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Electric Trucks: इलेक्ट्रिक ट्रकों को मिल सकती है 19 लाख रुपये तक की सब्सिडी, जानें क्या है सरकार की योजना

Sat, 05 Apr 2025 08:35 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 05 Apr 2025 08:35 PM IST
सार

अब तक सरकार ने पैसेंजर कारों, दोपहिया और तीन-पहिया वाहनों, और सार्वजनिक बसों को इलेक्ट्रिक बनाने पर जोर दिया था। लेकिन अब उसका ध्यान माल ढोने वाले ट्रकों की ओर जा रहा है।

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Electric Trucks Likely to Get Up to Rs 19 Lakh Subsidy Under PM E-Drive Scheme
Electric Truck - फोटो : Freepik

विस्तार

अब तक सरकार ने पैसेंजर कारों, दोपहिया और तीन-पहिया वाहनों, और सार्वजनिक बसों को इलेक्ट्रिक बनाने पर जोर दिया था। लेकिन अब उसका ध्यान माल ढोने वाले ट्रकों की ओर जा रहा है। अक्तूबर 2024 में शुरू की गई PM ई-ड्राइव योजना के तहत सरकार इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए एक खास सब्सिडी योजना लेकर आ रही है। इस योजना के तहत एक इलेक्ट्रिक ट्रक पर 19 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।
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कार्बन रहित माल परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
इस योजना का मकसद मालवाहन को डी-कार्बोनाइज यानी पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इससे टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, IPLTech इलेक्ट्रिक और प्रोपेल इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है। क्योंकि इस कदम से बैटरी से चलने वाले ट्रकों की मांग को काफी बढ़ावा मिलेगा।

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Electric Trucks Likely to Get Up to Rs 19 Lakh Subsidy Under PM E-Drive Scheme
Electric Truck - फोटो : Freepik
योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट तय
सरकार ने ई-ट्रकों के लिए खास तौर पर 500 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। अभी योजना का अंतिम रूप तैयार किया जा रहा है और इसमें दो विकल्पों पर विचार हो रहा है:

1. पहला विकल्प - प्रति किलोवॉट-घंटा (kWh) 5,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी, जो वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के अधिकतम 10 प्रतिशत तक सीमित होगी। इस हिसाब से 55-टन के ट्रक पर अधिकतम 12.5 लाख रुपये तक की राहत मिल सकती है।

2. दूसरा विकल्प - प्रति किलोवॉट-घंटा 7,500 रुपये की सब्सिडी, जो वाहन की कीमत के 15 प्रतिशत तक जा सकती है। इस मॉडल में सब्सिडी 18.7 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार पहले विकल्प को ज्यादा तवज्जो दे रही है, ताकि सीमित बजट में अधिक संख्या में ट्रकों को कवर किया जा सके। पहले मॉडल से लगभग 5,000 ट्रकों को फायदा मिलेगा, जबकि दूसरे मॉडल से सिर्फ 3,500 ट्रक ही इसमें आ पाते।

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ट्रक और डीजल के दाम में अंतर घटाने की कोशिश
अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का मकसद इलेक्ट्रिक ट्रक और डीजल ट्रक के दाम में 15-20 प्रतिशत तक का फर्क कम करना है। इस योजना के तहत:
  • एक छोटे ट्रक (3.5 टन) की कीमत करीब 17 लाख रुपये होती है, जबकि इलेक्ट्रिक वर्जन लगभग 34 लाख का आता है।
  • ऐसे ट्रकों में अगर बैटरी 4.8 kWh की है तो करीब 3.5 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जो कीमत के अंतर का 20 प्रतिशत कवर करेगी।
  • वहीं, 55 टन के बड़े ट्रक, जिनकी कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये है, पर 12.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।

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Electric Trucks Likely to Get Up to Rs 19 Lakh Subsidy Under PM E-Drive Scheme
Electric Truck - फोटो : Freepik
सुझावों और मांग के आधार पर योजना में बदलाव संभव
भारी उद्योग मंत्रालय अभी इस योजना को और बेहतर बनाने के लिए स्टील, सीमेंट, लॉजिस्टिक्स और पोर्ट कंपनियों से बातचीत कर रहा है, ताकि इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से इसे लागू किया जा सके।

निर्माताओं को सब्सिडी नाकाफी लग रही
इलेक्ट्रिक ट्रक बनाने वाली कंपनियों का मानना है कि दी जाने वाली सब्सिडी पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों पर 35 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है, ऐसे में ट्रकों के लिए भी उसी स्तर की सहायता मिलनी चाहिए।

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सरकार का तर्क: ट्रक व्यापार के लिए, बस जनकल्याण के लिए
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बसें आम जनता के लिए होती हैं, जिनमें कल्याण की भावना जुड़ी होती है। जबकि ट्रक एक व्यवसायिक साधन हैं, जिनसे मुनाफा कमाया जाता है। इसलिए दोनों के लिए सब्सिडी का ढांचा अलग होना जरूरी है। 

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