Bihar: अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल पीरपैंती स्टेशन की छत से टपका पानी; पहली बारिश में ही खुल गई पोल
Bihar: पीरपैंती स्टेशन को आधुनिक स्वरूप देने के लिए करीब 18.93 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया गया था। ऐसे में उद्घाटन के तुरंत बाद ही इस तरह की खामी सामने आना, निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही और परियोजना में संभावित अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
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मालदा रेल मंडल के तहत आने वाला पीरपैंती रेलवे स्टेशन, जो हाल ही में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकसित किया गया है, उद्घाटन के कुछ ही घंटों बाद अपनी 'गुणवत्ता' की पोल खोल बैठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन 22 मई को किया था। लेकिन महज एक दिन बाद हुई बारिश ने स्टेशन की छत से पानी टपकने की तस्वीरें और वीडियो सामने ला दीं, जिससे यात्री और स्थानीय लोग हैरान रह गए।
पहली बारिश में ही बह निकला तामझाम
स्टेशन परिसर में बारिश के दौरान मुख्य भवन की छत और दीवारों से पानी रिसता देखा गया। यात्रियों का कहना है कि उद्घाटन से एक दिन पूर्व तक स्टेशन को अंतिम रूप देने की जल्दबाजी थी। जानकारी के अनुसार, समारोह की औपचारिकता पूरी करने के लिए छत को अस्थायी तौर पर तिरपाल से ढका गया था, जो अब लीपापोती की मिसाल बन गया है।
डीआरएम के निर्देश पर जांच टीम की तैनाती
शिकायत मिलने के बाद रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। डीआरएम के निर्देश पर मालदा डिवीजन से एक तकनीकी जांच टीम को रविवार को मौके पर भेजा गया। सीनियर डीईएन के नेतृत्व में टीम ने मौके पर छत की गहन जांच की। टीम ने बाल्टी से पानी डालकर रिसाव की पुष्टि की और निर्माण की खामियों को चिन्हित किया।
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निर्माण एजेंसी को चेतावनी, 2-3 दिन में सुधार के निर्देश
जांच के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि दो से तीन दिन के भीतर सभी खामियों को दूर किया जाए। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि फाइबर शीट इंस्टॉलेशन में जल्दबाजी और लापरवाही के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई। शीट को ठीक से न बैठाना और जोड़ स्थलों को सही तरीके से सील न करना रिसाव का प्रमुख कारण बताया गया है।
करोड़ों की लागत, फिर भी घटिया निर्माण?
पीरपैंती स्टेशन को आधुनिक स्वरूप देने के लिए करीब 18.93 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया गया था। ऐसे में उद्घाटन के तुरंत बाद ही इस तरह की खामी सामने आना, निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही और परियोजना में संभावित अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
योजना की साख पर लगा सवालिया निशान
यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर जनाक्रोश का कारण बनी है, बल्कि अमृत भारत स्टेशन योजना की साख पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये केवल दिखावे और कागजी कामों पर ही खर्च किए जा रहे हैं, तो ऐसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का उद्देश्य ही खोखला हो जाता है।