बिहार: गांधी संग्रहालय की दीवार पर विवादित टिप्पणी से बवाल, लोगों ने CCTV खंगालने की मांग की
मोतिहारी के नगर थाना क्षेत्र में नरसिंह बाबा मंदिर के पास स्थित गांधी संग्रहालय की दीवार पर अज्ञात लोगों द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणियां लिखे जाने का मामला सामने आया है। इनमें ‘आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है’ जैसी टिप्पणी लिखे जाने की बात कही जा रही है।
विस्तार
चंपारण सत्याग्रह की ऐतिहासिक धरती मोतिहारी में गांधी संग्रहालय की दीवार पर आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी लिखे जाने का मामला सामने आया है। नगर थाना क्षेत्र में नरसिंह बाबा मंदिर के पास स्थित गांधी संग्रहालय की दीवार पर अज्ञात लोगों ने कई तरह की टिप्पणियां लिख दीं। इनमें ‘आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है’ जैसी टिप्पणी लिखे जाने की बात सामने आई है। दीवार पर इस तरह का विवादित लेखन मिलने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
गांधी संग्रहालय का चंपारण सत्याग्रह से जुड़ा है इतिहास
गांधी संग्रहालय चंपारण सत्याग्रह और महात्मा गांधी के मोतिहारी प्रवास से जुड़ा महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। यहां सत्याग्रह से जुड़े चित्र, दस्तावेज और अन्य स्मृतियां संरक्षित हैं। परिसर में गांधी स्मारक स्तंभ भी मौजूद है। ऐसे ऐतिहासिक स्थल की दीवार पर राजनीतिक और विवादित टिप्पणी लिखे जाने को स्थानीय लोगों ने गंभीर मामला बताया है।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांधी संग्रहालय जैसे सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थल की दीवार किसी भी तरह के राजनीतिक संदेश या विवादित लेखन के लिए नहीं है। लोगों ने आशंका जताई कि इस तरह की गतिविधि से इलाके का सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है।
लोगों ने प्रशासन से दीवार पर लिखी गई आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल हटाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने पुलिस से गांधी संग्रहालय के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि दीवार पर टिप्पणी लिखने वाले लोग कौन थे और यह घटना कब हुई।
अभी पुलिस-प्रशासन का आधिकारिक बयान नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दीवार पर विवादित टिप्पणी कब लिखी गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से भी मामले में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए। गांधी संग्रहालय की दीवार पर लिखी गई टिप्पणी को लेकर अब लोगों की नजर पुलिस जांच पर है।