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बेगूसराय: पुलिस ने 2 साल के बच्चे पर किया था केस, अब कोर्ट ने कहा- पुलिस पर दर्ज हो मुकदमा
Thu, 16 Mar 2023 11:51 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Thu, 16 Mar 2023 11:51 PM IST
सार
बेगूसराय के कोर्ट में एक चार साल का बच्चा अपनी जमानत कराने पहुंचा। कोर्ट में पेशी होने के साथ ही सीजीएम ने बच्चे को मामले से बरी कर दिया लेकिन साथ ही पुलिस के खिलाफ आदेश जारी कर दिया जिससे अब पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे हैं।
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चार साल का बच्चा अपनी जमानत कराने पहुंचा बेगूसराय कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बेगूसराय के कोर्ट में एक चार साल का बच्चा अपनी जमानत कराने पहुंचा। यह देखकर आज हर कोई दंग था। कोर्ट में पेशी होने के साथ ही सीजीएम ने बच्चे को बरी कर दिया लेकिन साथ ही यह आदेश भी जारी किया कि यह पुलिस की लापरवाही नतीजा है इसलिए ऐसे लापरवाह पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए बाल आयोग में इसकी शिकायत दर्ज कराई जाए। इस आदेश के बाद अब पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे हैं।
क्या था मामला
वर्ष 2021 में वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान सूजा गांव में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिला प्रशासन के द्वारा उस क्षेत्र को बेरीकेट से घेराबंदी कर दिया था जिसे कुछ असामाजिक तत्वों ने हटा दिया था। बेरिकेटिंग तोड़ने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने आरोपियों पर मामला दर्ज करने का निर्देश जारी किया था। उस आदेश के आलोक में चौकीदार रूपेश कुमार ने चिन्हित करते हुए 10 अप्रैल 2021 को कांड संख्या 224/ 21 के तहत एक ही परिवार के 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन आठ सदस्यों में शंभू ठाकुर का लगभग दो वर्ष का पुत्र भी शामिल था।
कोर्ट ने लगाईं है फटकार
इस संबंध में अधिवक्ता देवव्रत पटेल ने बताया कि बच्चे को देख सीजीएम ने बच्चे पर लगे आरोप से उसे बरी कर दिया। साथ ही कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि ऐसे लापरवाह पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए बाल आयोग में शिकायत दर्ज कराई जाए। अब कोर्ट की फटकार और पुलिस पर कार्रवाई की बात जानकार पुलिस पदाधिकारी के हाथ पांव फूल रहे हैं।
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क्या था मामला
वर्ष 2021 में वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान सूजा गांव में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिला प्रशासन के द्वारा उस क्षेत्र को बेरीकेट से घेराबंदी कर दिया था जिसे कुछ असामाजिक तत्वों ने हटा दिया था। बेरिकेटिंग तोड़ने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने आरोपियों पर मामला दर्ज करने का निर्देश जारी किया था। उस आदेश के आलोक में चौकीदार रूपेश कुमार ने चिन्हित करते हुए 10 अप्रैल 2021 को कांड संख्या 224/ 21 के तहत एक ही परिवार के 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन आठ सदस्यों में शंभू ठाकुर का लगभग दो वर्ष का पुत्र भी शामिल था।
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कोर्ट ने लगाईं है फटकार
इस संबंध में अधिवक्ता देवव्रत पटेल ने बताया कि बच्चे को देख सीजीएम ने बच्चे पर लगे आरोप से उसे बरी कर दिया। साथ ही कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि ऐसे लापरवाह पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए बाल आयोग में शिकायत दर्ज कराई जाए। अब कोर्ट की फटकार और पुलिस पर कार्रवाई की बात जानकार पुलिस पदाधिकारी के हाथ पांव फूल रहे हैं।
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