भारत की तीसरी सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी अब इलेक्ट्रिक के साथ ही हाइड्रोजन से चलने वाले वाहनों को बनाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की ओर से हाल में ही एक अमेरिकी कंपनी के साथ एमओयू साइन किया गया है। जिसके बाद यह साफ हो गया है कि कंपनी जल्द ही हाइड्रोजन सेगमेंट में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी।
किस कंपनी के साथ साइन हुआ एमओयू
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- फोटो : cummins india
रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा ने अमेरिका की कमिंस इंक कंपनी के साथ एमओयू साइन किया है। कमिंस इंक की ओर से जानकारी दी गई है कि उसने और टाटा ने हाल में ही एक एमओयू साइन किया है। इसके तहत दोनों कंपनियां हाइड्रोजन से चलने वाले वाहन, फ्यूल सेल और इलेक्ट्रिक वाहनों के बैटरी सिस्टम को डेवलप करने पर काम करेंगी।
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यह कंपनी ला चुकी है हाइड्रोजन वाली कार
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- फोटो : सोशल मीडिया
भारत में हाइड्रोजन से चलने वाली कारों की शुरूआत जापान की कंपनी टोयोटा ने की है। कुछ समय पहले टोयोटा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ भारत में पहली हाइड्रोजन से चलने वाली कार को पेश किया था। जिसके बाद अब अन्य कंपनियां भी इस तकनीक वाले वाहनों को लाने पर विचार कर रही हैं।
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भारत सरकार भी कर रही है हाइड्रोजन पर तैयारी
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भारत सरकार भी हाइड्रोजन के उत्पादन की तैयारी कर रही है। हाल में ही रिपोर्ट्स आई थीं कि सरकार ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर गंभीर है और इसे बड़ी मात्रा में भारत में बनाया जा सकता है। जिसके बाद ग्रीन हाइड्रोजन को विदेशों को भी निर्यात करने पर चर्चा चल रही है।
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कौन से देश करते हैं सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जन
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रिपोर्ट्स के मुताबिक सिर्फ तीन देश ही पूरी दुनिया में होने वाले कार्बन के आधे का उर्त्सजन करते हैं। इनमें अमेरिका, चीन और रूस हैं, जबकि भारत इस लिस्ट में सातवें नंबर पर है। अमेरिका 1850 से अब तक पूरी धरती पर हुए कार्बन का 20 फीसदी उर्त्सजन कर चुका है। जबकि चीन 11 और रूस सात फीसदी कार्बन उत्सर्जन कर चुके हैं।
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