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Rare Earth Magnet: चीन की पाबंदियों का असर, बजाज के चेतक पर भारी संकट
Fri, 25 Jul 2025 09:42 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 25 Jul 2025 09:42 PM IST
सार
चीन की ओर से रेयर अर्थ मटेरियल्स के निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों का असर अब भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग पर साफ दिखने लगा है। बजाज ने कहा है कि अगस्त में इलेक्ट्रिक स्कूटर चेतक के उत्पादन को रोकना पड़ सकता है।
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Bajaj Chetak 3503
- फोटो : Chetak
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विस्तार
चीन की ओर से रेयर अर्थ मटेरियल्स के निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों का असर अब भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग पर साफ दिखने लगा है। मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में राजीव बजाज ने कहा है कि कंपनी को अगस्त में अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर चेतक के उत्पादन को रोकना पड़ सकता है। इसके साथ ही हाल ही में लॉन्च किया गया GoGo (गोगो) इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर भी इस संकट से प्रभावित हो सकता है। जिससे अगस्त में इन दोनों की बिक्री शून्य रह सकती है।
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पहले से जताई थी चिंता, अब दिखा असली असर
राजीव बजाज देश के उन गिने-चुने लोगों में शामिल हैं जिन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर रेयर अर्थ मटेरियल्स की कमी जारी रही, तो यह भारत की ईवी इंडस्ट्री को ठप कर सकती है। अब वही खतरा हकीकत बनता नजर आ रहा है। बजाज ऑटो पहली ऐसी कंपनी बन गई है जिसने ईवी प्रोडक्शन को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2025 में बजाज की ईवी प्रोडक्शन पूरी क्षमता पर चल रही थी। क्योंकि उस वक्त उनके पास रेयर अर्थ मटेरियल्स का स्टॉक मौजूद था। लेकिन जुलाई में प्रोडक्शन आधा हो गया, और अब अगस्त में पूरी तरह बंद होने की आशंका है। बजाज ने सरकार से अपील की है कि वो सप्लाई चेन की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर सभी स्टेकहोल्डर्स को स्पष्ट जानकारी दे।
यह भी पढ़ें - VinFast India: वियतनामी इलेक्ट्रिक कार कंपनी की भारत में बड़ी एंट्री, 31 जुलाई को होगा प्लांट का उद्घाटन
राजीव बजाज देश के उन गिने-चुने लोगों में शामिल हैं जिन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर रेयर अर्थ मटेरियल्स की कमी जारी रही, तो यह भारत की ईवी इंडस्ट्री को ठप कर सकती है। अब वही खतरा हकीकत बनता नजर आ रहा है। बजाज ऑटो पहली ऐसी कंपनी बन गई है जिसने ईवी प्रोडक्शन को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2025 में बजाज की ईवी प्रोडक्शन पूरी क्षमता पर चल रही थी। क्योंकि उस वक्त उनके पास रेयर अर्थ मटेरियल्स का स्टॉक मौजूद था। लेकिन जुलाई में प्रोडक्शन आधा हो गया, और अब अगस्त में पूरी तरह बंद होने की आशंका है। बजाज ने सरकार से अपील की है कि वो सप्लाई चेन की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर सभी स्टेकहोल्डर्स को स्पष्ट जानकारी दे।
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Bajaj Chetak Electric Scooter
- फोटो : Bajaj Auto
चीन से सप्लाई पर निर्भरता बनी बड़ी चुनौती
हालांकि कुछ महीने पहले चीन ने चुनिंदा देशों के लिए अपने निर्यात नियमों में थोड़ी ढील दी थी। लेकिन भारत उस सूची में नहीं था, जबकि भारत इस वक्त दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता ऑटोमोबाइल मार्केट है। जैसे-जैसे दुनिया क्लीन मोबिलिटी की ओर बढ़ रही है, ईवी की मांग में जबरदस्त उछाल देखा गया है। मगर रेयर अर्थ मटेरियल्स के मामले में चीन अब भी पूरी दुनिया पर हावी है।
इन मटेरियल्स का इस्तेमाल सिर्फ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में नहीं, बल्कि मैग्नेट, बैटरियों और दूसरे हाईटेक कंपोनेंट्स में होता है। इसके अलावा ये पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों, रिन्यूएबल एनर्जी, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस सिस्टम और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भी जरूरी हैं।
यह भी पढ़ें - India-UK FTA: नॉर्टन मोटरसाइकिल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर को दिखाया आगामी लाइनअप
हालांकि कुछ महीने पहले चीन ने चुनिंदा देशों के लिए अपने निर्यात नियमों में थोड़ी ढील दी थी। लेकिन भारत उस सूची में नहीं था, जबकि भारत इस वक्त दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता ऑटोमोबाइल मार्केट है। जैसे-जैसे दुनिया क्लीन मोबिलिटी की ओर बढ़ रही है, ईवी की मांग में जबरदस्त उछाल देखा गया है। मगर रेयर अर्थ मटेरियल्स के मामले में चीन अब भी पूरी दुनिया पर हावी है।
इन मटेरियल्स का इस्तेमाल सिर्फ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में नहीं, बल्कि मैग्नेट, बैटरियों और दूसरे हाईटेक कंपोनेंट्स में होता है। इसके अलावा ये पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों, रिन्यूएबल एनर्जी, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस सिस्टम और एयरोस्पेस इंडस्ट्री में भी जरूरी हैं।
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भारत की ईवी यात्रा को बड़ा झटका
चीन द्वारा रेयर अर्थ मटेरियल्स के निर्यात पर सख्ती से भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में की जा रही कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। सबसे पहले असर ईवी सेक्टर पर पड़ा है और अब आशंका है कि बाकी सेक्टर भी जल्द ही इससे प्रभावित होंगे।
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चीन द्वारा रेयर अर्थ मटेरियल्स के निर्यात पर सख्ती से भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में की जा रही कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। सबसे पहले असर ईवी सेक्टर पर पड़ा है और अब आशंका है कि बाकी सेक्टर भी जल्द ही इससे प्रभावित होंगे।
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Bajaj Chetak 3001 Electric Scooter
- फोटो : Chetak
नीतियों और घरेलू निर्माण पर टिकी हैं उम्मीदें
अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या नीतिगत कदम उठाती है। एक्सपर्ट्स पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि जब तक भारत में मैग्नेट्स और अन्य कंपोनेंट्स का घरेलू निर्माण नहीं होता, तब तक ईवी सेक्टर को झटके लगते रहेंगे।
यह भी पढ़ें - India-UK FTA: ब्रिटिश लग्जरी कारें अब भारत में होंगी सस्ती, जानें भारत-यूके एफटीए से क्या-क्या बदलेगा
अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या नीतिगत कदम उठाती है। एक्सपर्ट्स पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि जब तक भारत में मैग्नेट्स और अन्य कंपोनेंट्स का घरेलू निर्माण नहीं होता, तब तक ईवी सेक्टर को झटके लगते रहेंगे।
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