Bihar : आशियाना-दीघा रोड पर दो दर्जन परिवारों का आशियाना खाक, दो बच्चों की मौत की अफवाह पर उपद्रव, पथराव
Stone pelting in Patna : आशियाना-दीघा रोड पर राजीवनगर थाने के पास गुरुवार को सुबह दो दर्जन झोपड़ियों में आग से दो बच्चों की मौत की अफवाह पर लोगों ने जमकर पथराव और हंगामा किया। कोई मौत नहीं हुई, लेकिन हंगामा ढाई घंटे चला।
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पटना में दीघा-आशियाना रोड पर राजीवनगर थाना से 300 मीटर पहले सड़क किनारे बसी झुग्गी-झोपड़ियों में गुरुवार सुबह करीब 10 बजे आग लग गई। करीब एक घंटे के अंदर 20 से 22 झुग्गी झोपड़ी जलकर राख हो गईं। इसमें आधा दर्जन से अधिक सिलेंडर ब्लास्ट हुए। जब तक फायर ब्रिगेड की टीम आती, तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया था। यह भी कहा जा रहा है कि दो परिवारों के बीच झंझट के बाद किसी ने आग लगा दी। दो बच्चे मिसिंग बताए जा रहे थे, हालांकि बाद में दोनों मिल गए। लेकिन,इससे पहले बच्चों समेत तीन मौतों की अफवाह पर यहां के लोगों ने दीघा-आशियाना रोड पर जमकर उपद्रव किया। एक घंटे तक लोग पथराव करते रहे।
कोई भी जानकारी पक्की नहीं थी, मगर लोगों का गुस्सा ऐसा था कि सड़क पर अंधाधुंध पथराव करते रहे। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे से जबरदस्त हंगामा शुरू हुआ और इधर से आवाजाही करने वालों को भी नहीं बख्शा गया। करीब साढ़े 12 बजे तक यह हंगामा चला।
आधा दर्जन से ज्यादा सिलेंडर धमाके
आग की शुरुआत कहां से हुई, यह बताने वाला कोई नहीं। लोग बता रहे हैं कि झोपड़ियों में आग लगनी शुरू हुई और फिर अंदर रखे गैस सिलेंडरों के फटने से यह आग बहुत तेजी के साथ बढ़ गई। आधा दर्जन से ज्यादा सिलेंडर धमाके बताए जा रहे हैं। दमकल की छह गाड़ियों ने दोपहर बाद करीब एक बजे आग की राख को ठंडा किया।
हंगामे के बीच महिलाओं के रोने की आवाज
नेपाली नगर के आसपास के इस हिस्से में सड़क किनारे झोपड़ियां थीं। आग की वजह भले कोई नहीं बता पा रहा, लेकिन अपने दर्द की कहानियां सभी की जुबान पर है। महिलाएं रोती रहीं, क्योंकि उनका पूरा आशियाना उजड़ गया। जिन दो परिवारों के बच्चे नहीं मिल रहे थे, वह जली झोपड़ियों के साथ भीड़भाड़ में भी उन्हें तलाशते रहे। एक बच्चा करीब एक घंटे की खोज के बाद दूर नाला पार खेलता मिला। कुछ देर बाद दूसरा भी मिल गया।
सूचना मिलते ही राजीव नगर थाने की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन पथराव के कारण उसे भी स्थिति संभालने में वक्त लगा। अग्निपीड़ित लोगों का कहना है कि इन झोपड़ियों में करीब 90 से अधिक लोग रहते थे। अगलगी में हमारा सब कुछ जलकर राख हो गया। दमकल की गाड़ी अगर समय से आ गई रहती तो इतना नुकसान नहीं हुआ होता।
दोनों बच्चों के मिलने के बाद हंगामा शांत हुआ तो पुलिस-प्रशासन के कहने पर लोग पीड़ित लोगों की सूची बनाने में जुटे। घटनास्थल पर मिली फूलकुमारी देवी ने कहा कि बेटा-बहू काम पर निकल गए थे और मैं पोते को खाना खिला रही थी कि अचानक घर में आग लग गई। जब तक कुछ समझ पाती, तब तक आसपास के घरों में भी आग फैली दिखी। किसी तरह वहां से जान बचाकर भागी। करीब 1 घंटे के अंदर सबकुछ जलकर राख हो गया। सभी के सिलेंडर फट गए। पिंटू दास का बेटा
और उसके पड़ोस का एक बच्चा गायब था। दोनों मिल गए।