अगस्त में भारत के दोपहिया वाहन बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। एक रिपोर्ट के अनुसार, दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर 18 से 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी को ओणम त्योहार से मिले समर्थन और पिछले साल के अपेक्षाकृत कम आधार का फायदा मिला।
{"_id":"6a913fe9575edbbe92086a41","slug":"india-two-wheeler-retail-sales-surge-nearly-20-in-august-ev-and-premium-models-drive-growth-2026-08-28","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अगस्त में दोपहिया बाजार ने पकड़ी रफ्तार: खुदरा बिक्री में 18-20% की वृद्धि, किन वाहनों की बिक्री बढ़ी?","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
अगस्त में दोपहिया बाजार ने पकड़ी रफ्तार: खुदरा बिक्री में 18-20% की वृद्धि, किन वाहनों की बिक्री बढ़ी?
Fri, 28 Aug 2026 01:29 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Fri, 28 Aug 2026 01:29 PM IST
सार
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त महीने में देश के दोपहिया वाहन बाजार में मजबूत रिटेल ग्रोथ देखने को मिली है। रिपोर्ट में बताया गया है कि शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में वाहनों को लेकर की जाने वाली पूछताछ में 10 से 12 प्रतिशत का उछाल आया है। जानें क्या है वजह।
विज्ञापन
Two Wheeler Sales
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Electric Scooter
- फोटो : Keeway India
ग्राहकों की पूछताछ में कितनी बढ़ोतरी हुई?
- रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य मांग से जुड़ी ग्राहकों की पूछताछ में 10 से 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शहरी और ग्रामीण, दोनों बाजारों से सकारात्मक रुझान देखने को मिला।
- आगामी त्योहारों के मौसम को देखते हुए वाहन निर्माता कंपनियां भी आपूर्ति बढ़ा रही हैं। प्रीमियम श्रेणी के पेट्रोल इंजन वाले मॉडल और इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की वृद्धि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग क्यों बढ़ रही है?
- रिपोर्ट में कहा गया है कि खासतौर पर शहरी, टियर-1 और टियर-2 शहरों के डीलरों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में काफी मजबूत रुझान बताया है। अगस्त में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के लिए ग्राहकों का आकर्षण बना रहा।
- रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहक अब केवल लागत में बचत को ध्यान में रखकर वाहन नहीं खरीद रहे हैं। तकनीक, प्रदर्शन और ज्यादा फीचर्स वाले टॉप वेरिएंट को भी मजबूत स्वीकार्यता मिल रही है।
Electric Scooter
- फोटो : Chetak
सीएनजी और ईवी की बुकिंग में कितना उछाल आया?
- रिपोर्ट में सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भी तेजी का उल्लेख किया गया है। नई गाड़ियों के लॉन्च और E20 पेट्रोल को लेकर बनी नकारात्मक धारणा के बीच इन वाहनों के लिए पूछताछ और बुकिंग में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
- इससे वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ग्राहकों का बढ़ता रुझान भी साफ दिखाई देता है।
किन वाहनों के लिए ग्राहकों को ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है?
जिन ब्रांडों और मॉडलों की मांग अधिक है, उनके लिए प्रतीक्षा अवधि अभी भी लंबी बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार:
-
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रतीक्षा अवधि: 3 से 4 महीने
-
पेट्रोल इंजन वाले वाहनों के लिए प्रतीक्षा अवधि: 1 से 1.5 महीने
इससे संकेत मिलता है कि मजबूत मांग के बावजूद कुछ लोकप्रिय मॉडलों की आपूर्ति अभी भी ग्राहकों की जरूरत के अनुरूप नहीं पहुंच पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार शोरूम
- फोटो : AI
यात्री वाहनों और वाणिज्यिक वाहनों का बाजार कैसा रहा?
- अगस्त में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री भी मजबूत रही। इसमें सालाना आधार पर 11 से 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि ओणम त्योहार से बिक्री को करीब 20 प्रतिशत का अतिरिक्त समर्थन मिला। इस श्रेणी में शहरी बाजारों का प्रदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों से बेहतर रहा।
- मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों की मांग भी मजबूत बनी रही। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर में BS4 वाहनों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध से पुराने वाहनों को बदलने की मांग को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
डीलरों के पास वाहनों का स्टॉक कितना है?
- रिपोर्ट के मुताबिक, डीलरों के पास वाणिज्यिक वाहनों का स्टॉक 20 से 22 दिनों के स्तर पर है, जिसे उपयुक्त माना गया है। वहीं, यात्री वाहनों का स्टॉक लगभग चार सप्ताह के स्तर पर बना रहा, जबकि आपूर्ति भी अच्छी रही।
- ट्रैक्टरों की बिक्री भी मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि के साथ जारी रहने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
विज्ञापन
Car Showroom
- फोटो : AI
क्या कंपनियों ने वाहनों की कीमतें बढ़ाई हैं?
- बढ़ती उत्पादन लागत का असर वाहन कीमतों पर भी देखने को मिला है। प्रमुख वाहन निर्माताओं ने लागत बढ़ने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी की है और रिपोर्ट के अनुसार 0.5 से 1.5 प्रतिशत तक की एक और मूल्य वृद्धि की गई है।
- इसके बावजूद पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाले डिस्काउंट में महीने-दर-महीने कोई खास बदलाव नहीं हुआ। कंपनियों ने बढ़ी हुई कीमतों का लाभ काफी हद तक बनाए रखा है।