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No BOOKEY : गुलदस्ते की जगह पौधे देने की अपील बदली, बिहार के मंत्री ने क्यों कहा स्वागत में ऐसी किताबें दीजिए
Mon, 08 May 2023 05:55 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Mon, 08 May 2023 05:55 PM IST
सार
Bihar News : स्वागत की प्रक्रिया में बदलाव को लेकर शासकीय आदेश तक आए, लेकिन पूरी तरह पालन नहीं हुआ। हां, गुलदस्तों की जगह कई जगह पौधे देने की परंपरा जरूर शुरू हुई। अब जल संसाधन मंत्री संजय झा ने किताबों को लेकर कारण बताते हुए पहल की है।
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बिहार के मंत्री जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा स्वागत में गुलदस्ता नहीं ऐसी किताबें दीजिए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गुलदस्ते मत दीजिए, कुछ देर में मुरझा जाते हैं। स्वागत में कुछ देना ही है तो ऐसी किताबें दीजिए, जो बच्चे पढ़ सकें। छात्रहित में हों। यह अपील बिहार सरकार के जल संसाधन एवं सूचना-जनसंपर्क मंत्री संजय झा की है। वजह भी बताते हुए। यह अपील इसलिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि राज्य सरकार ने कई बार गुलदस्तों की जगह पौधे देकर स्वागत करने की अपील की और कुछ विभागों में यह लागू भी हुआ, लेकिन परंपरा के रूप में स्थापित नहीं हो सका।
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क्या है अपील और क्या है वजह...जानिए
इस संबंध में बिहार सरकार के जल संसाधन एवं सूचना-जनसंपर्क मंत्री संजय झा का कहना है कि हमारे कुछ कार्यकर्ता साथी मेरे कुछ खास मित्रवत लोग जब भी मिलने के लिए आते थे तो साथ में बुके (फूलों का गुलदस्ता) लेकर आते हैं। लेकिन, उनके जाने के कुछ देर बाद ही ये मुरझा जाते थे। इसलिए उनसे मिलने के लिए आने वाले सभी लोगों से कहा कि आप मुझसे अब जब भी मिलने आएं तो कृपया फूल या बुके लेकर न आएं। उसकी जगह विद्यार्थियों के लिए उपयोगी किताबें या स्टेशनरी (कॉपी-कलम आदि) दें तो ज्यादा अच्छा होगा।
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किताब देने का यह है मकसद
संजय झा का कहना है कि हमने बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल, 2023 को 'मिथिला बुक बैंक' के रूप में 'एक नई पहल, एक नई शुरुआत' की है। हम आपके द्वारा दी गई किताबों और लेखन सामग्रियों को 'मिथिला बुक बैंक' में जमा करेंगे और बाद में उन्हें मिथिला के चुनिंदा स्कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में स्थित पुस्तकालयों में भिजवाएंगे जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों इसे उपलब्ध कर पाएंगे।
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संसाधन की कमी से न हो किसी की पढाई बाधित
संजय कुमार झा ने कहा कि जो बच्चे किताब कॉपी या संसाधनों की कमी की वजह से पढाई नहीं कर पाते हैं उनके लिए यह सहयोग है जो आपको हमको और हम सबको करना चाहिए ताकि किसी की पढाई संसाधन के अभाव में अधूरी न रह जाय। संजय कुमार झा ने इसे सफल बनाने के लिए आमजन से सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आइए, हम साथ मिलकर अपने मिथिला में ज्ञान का प्रकाश फैलाएं।
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