देश में ऑटोमोबाइल डीलर्स की एसोसिएशन फाडा ने भारत सरकार से मांग की है कि दो पहिया वाहनों पर लगाए जाने वाले जीएसटी को कम किया जाए। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि फाडा की ओर से सरकार से जीएसटी कम करने की मांग क्यों की गई है।
जीएसटी कम करने की मांग
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- फोटो : सोशल मीडिया
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन की ओर से भारत सरकार से मांग की गई है कि दो पहिया वाहनों पर लगने वाले जीएसटी को कम किया जाए। फाडा ने कहा है कि मौजूदा समय में दो पहिया वाहनों पर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगाया जाता है। जिसे कम करके 18 फीसदी किया जाए।
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क्यों की मांग
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TVS Jupiter Classic
- फोटो : TVS Motor Company
दो पहिया वाहनों पर जीएसटी कम करने की मांग फाडा की ओर से इसलिए की गई है क्योंकि हाल में दो पहिया वाहनों की बिक्री में देशभर में गिरावट दर्ज की गई है। फाडा की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक साल 2016 के दौरान देशभर में कुल वाहनों की बिक्री में दो पहिया वाहनों का योगदान 78 फीसदी था। जबकि साल 2023 के दौरान यह कम होकर सिर्फ 72 फीसदी रह गया है।
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तेजी से बढ़ीं कीमतें
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
फाडा के मुताबिक कच्चे माल की बढ़ती कीमत, सख्त उत्सर्जन मानदंड, ज्यादा टैक्स और लेवी कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दो पहिया वाहनों की कीमत में भी पिछले कुछ समय में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। फाडा के मुताबिक साल 2016 में होंडा एक्टिवा की कीमत 52 हजार रुपये थी लेकिन 2023 में यह बढ़कर 88 हजार रुपये हो गई है। बजाज पल्सर की 2016 में कीमत 72 हजार रुपये थी लेकिन अब यह 1.5 लाख तक पहुंच गई है। फाडा ने जीएसटी में कमी के लिए वित्त मंत्री, जीएसटी परिषद के अध्यक्ष, सदस्यों, परिवहन मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय के सामने अपनी मांग रखी है।
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