फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   bihar cm Nitish kumar child heart surgery scheme saves 1828 lives

Bihar News: मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना बनी वरदान, नीतीश सरकार की पहल से हजारों मासूमों को मिली संजीवनी

Tue, 10 Jun 2025 10:08 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Tue, 10 Jun 2025 10:08 AM IST
सार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना बिहार में दिल में छेद जैसी गंभीर जन्मजात बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का नि:शुल्क हृदय उपचार और सर्जरी की सुविधा दी जा रही है। 

 

विज्ञापन
bihar cm Nitish kumar child heart surgery scheme saves 1828 lives
नीतीश कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

"मेरा बच्चा मासूम है, उसके हृदय में छेद है, मेरे पास इतने पैसे कहां हैं, जो इसका इलाज करा पाऊंगी।" ऐसे लाचार शब्द अब बिहार में बीते दिनों की बात हो गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना ने न सिर्फ मासूम बच्चों को नया जीवन दिया है, बल्कि कई टूटते घरों को फिर से संजीवनी दी है।
विज्ञापन


दिल के मरीज बच्चों को मुफ्त इलाज का तोहफा
राज्य सरकार की इस योजना के तहत बिहार में हृदय रोग से पीड़ित 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का नि:शुल्क उपचार और शल्य चिकित्सा कराई जाती है। वित्तीय वर्ष 2024 25 में अब तक 763 बच्चों का सफल ऑपरेशन हो चुका है। अब ये बच्चे सामान्य जीवन जी रहे हैं और उनके घरों में एक बार फिर से खुशियां लौट आई हैं।
विज्ञापन


चार वर्षों में 1,828 बच्चों को मिला नया जीवन
मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत वर्ष 2021 से अब तक 1,828 बच्चों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। इनमें से 1,391 बच्चों की सर्जरी अहमदाबाद स्थित श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल में कराई गई। योजना की शुरुआत 5 जनवरी, 2021 को सात निश्चय पार्ट 2 के तहत की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम को पटना के थाने में रखा गया, मेघालय पुलिस ले जाएगी गुवाहाटी

स्पेशल सेंटर और हेल्थ कैंप का भी लाभ
पटना के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान और इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान को विशेष केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। अब तक राज्य में 9 स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें हजारों बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।


हर पहलू का खर्च उठाती है सरकार
इस योजना के तहत बच्चों की शुरुआती जांच, यात्रा खर्च, अस्पताल में भर्ती से लेकर ऑपरेशन तक का पूरा खर्च बिहार सरकार वहन करती है। एक अध्ययन के मुताबिक हर 1,000 नवजात में से 9 बच्चे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित होते हैं, जिनमें से 25% को पहले वर्ष में सर्जरी की जरूरत पड़ती है।

अब वयस्कों को भी मिलेगा लाभ
जल्द ही 18 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोगों को भी इस योजना के तहत निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी, जो दिल में छेद की बीमारी से ग्रसित हैं। इसके लिए श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल, अहमदाबाद में इलाज की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और शीघ्र ही इसे लागू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed