रहे प्रेम कुमार लगातार सातवीं बार अपनी सीट बचाते दिख रहे हैं। पटना साहिब से भाजपा उम्मीदवार नंद किशोर आगे हैं, अपनी पारंपरिक सीट मखदूमपुर से पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी आगे हैं।
इसके अलावा नाक की लड़ाई में इमामगंज सीट पर भी वह विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी को मात देते दिख रहे हैं।
जमुई से विजय प्रकाश, बेतिया से रेणु देवी (कांग्रेस), शिवहर से लवली आनंद (हम), बेनीपट्टी से विनाद नारायण झा राजद, मधुबनी से समीर कुमार राजद, अररिया से अविदुर रहमान कांग्रेस,नरपत गंज से अनिल यादव राजद, सिकटी से विजय कुमार मंडल भाजपा, हाजीपुर से अवधेश सिंह भाजपा, वैशाली से राज किशोर जेडीयू, बेगूसराय से अमिता भूषण कांग्रेस, तेघरा से वीरेन्द्र यादव राजद, खगडिया से पूनम देवी यादव राजद, भागलपुर से अजीत शर्मा कांग्रेस आगे चल रहे हैं।
काम आई नीतीश की सुशासन बाबू वाली छवि
वहीं महागठबंधन के विशाल बहुमत की ओर आता देख पटना में जश्न का दौर शुरू हो गया है। शुरूआत में भाजपा दफ्तर के बाहर खड़े मीडियाकर्मियों के कैमरे जेडीयू और राजद के दफ्तरों की ओर मुड़ गए हैं। पटना में महागठबंधन समर्थकों ने भी तीन दिन पहले ही दिवाली का जश्न शुरू कर दिया है।
परिणामों से साफ दिख रहा है कि बिहार में लोगों ने मोदी के विकास के दावों को एकतरफा कर नीतीश के सुशासन वाले चेहरे पर ही दोबारा विश्वास जताया है। उनके लिए लालू के जंगलराज से ज्यादा नीतीश का सुशासन और विकास का वादा महत्वपूर्ण है।
दूसरी ओर मतगणनना के दौरान एक बात और साफ होती दिखी कि भाजपा का अकेले दम प्रदर्शन तो ठीक ठाक रहा लेकिन उसके सहयोगियों से उसे कोई मदद नहीं मिल सकी। जीतन राम मांझी की हम, पासवान की लोजपा और उपेन्द्र कुशवाहा की आरएलएसपी फिसड्डी ही दिखाई दे रहे हैं।
मखदूमपुर में हारते दिख रहे हैं मांझी
इसके अलावा वारिस नगर से अशोक कुमार (जेडीयू), बखरी से उपेन्द्र पासवान (आरजेडी), बेगूसराय से अमिता भूषण (कांग्रेस), दीघा से संजीव चौरसिया (बीजेपी), मसौढ़ी से रेखा देवी (राजद), पटना साहिब से नंद किशोर यादव (भाजपा), आरा से नवाब आलम (राजद), शाहपुर से राहुल तिवारी (राजद), बक्सर से प्रदीप दूबे (बीजेपी), राजपुर से संतोष कुमार निराला (जेडीयू), मोहनिया से निरंजन राम (बीजेपी), चेनारी से लल्लन पासवान (आरएलएसपी), विजय कुमार चौधरी सरायरंजन (जेडीयू), तरारी से अखिलेश प्रसाद सिंह (कांग्रेस), अब्दुल बारी सिद्दीकी अलीनगर में (राजद) आगे चल रहे हैं।
वहीं लोजपा नेता राम विलास पासवान के भाई पशुपति नाथ पारस अलौली में विपक्षी उम्मीदवार से काफी पीछे चल रहे हैं। मांझी की पार्टी हम के प्रदेश अध्यक्ष शकुनी चौधरी भी पिछड़ते दिख रहे हैं। लोजपा के अजय प्रताप जमुई में, क्योटी से भाजपा के अशोक कुमार क्योटी, जेडीयू के श्रवण कुमार नालंदा से पीछे चल रहे हैं।
इसके अलावा आश्चर्यजनक रूप से अपनी पारंपरिक सीट मखदूमपुर में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी हारते दिख रहे हैं।
39 केंद्रों पर शुरू हुई मतगणना
बता दें कि बिहार चुनावों के परिणामों को लेकर देशभर में जबरदस्त हाइप बनी हुई है। चुनाव आयोग के प्रयासों से मतदान तो शांतिपूर्ण संपन्न हो गए थे इसलिए अब सबकी निगाहें परिणामों पर आ टिकी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अजय नायक ने जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में कुल 39 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। सभी मतगणना केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
चुनाव आयोग द्वारा परिणामों की जानकारी की ऐसी हाइटेक व्यवस्था की गई है कि पल पल की खबर आपको मिलती रहेगी।
मतगणना के हाईटेक इंतजाम
इधर, शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने के बाद चुनाव आयोग की ओर पारदर्शिता के साथ मतगणना की पूरी व्यवस्था की जा चुकी है। सहरसा जिले में दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। मतगणना केंद्रों पर इस बार हाईटेक इंतजाम किए गए हैं।
किसी भी चूक से बचने के लिए सभी मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अजय नायक ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया को सुपरवाइज करने के लिए ऑब्जर्वर भी तैनात रहेंगे।
मतगणना पर नजर रखने के लिए कुल 243 ऑब्जर्बर तैनात किए गए हैं। मतगणना काम से जुडे़ सभी कर्मियों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है।
मतगणना केंद्रों को सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के हथियारबंद जवानों के हवाले कर दिया गया है। मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए 70 कंपनी सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।