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शिक्षा विभाग में खलबली : केके पाठक आ गए ड्यूटी पर; उससे पहले लापरवाह प्रधानाचार्यों पर गिरी गाज, जानें आदेश
Fri, 19 Jan 2024 05:38 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Fri, 19 Jan 2024 05:38 PM IST
सार
Bihar News : शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक तमाम अफवाहों को दरकिनार कर ड्यूटी पर लौट आए हैं। वैसे, उनके आने की आहट गुरुवार को जारी एक आदेश के सभी जिलों में पहुंचते ही मिल गई। आदेश लापरवाही बरतने वाले प्रधानाचार्यों की वेतन बंदी का है।
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सीनियर आईएएस अधिकारी केके पाठक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने जब 16 जनवरी तक अवकाश लेने पर पदभार परित्याग किया था तो उसे रिजाइन बताकर फर्जी खबरें वायरल की गईं। 'अमर उजाला' ने फर्जी नहीं, तब भी सच लिखा था। अब भी एक सच। सच यह कि भले ही 31 जनवरी तक उनके अवकाश बढ़ाने के आवेदन की बात आई थी, लेकिन वह वापस ड्यूटी पर आ चुके हैं। उनके आने की आहट गुरुवार को ही मिल गई थी। वैसे, गुरुवार को मिली आहट भी कम नहीं।
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इधर, गुरुवार तक उनकी जगह सचिव के रूप में शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारी बैद्यनाथ यादव पर थी। गुरुवार को उन्होंने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को एक आदेश जारी किया था। यह आदेश आज पहुंच गया है। ताकीद के बावजूद रद्द नामांकन वाले विद्यार्थियों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं कराने वाले प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने का आदेश जारी हुआ है।
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जानिए पत्र में सचिव ने क्या लिखा
शिक्षा विभाग के सचिव वैद्यनाथ यादव ने बुधवार को एक पत्र जारी किया। 'अमर उजाला' वह पत्र आपको जस के तस पढ़ा रहा है। पत्र के जरिए सचिव ने कहा है कि प्रसंगाधीन पत्र द्वारा लाभुक आधारित योजनाओं हेतु मेधासॉफ्ट पोर्टल पर अंकित वैसे लाभुकों का नाम जिनका नामांकन रद्द किया गया है, को सबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के माध्यम से चिन्हित करा कर मुख्यालय/NIC को 10 जनवरी तक उपलब्ध कराने का अंतिम अवसर आप सभी को दिया गया था। प्रतिदिन इसका अनुश्रवण मुख्यालय से वीसी के माध्यम से किया जाता है। लेकिन, इसकी प्रगति बहुत धीमी है, जो अत्यन्त खेद का विषय है। इसीलिए निर्देश दिया जाता है कि 10 जनवरी तक सूची उपलब्ध नहीं कराने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापक / प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं संबंधित पदाधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक बंद करते हुए 25 जनवरी तक शेष सूची उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि वर्तमान वित्तीय वर्ष (2023-24) के योजना की राशि एक फरवरी से NIC के माध्यम से पात्र लाभुकों के खाते में राशि हस्तांतरित कराया जा सके।
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