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बीफार्मा अभ्यर्थियों का प्रदर्शन: मुख्यमंत्री आवास मार्च के लिए कहां पर जुटे, सरकार से क्या गुहार लगा रहे हैं?

Fri, 09 Oct 2026 12:32 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Fri, 09 Oct 2026 12:32 PM IST
सार

बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थियों के अलावा बीफार्मा योग्यताधारी भी गांधी मैदान में जुटे हैं। इन लोगों ने भी आज गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च की तैयारी की है। लेकिन, पटना पुलिस पहले से ही यहां पर्याप्त संख्या में तैनात है। 

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Bihar B.Pharm Candidates Protest in Patna, Demand Inclusion in Pharmacist Recruitment
पटना के गांधी मैदान में जुटे अभ्यर्थी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पटना में फार्मासिस्ट भर्ती में बीफार्मा योग्यताधारी अभ्यर्थियों को शामिल करने की मांग तेज हो गई है। इसी मांग को लेकर शुक्रवार को फार्मा अभ्यर्थी गांधी मैदान के पास जुटने लगे और मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च करने की तैयारी की। गांधी मैदान में पहले से तैनात पटना पुलिस ने अभ्यर्थियों को रोकने की कोशिश की। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और आरएएफ के जवानों की तैनाती की गई है। अभ्यर्थी छह अक्तूबर से पटना के गर्दनीबाग में अनशन और धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन की ओर से मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखने के लिए मार्च निकालने का निर्णय लिया। इससे पहले अभ्यर्थियों ने धरनास्थल पर कैंडल मार्च निकालकर भी सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की थी।

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भर्ती नियमावली में संशोधन की प्रमुख मांग
बीफार्मा अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि बिहार के स्वास्थ्य विभाग की फार्मासिस्ट भर्ती नियमावली में संशोधन कर बीफार्मा योग्यताधारियों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। इसके साथ ही वे श्रम विभाग और गृह विभाग की फार्मासिस्ट भर्ती नियमावली में भी बदलाव चाहते हैं, ताकि इन विभागों की भर्तियों में उन्हें अवसर मिल सके। अभ्यर्थियों ने भारत के राजपत्र में प्रकाशित ‘फार्मासिस्ट भर्ती, पदोन्नति और सेवा विनियम, 2025’ का बिहार में अनुपालन कराने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि बीफार्मा योग्यताधारियों के लिए फार्मेसी ऑफिसर और ड्रग इन्फॉर्मेशन ऑफिसर जैसे पद सृजित कर उनकी बहाली की जाए।
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नियमावली की प्रतियां फाड़कर जताया विरोध
अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे बीफार्मा अभ्यर्थियों ने बिहार फार्मासिस्ट संवर्ग नियमावली, 2014 और 2024 की प्रतियां फाड़कर और जलाकर विरोध जताया। अभ्यर्थियों का कहना है कि मौजूदा नियमों में बदलाव कर उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप भर्ती के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
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बोले अभ्यर्थी- आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं
मार्च से पहले अभ्यर्थियों ने साथियों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि यह प्रदर्शन किसी व्यक्ति, डीफार्मा योग्यताधारी अभ्यर्थी या किसी संगठन के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य किसी को नीचा दिखाना या आंदोलन को राजनीतिक रूप देना भी नहीं है। अभ्यर्थियों ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि अपने अधिकार और भविष्य के लिए है। वे चाहते हैं कि उनकी मांग सरकार तक पहुंचे और फार्मासिस्ट भर्ती में बीफार्मा योग्यताधारियों को शामिल करने पर निर्णय लिया जाए।

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25 हजार बीफार्म अभ्यर्थी 2473 पदों पर निकली बहाली में शामिल नहीं हो पाए
अर्जेश राज ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 2024 में फार्मासिस्ट भर्ती नियमावली में संशोधन कर बीफार्म योग्यताधारी अभ्यर्थियों को भर्ती से बाहर कर दिया था। इसके कारण बिहार के करीब 25 हजार बीफार्म अभ्यर्थी 2,473 पदों पर निकली बहाली में शामिल नहीं हो सके और 1,600 पद खाली रह गए। उन्होंने कहा कि फार्मेसी अधिनियम, 1948 की धारा 42 के तहत राज्य फार्मेसी काउंसिल में निबंधित फार्मासिस्टों की भूमिका निर्धारित है। बीफार्म और डीफार्म दोनों योग्यताधारी अभ्यर्थी यदि काउंसिल में निबंधित हैं, तो उन्हें भी अवसर मिलना चाहिए। अभ्यर्थियों का दावा है कि 1999 और 2006 की नियमित तथा 2013 और 2016 की संविदा बहालियों में बीफार्म योग्यताधारियों को मौका मिला था और वे अब भी कार्यरत हैं। छात्र नेता दिव्यांशु राज और विमल कुमार ने भी भर्ती नियमों में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि रेलवे, एम्स, ईएसआईसी, सेना और अन्य राज्यों में फार्मासिस्ट भर्ती के मानकों की तुलना में बिहार के नियमों पर पुनर्विचार होना चाहिए।

फार्मेसी ऑफिसर के पद भी सृजित करने की मांग कर रहे अभ्यर्थी
रवि रंजन कुमार ने मांग की कि भारत के राजपत्र में 10 जून 2026 को प्रकाशित फार्मासिस्ट भर्ती, पदोन्नति और सेवा विनियम, 2025 को बिहार में जल्द लागू किया जाए। उनके अनुसार, इस विनियम का उद्देश्य फार्मासिस्टों की भर्ती, शैक्षणिक योग्यता, वेतन स्तर, पदोन्नति और कार्य-दायित्वों में देशभर में एकरूपता लाना है। जयकरण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार को इसके अनुरूप भर्ती नियमावली और पदोन्नति संवर्ग तैयार करना चाहिए। फार्मासिस्ट अभिमन्यु कश्यप ने बताया कि विनियम लागू होने से फार्मासिस्ट निदेशालय और स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त निदेशक जैसे पदों के सृजन का रास्ता खुल सकता है। अभ्यर्थियों की मांग है कि बीफार्म योग्यताधारियों को फार्मासिस्ट भर्ती में शामिल करने के साथ उनके लिए फार्मेसी ऑफिसर के पद भी सृजित किए जाएं।

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