फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   MoRTH aims to halve road accidents and casualties by 2030 says Nitin Gadkari

Road Accident: सरकार का लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और हताहतों की संख्या को आधा करना है, बोले परिवहन मंत्री

Tue, 12 Dec 2023 11:06 AM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: समीर गोयल Updated Tue, 12 Dec 2023 11:06 AM IST
सार

केंद्र सरकार का लक्ष्य देश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को साल 2030 तक कम करना है। साथ ही दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को भी आधा करना है।

विज्ञापन
MoRTH aims to halve road accidents and casualties by 2030 says Nitin Gadkari
सड़क हादसा (सांकेतिक फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य 2024 में इसे प्राप्त करने के अपने पहले लक्ष्य को संशोधित करते हुए 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और उनके परिणामस्वरूप होने वाली मौतों की संख्या को आधा करना है। उन्होंने कहा कि सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद उन्हें दुर्घटनाओं को कम करने में उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले हैं।

विज्ञापन


राज्यों से किया था आग्रह
इससे पहले सितंबर 2022 में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने सभी राज्य परिवहन मंत्रियों और अधिकारियों से 2024 तक सड़क दुर्घटनाओं और उनके परिणामस्वरूप होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया था।
विज्ञापन


सेवलाइफ फाउंडेशन द्वारा तैयार भारत में सड़क सुरक्षा अच्छी प्रथाएं' शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी करते हुए, गडकरी ने कहा, नवीनतम लक्ष्य हमने रखा है कि 2030 के पहले हम 50 प्रतिशत दुर्घटनाएं और मौतों को कम करेंगे। 2030 तक देश में सड़क दुर्घटनाओं और उनके कारण होने वाली मौतों की संख्या को आधा करने के लिए हम काम करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

यह भी पढ़ें - Rumble Strip: कई सड़कों पर एकसाथ आ जाते हैं कई स्पीड ब्रेकर, जानें कहां होता है इस्तेमाल


हर साल होती हैं इतनी मौत
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 12 प्रतिशत बढ़कर 4.6 लाख से अधिक हो गई, जिसके परिणामस्वरूप हर घंटे 19 लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट से पता चला था कि देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। 2022 के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) द्वारा कुल 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 1,68,491 लोगों की जान चली गई और 4,43,366 लोग घायल हो गए।


यह भी पढ़ें -  Faulty Spark Plug: अगर कार में स्पार्क प्लग हो जाए खराब, होने लगते हैं ये चार बदलाव, कभी ना करें नजरअंदाज

कितनी हुई बढ़ोतरी
भारत में सड़क दुर्घटनाएं - 2022 शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल की तुलना में दुर्घटनाओं में 11.9 प्रतिशत, मृत्यु दर में 9.4 प्रतिशत और चोटों में 15.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

यह भी पढ़ें -  Tata Nexon Battery Cost: वारंटी के बाद आपकी इलेक्ट्रिक कार की बैटरी हो जाए खराब, तो जानें कितना होगा खर्च

बच सकती हैं जान
इस बीच, सेवलाइफ फाउंडेशन की रिपोर्ट में कहा गया है कि सफल कॉरिडोर-आधारित सड़क सुरक्षा प्रथाओं को अपनाने से हर साल 40,000 से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती है। रिपोर्ट में राष्ट्रीय राजमार्ग 48 (पुराना मुंबई-पुणे राजमार्ग) जीरो फैटलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) परियोजना जैसी अच्छी प्रथाओं पर प्रकाश डाला गया, जिसने 2018 और 2021 के बीच मृत्यु दर में 61 प्रतिशत की कमी दर्ज की। इसी तरह, सबरीमाला सुरक्षित क्षेत्र ने 2019 और 2021 के बीच शून्य सड़क दुर्घटना मौतों को बनाए रखा है, जो देश भर में तीर्थ स्थलों के लिए एक खाका के रूप में काम कर रहा है।

यह भी पढ़ें - Rubber Paint Advantage: कार के निचले हिस्से को जंग से है बचाना, तो जरूर करवाएं यह कोटिंग, जानें फायदे

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed