Anand Mohan : बाहुबली समेत 27 की रिहाई पर बिहार सरकार की सफाई, मुख्य सचिव बाेले- किसी को विशेष छूट नहीं दी गई
बिहार में नया जेल मैन्युअल 2012 में बनाया गया था, जो लोग आजीवन कारावास की सजा काट चुके हैं। उसके आधार पर ही रिहाई हुई है। 2012 के नए जेल मैनुअल के नियम के अनुसार जो लोग आजीवन कारावास पाकर जेल में दाखिल हुए उनको कैसे और कब रिहा किया जायेगा।
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पूर्व सांसद आनंद मोहन समेत 27 अपराधियों की रिहाई पर हो रही राजनीति को लेकर बिहार सरकार ने सफाई दी है। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि आनंद मोहन की रिहाई को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए। किसी को भी विशेष छूट नहीं दी गई है। बिहार में नया जेल मैन्युअल 2012 में बनाया गया था, जो लोग आजीवन कारावास की सजा काट चुके हैं। उसके आधार पर ही रिहाई हुई है। 2012 के नए जेल मैनुअल के नियम के अनुसार जो लोग आजीवन कारावास पाकर जेल में दाखिल हुए उनको कैसे और कब रिहा किया जायेगा। इसमें नियम कहता है कि कम से कम 14 वर्ष जेल में रहे या जिस बंदी का परिहार समेत 20 वर्ष पूरा हो गया हो, उनकी रिहाई पर विचार किया जाएगा। इसके लिए बिहार राज्य दंडादेश परिहार परिषद कैदियों की रिहाई पर विचार करती है।
20 साल की परिहार अवधि पर छोड़ने का प्रावधान है
यह बातें बिहार सरकार ने मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत करने हुए कही। उन्होंने कहा कि जेल मैन्युअल के अनुसार, जो लोग 14 साल की सजा काट चुके हैं और अगर उनका अच्छा आचरण रहा है। उन्हें 14 साल की जेल और 20 साल की परिहार अवधि पर छोड़ने का प्रावधान है। बिहार राज्य दंडादेश परिहार परिषद इनकी रिहाई पर विचार करती है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव इस परिषद के अध्यक्ष हैं।
22 बैठकों में 1161 बंदियों की रिहाई पर विचार गया गया
आमिर सुबहानी ने कहा कि पिछले 6 साल में दंडदेश परिहार परिषद की 22 बैठकों में 1161 बंदियों की रिहाई पर विचार गया गया। इसमें 658 बंदी को छोड़ा गया। बंदियों को भी छोड़ने के लिए 15 अगस्त, 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को कैदियों की रिहाई पर होता है। अन्य नियम के मुताबिक 104 कैदियों को छोड़ा गया है। बंदियों को रिहा करने की ये दो प्रक्रिया है। आनंद मोहन और अन्य बंदियों की रिहाई में भी ये सारे नियमों का पालन हुआ है। किसी को भी कोई छूट नही दी गई थी। आनंद मोहन जिनका नाम इन दिनों चर्चा में है। उनकी भी रिहाई में कोई छूट नही मिली है। आनंद मोहन 15 साल 9 माह 25 दिन जेल में रहे। परिहार मिलाकर देखें तो वह 22 साल 13 दिन जेल में रहे।