फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bhagalpur News ›   PM Modi Bihar visit: Inauguration of STP in Bhagalpur and Kahalgaon postponed

पीएम मोदी का बिहार दौरा: भागलपुर और कहलगांव में एसटीपी का उद्घाटन टला, जानिए वजह

Thu, 19 Jun 2025 02:37 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 19 Jun 2025 02:37 PM IST
सार

Bihar: कहलगांव में प्रोजेक्ट का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। सात किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है। पांच प्रस्तावित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशनों (आईपीएस) में से केवल काली घाट का काम पूरा हुआ है, जबकि राजघाट, बाबू टोला, पुराना बर्निंग घाट, डंपिंग यार्ड और पंपू घाट पर बनने वाले शेष चार आईपीएस विभागीय एनओसी के अभाव में अब भी लंबित हैं।

विज्ञापन
PM Modi Bihar visit: Inauguration of STP in Bhagalpur and Kahalgaon postponed
एसटीपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 20 जून को प्रस्तावित बिहार दौरा अब भागलपुर और कहलगांव के लिए उतना खास नहीं रहेगा, जितनी उम्मीद की जा रही थी। कारण यह है कि इन दोनों शहरों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की परियोजनाएं उद्घाटन सूची से बाहर कर दी गई हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना के अनुसार, कार्य अधूरा होने के चलते इन परियोजनाओं को उद्घाटन योग्य नहीं माना गया।

विज्ञापन

प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान बिहार के कई शहरों में जलापूर्ति और सीवरेज से जुड़ी योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास होना है। इस सूची में पहले भागलपुर, कहलगांव, मोकामा, फतुहा, बेगूसराय, बख्तियारपुर, पटना के दीघा और कंकड़बाग जोन शामिल थे। लेकिन अब भागलपुर और कहलगांव की एसटीपी परियोजनाओं को अंतिम समय में सूची से हटा दिया गया है।

विज्ञापन

भागलपुर स्मार्ट सिटी के तहत 385 करोड़ रुपये की लागत से एसटीपी परियोजना दिसंबर 2021 में शुरू हुई थी। बुडको (बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) ने इसे जून 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया था। लेकिन विभागीय उदासीनता, एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) में विलंब और तकनीकी बाधाओं के कारण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका।

विज्ञापन
विज्ञापन

बुडको के कार्यपालक अभियंता अखिलेश कुमार ने कहा कि हमारा पूरा प्रयास था कि जून तक एसटीपी का काम पूरा कर लिया जाए, लेकिन तकनीकी कारणों और कुछ आवश्यक एनओसी न मिलने के कारण कार्य में देरी हुई है। जल्द ही वरीय अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य किया जाएगा। कहलगांव नगर पंचायत क्षेत्र में 48.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एसटीपी प्रोजेक्ट को 2019 में मंजूरी मिली थी, लेकिन कार्य की शुरुआत फरवरी 2024 में हुई। इसे सितंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

सूत्रों के अनुसार, कहलगांव में प्रोजेक्ट का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। सात किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है। पांच प्रस्तावित इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशनों (आईपीएस) में से केवल काली घाट का काम पूरा हुआ है, जबकि राजघाट, बाबू टोला, पुराना बर्निंग घाट, डंपिंग यार्ड और पंपू घाट पर बनने वाले शेष चार आईपीएस विभागीय एनओसी के अभाव में अब भी लंबित हैं। इस परियोजना की जिम्मेदारी नोएडा की सीमा लैब कंपनी और स्थानीय स्तर पर श्रीजा इंटरप्राइजेज को सौंपी गई है।

पढ़ें: नवादा में लापता किशोर की लाश मिली, हत्या की आशंका; परिजनों ने दोस्त पर लगाया आरोप

सूत्रों के अनुसार, विभागीय उदासीनता और एनओसी में देरी के कारण कहलगांव और भागलपुर की परियोजनाएं अब तय समय पर उद्घाटन योग्य नहीं रह गई हैं। लिहाजा, इन दोनों शहरों के नागरिकों को गंगा की स्वच्छता और बेहतर सीवरेज सुविधा के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को बिहार में 7170 करोड़ रुपये की जलापूर्ति और सीवरेज से जुड़ी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। लेकिन अब भागलपुर और कहलगांव की बहुप्रतीक्षित एसटीपी परियोजनाएं इस ऐतिहासिक घोषणा से बाहर हो गई हैं।

गंगा की स्वच्छता और बेहतर शहरी सीवरेज व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर परियोजनाओं की धीमी प्रगति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की उलझन इस दिशा में बड़ी बाधा बन रही है। फिलहाल, भागलपुर और कहलगांव को अपने एसटीपी का सपना साकार होते देखने के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed