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स्टाइपेंड योजना: नए वकीलों को कब तक कितने रुपये मिलेंगे? सीएम सम्राट ने दिए चेक; एसडी संजय ने दी सारी जानकारी
Thu, 05 Nov 2026 09:48 AM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Thu, 05 Nov 2026 09:48 AM IST
सार
Bihar Advocates Stipend Scheme: बिहार में वकालत शुरू करने वाले युवा अधिवक्ताओं के लिए काम की खबर है। बिहार सरकार अब इन युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक मदद देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्टाइपेंड योजना की शुरुआत की है। इसके तहत चयनित वकीलों को हर महीने पैसे मिलेंगे। पहले चरण में 160 अधिवक्ताओं के आवेदन मंजूर किए गए हैं।
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सीएम सम्राट चौधरी ने शुरू की स्टाइपेंड योजना।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में वकालत की शुरुआत करने वाले युवा अधिवक्ताओं को अब आर्थिक परेशानियों से जूझना नहीं पड़ेगा। राज्य सरकार ने नए वकीलों को प्रोत्साहित करने के लिए स्टाइपेंड योजना शुरू कर दी है। इसके तहत चयनित अधिवक्ताओं को तीन वर्षों तक हर महीने पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। बुधवार को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस योजना का शुभारंभ किया। पहले चरण में 160 अधिवक्ताओं को लाभ देने के लिए चुना गया है। कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से पांच-पांच लाभुकों को अतिथियों के हाथों चेक प्रदान किए गए।
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महाधिवक्ता एसडी संजय ने इस योजना को बिहार के अधिवक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा करके दिखाया है। वकालत के पेशे में शुरुआती समय काफी चुनौतीपूर्ण होता है। इस दौरान अधिवक्ताओं को आमदनी की तुलना में खर्च अधिक करना पड़ता है। ऐसे में हर महीने पांच हजार रुपये की सहायता नए वकीलों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
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एक जनवरी 2024 के बाद वकालत शुरू करने वाले अधिवक्ताओं को मिलेगा लाभ
महाधिवक्ता एसडी संजय ने बताया कि इस योजना का लाभ उन अधिवक्ताओं को मिलेगा, जिन्होंने एक जनवरी 2024 के बाद वकालत के पेशे में प्रवेश किया है और अपना नामांकन कराया है। सरकार की ओर से उन्हें लगातार तीन वर्षों तक हर महीने पांच हजार रुपये स्टाइपेंड देने का प्रावधान किया गया है। योजना का मकसद युवा अधिवक्ताओं को शुरुआती दौर में आर्थिक संबल देना और उन्हें वकालत के पेशे में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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22 से 32 वर्ष उम्र और 12 लाख से कम होनी चाहिए सालाना आय
महाधिवक्ता ने कहा कि योजना का लाभ देने के लिए सरकार ने कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की हैं। आवेदन करने वाले अधिवक्ता की उम्र 22 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उनकी सालाना आय 12 लाख रुपये से कम होनी जरूरी है। इसके साथ ही अधिवक्ता का वकालत के पेशे में सक्रिय होना अनिवार्य है। ऐसे आवेदकों को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा, जिन्होंने अधिवक्ता के रूप में नामांकन तो करा लिया है, लेकिन किसी दूसरी नौकरी या व्यापार में लगे हुए हैं। इसके अलावा आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा नहीं होना चाहिए और उसकी छवि भी साफ होनी चाहिए।
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नए वकील को चेक सौंपते महाधिवक्ता एसडी संजय।
- फोटो : अमर उजाला
बिहार के किसी भी जिले में प्रैक्टिस करने वाले कर सकते हैं आवेदन
महाधिवक्ता एसडी संजय ने बताया कि बिहार के किसी भी जिले में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के आवेदन पर विचार किया गया है। पटना हाईकोर्ट या राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों में वकालत करने वाले युवा भी इसके पात्र हैं। हालांकि, इसके लिए किसी सक्षम अधिवक्ता संगठन या एसोसिएशन का सदस्य होना जरूरी है। योजना के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद 160 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है।
प्रतीकात्मक रूप से पांच-पांच अधिवक्ताओं को मिले चेक
योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अन्य अतिथियों ने चयनित अधिवक्ताओं को चेक प्रदान किए। अतिथियों के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए प्रतीकात्मक रूप से पांच-पांच लाभुक अधिवक्ताओं को मंच से चेक सौंपे गए। कार्यक्रम में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव, विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर और महाधिवक्ता एसडी संजय समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राम बालक महतो के नाम पर हुआ सभागार का उद्घाटन
इस मौके पर महाधिवक्ता कार्यालय में पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय राम बालक महतो की स्मृति में सभागार का नामकरण भी किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'राम बालक महतो स्मृति सभागार' का उद्घाटन किया और उनके चित्र का अनावरण किया। कार्यक्रम में अपर महाधिवक्ता सुबोध कुमार झा, मौर्य विजय चंद्र, सुनील कुमार मंडल, आलोक कुमार अग्रवाल, आप्त सचिव आकाश दीप, उप सचिव जटा शंकर झा समेत अन्य अधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।
महाधिवक्ता एसडी संजय ने बताया कि बिहार के किसी भी जिले में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के आवेदन पर विचार किया गया है। पटना हाईकोर्ट या राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों में वकालत करने वाले युवा भी इसके पात्र हैं। हालांकि, इसके लिए किसी सक्षम अधिवक्ता संगठन या एसोसिएशन का सदस्य होना जरूरी है। योजना के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। जांच के बाद 160 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है।
प्रतीकात्मक रूप से पांच-पांच अधिवक्ताओं को मिले चेक
योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अन्य अतिथियों ने चयनित अधिवक्ताओं को चेक प्रदान किए। अतिथियों के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए प्रतीकात्मक रूप से पांच-पांच लाभुक अधिवक्ताओं को मंच से चेक सौंपे गए। कार्यक्रम में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव, विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर और महाधिवक्ता एसडी संजय समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राम बालक महतो के नाम पर हुआ सभागार का उद्घाटन
इस मौके पर महाधिवक्ता कार्यालय में पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय राम बालक महतो की स्मृति में सभागार का नामकरण भी किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'राम बालक महतो स्मृति सभागार' का उद्घाटन किया और उनके चित्र का अनावरण किया। कार्यक्रम में अपर महाधिवक्ता सुबोध कुमार झा, मौर्य विजय चंद्र, सुनील कुमार मंडल, आलोक कुमार अग्रवाल, आप्त सचिव आकाश दीप, उप सचिव जटा शंकर झा समेत अन्य अधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।