Bihar: नाग पंचमी पर भागलपुर में उमड़ी श्रद्धा, महिलाओं ने शिवलिंग व नाग देवता पर चढ़ाया दूध और गंगाजल
Bihar: बूढ़ानाथ मंदिर के पुजारी ऋषिकेश झा ने बताया कि नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा से सर्पदंश का भय समाप्त होता है और घर-परिवार में सुख-शांति आती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव स्वयं अपने गले में विराजमान नागराज वासुकि के साथ पूजित होते हैं।
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सावन मास की पंचमी तिथि पर मंगलवार को पूरे भागलपुर में नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं, विशेष रूप से महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग और नाग देवता पर दूध, गंगाजल, पुष्प, बेलपत्र, दही और अक्षत चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
महिलाओं ने व्रत रखकर स्नान-ध्यान के बाद मंदिरों की ओर रुख किया। पूजा के दौरान मंदिर परिसर ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘नाग देवता की जय’ के जयघोष से गूंजते रहे। भक्तों ने पूरे विधि-विधान से पूजा कर भगवान शिव और नाग देवता से परिवार की कुशलता और संकट निवारण की प्रार्थना की।
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मान्यताओं से जुड़ी गहरी आस्था
बूढ़ानाथ मंदिर के पुजारी ऋषिकेश झा ने बताया कि नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा से सर्पदंश का भय समाप्त होता है और घर-परिवार में सुख-शांति आती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव स्वयं अपने गले में विराजमान नागराज वासुकि के साथ पूजित होते हैं।
प्रमुख मंदिरों में लगी रही लंबी कतारें
कालीबाड़ी मंदिर, शीतला स्थान, कंपनीबाग, नरगह गांव समेत शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। महिलाओं ने श्रद्धाभाव से पूजा कर संतान की दीर्घायु, पति की लंबी उम्र और परिवार में शांति-संपन्नता की कामना की।