{"_id":"67ff249ea86756a4790a0e34","slug":"bihar-clerk-was-exploiting-education-department-official-assaulted-sheikhupura-bihar-police-investigation-2025-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : '13 साल से यौन शोषण कर रहा क्लर्क'- बिहार में शिक्षा विभाग के कर्मी पर अफसर ने लगाया बड़ा आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : '13 साल से यौन शोषण कर रहा क्लर्क'- बिहार में शिक्षा विभाग के कर्मी पर अफसर ने लगाया बड़ा आरोप
Wed, 16 Apr 2025 09:01 AM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शेखपुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शेखपुरा
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 16 Apr 2025 09:01 AM IST
सार
सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष भगवान राम ने बताया कि पीड़ित अधिकारी के बयान पर केस दर्ज कर लिया गया है। इसमें दो लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। कुछ लोगों से पूछताछ चल रही है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
सू्र्यगढ़ा थाने की पुलिस जांच में जुट गई है।
विस्तार
शिक्षा विभाग की एक पदाधिकारी ने स्थापना शाखा के लिपिक कमाल अशरफ पर 13 साल तक यौन शोषण, धर्मांतरण के लिए प्रताड़ना और शादी का झांसा देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने सूर्यगढ़ा थाने में शनिवार को शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि पांच जुलाई 2012 को कमाल अशरफ ने खुद को सुमित कुमार बताकर शादी का झांसा दिया और अपने साथ ले गया। उस समय उसकी उम्र 16 साल थी।
शिक्षा विभाग की पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि कमाल अशरफ ने उसे जमुई और आसनसोल ले जाकर यौन शोषण किया। दो साल बाद जब वह बालिग हुई, तो आरोपी ने सुमित कुमार के नाम से शादी की बात स्वीकार करवाई और न्यायालय में बयान दर्ज कराया। इसके बावजूद शादी नहीं की। उसे परिवार से मिलने नहीं दिया गया। इस दौरान पीड़िता ने एक बेटे को जन्म दिया। शादी के लिए दबाव डालने पर आरोपी ने अपनी असली पहचान बताई और कहा कि शादी तभी करेगा जब वह धर्म बदल लेगी। मंदिर जाने पर मारपीट करता था। नमाज पढ़ने और मांसाहार खाने का दबाव बनाता था। 12 सितंबर 2024 को नमाज से इनकार करने पर पीटा, जिससे उसके बाएं हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। बच्चे के साथ भी मारपीट की।
तीन सादे चेक पर जबरन हस्ताक्षर कराए
20 फरवरी 2025 को कमाल अशरफ तीन लोगों के साथ आया। उसने प्राथमिक विद्यालय मकतव, बालगुदर के शिक्षक इब्राहिम अहमद उर्फ शमशाद आलम के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। दोनों ने मिलकर पीड़िता से मारपीट की। पीड़िता ने पढ़ाई पूरी कर शिक्षा विभाग में पदाधिकारी पद पर योगदान दिया। इसके बाद कमाल अशरफ ने उससे तीन सादे चेक पर जबरन हस्ताक्षर कराए। एक चेक से अंकित कुमार के नाम पर 49 हजार रुपए निकाले गए।
विज्ञापन
केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
कमाल अशरफ शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा में प्रतिनियुक्त है। हाल ही में भ्रष्टाचार के मामले में उसका नाम सामने आया। इसके बाद उसे पब्लिक उच्च विद्यालय सूर्यगढ़ा में वापस भेजा गया। फाइलों का प्रभार अभी नहीं सौंपा गया, इसलिए वह अब भी स्थापना शाखा में कार्यरत है। सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष भगवान राम ने बताया कि पीड़िता के बयान पर कमाल अशरफ, शिक्षक इब्राहिम अहमद उर्फ शमशाद आलम और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है।
पशुपति पारस को फिर झटका, कांग्रेस ने बता दिया- महागठबंधन में कितने दल हैं
विज्ञापन
शिक्षा विभाग की पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि कमाल अशरफ ने उसे जमुई और आसनसोल ले जाकर यौन शोषण किया। दो साल बाद जब वह बालिग हुई, तो आरोपी ने सुमित कुमार के नाम से शादी की बात स्वीकार करवाई और न्यायालय में बयान दर्ज कराया। इसके बावजूद शादी नहीं की। उसे परिवार से मिलने नहीं दिया गया। इस दौरान पीड़िता ने एक बेटे को जन्म दिया। शादी के लिए दबाव डालने पर आरोपी ने अपनी असली पहचान बताई और कहा कि शादी तभी करेगा जब वह धर्म बदल लेगी। मंदिर जाने पर मारपीट करता था। नमाज पढ़ने और मांसाहार खाने का दबाव बनाता था। 12 सितंबर 2024 को नमाज से इनकार करने पर पीटा, जिससे उसके बाएं हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। बच्चे के साथ भी मारपीट की।
विज्ञापन
तीन सादे चेक पर जबरन हस्ताक्षर कराए
20 फरवरी 2025 को कमाल अशरफ तीन लोगों के साथ आया। उसने प्राथमिक विद्यालय मकतव, बालगुदर के शिक्षक इब्राहिम अहमद उर्फ शमशाद आलम के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। दोनों ने मिलकर पीड़िता से मारपीट की। पीड़िता ने पढ़ाई पूरी कर शिक्षा विभाग में पदाधिकारी पद पर योगदान दिया। इसके बाद कमाल अशरफ ने उससे तीन सादे चेक पर जबरन हस्ताक्षर कराए। एक चेक से अंकित कुमार के नाम पर 49 हजार रुपए निकाले गए।
विज्ञापन
केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
कमाल अशरफ शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा में प्रतिनियुक्त है। हाल ही में भ्रष्टाचार के मामले में उसका नाम सामने आया। इसके बाद उसे पब्लिक उच्च विद्यालय सूर्यगढ़ा में वापस भेजा गया। फाइलों का प्रभार अभी नहीं सौंपा गया, इसलिए वह अब भी स्थापना शाखा में कार्यरत है। सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष भगवान राम ने बताया कि पीड़िता के बयान पर कमाल अशरफ, शिक्षक इब्राहिम अहमद उर्फ शमशाद आलम और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है।
पशुपति पारस को फिर झटका, कांग्रेस ने बता दिया- महागठबंधन में कितने दल हैं