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त्योहारी सीजन के बाद भारतीय ऑटो सेक्टर की बिक्री पर क्या असर पड़ेगा?: क्या चुनौती बन सकता है पश्चिम एशिया तनाव
Wed, 23 Sep 2026 03:51 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Wed, 23 Sep 2026 03:51 PM IST
सार
भारत के वाहन बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। त्योहारी सीजन से पहले डीलरों के पास वाहनों का स्टॉक बढ़ने से निकट भविष्य में कंपनियों की थोक बिक्री को सहारा मिलने की उम्मीद है।
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Car Showroom
- फोटो : AI
विस्तार
जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज (JM Financial) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए डीलरशिप्स पर गाड़ियों का स्टॉक बढ़ाने से ऑटो कंपनियों की थोक बिक्री को अल्पावधि में मजबूत सहारा मिलेगा।
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हालांकि, ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि त्योहारी सीजन बीतने के बाद ऑटो इंडस्ट्री की विकास दर सामान्य हो जाएगी। इसका मुख्य कारण पिछले वर्षों का उच्च तुलनात्मक आधार होना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न सेगमेंट में मांग तो मजबूत बनी हुई है, लेकिन पैसेंजर व्हीकल (कार) और दोपहिया सेगमेंट की रफ्तार में अंतर देखने को मिल रहा है।
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पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में यूटिलिटी व्हीकल्स (UVs/SUVs) का प्रदर्शन कैसा रहा है?
पैसेंजर व्हीकल मार्केट में यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी/एमपीवी) का दबदबा लगातार कायम है और यह पूरे कार सेगमेंट के लिए मुख्य ग्रोथ इंजन बना हुआ है:
- अगस्त 2026 में 37% की ग्रोथ: अगस्त 2026 में घरेलू पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। वहीं वित्त वर्ष 2027 के पहले 5 महीनों (FY27 YTD) में बिक्री 30% बढ़ी है।
- यूवी (UV) सेगमेंट की हिस्सेदारी: केवल यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट की बात करें तो अगस्त में इसकी बिक्री में 46 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही कुल कार बिक्री में यूवी की हिस्सेदारी पिछले साल के 65% से बढ़कर अब लगभग 69% पर पहुंच गई है।
- एसयूवी पोर्टफोलियो का फायदा: जेएम फाइनेंशियल के अनुसार, मजबूत एसयूवी पोर्टफोलियो वाली कंपनियों को इस ट्रेंड का सबसे बड़ा फायदा मिल रहा है और आगे भी मिलता रहेगा।
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दोपहिया बाजार की स्थिति और प्रीमियम बाइक्स की मांग कैसी है?
दोपहिया वाहनों की बिक्री में मांग बनी हुई है, हालांकि अगस्त के दौरान रफ्तार थोड़ी धीमी दर्ज की गई:
- ओवरऑल टू-व्हीलर बिक्री: अगस्त 2026 में घरेलू ICE (पेट्रोल/डीजल) दोपहिया वाहनों की बिक्री में 5% की सालाना वृद्धि हुई, जिससे FY27 में अब तक की कुल ग्रोथ 14% रही है। अगस्त में धीमी रफ्तार की मुख्य वजह पिछले साल की तुलना में इस बार त्योहारों की देर से शुरुआत होना है।
- प्रीमियम बाइक्स का दबदबा: बाइक सेगमेंट में प्रीमियम कैटेगरीज में जबरदस्त बढ़त देखी जा रही है:
- 150-250cc सेगमेंट: FY27 में अब तक 28 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी।
- 250cc से ऊपर का सेगमेंट: बिक्री में 34 प्रतिशत का रिकॉर्ड उछाल।
- एंट्री-लेवल (Sub-125cc): 125cc से कम क्षमता वाले किफायती सेगमेंट में महज 6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
ऑटो इंडस्ट्री के लिए पश्चिम एशिया तनाव और लागत वृद्धि का क्या जोखिम है?
रिपोर्ट में आगामी दिनों में वाहन निर्माताओं के सामने आने वाले संभावित लागत दबाव और वैश्विक अनिश्चितताओं को लेकर चेतावनी दी गई है।
जेएम फाइनेंशियल ने कहा कि चल रहे पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण लगातार बना हुआ मुद्रास्फीति का दबाव एक बड़ा चिंताजनक पहलू है। कच्चे माल की बढ़ती लागत और वैश्विक तनाव ऐसे महत्वपूर्ण कारक हैं, जिन पर आने वाले समय में ऑटो इंडस्ट्री की नजर बनी रहेगी।