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Electric Car: अमेरिका में चीनी कार कंपनियों के शुरु होने वाले हैं बुरे दिन, कनेक्टेड कार तकनीक पर लगेगा बैन
Sun, 12 Jan 2025 11:55 AM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 12 Jan 2025 11:55 AM IST
सार
चीनी वाहनों के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर प्रतिबंध का फायदा अमेरिका की घरेलू इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला को हो सकता है। बता दें कि अमेरिका में इलेक्ट्रिक कारों की सेल्स के मामले में चीनी कंपनियां टेस्ला को कड़ी टक्कर दे रही हैं।
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ट्रंप के साथ मस्क
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) 20 जनवरी को शपथ लेने जा रहे हैं। हलांकि, शपथ लेने से पहले ही अमेरिका ने चीन के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। अगले हफ्ते अमेरिका एक नया नियम लागू करेगा, जिसमें चीनी गाड़ियों के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह फैसला अमेरिका की सुरक्षा के दृष्टिकोण से लिया जा रहा है।
अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी जीना रायमुंडो ने जानकारी दी कि इस नियम का उद्देश्य अमेरिकी सड़कों पर चीनी गाड़ियों की उपस्थिति को कम करना है। उन्होंने कहा, "हमारे पास सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि चीनी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर हमारे कनेक्टेड वाहन सिस्टम का हिस्सा न बनें।"
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अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी जीना रायमुंडो ने जानकारी दी कि इस नियम का उद्देश्य अमेरिकी सड़कों पर चीनी गाड़ियों की उपस्थिति को कम करना है। उन्होंने कहा, "हमारे पास सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि चीनी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर हमारे कनेक्टेड वाहन सिस्टम का हिस्सा न बनें।"
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BYD Sealion 7
- फोटो : BYD
2027 से लागू होगा नियम
व्हाइट हाउस ने इस नए नियम को मंजूरी दे दी है, जो 2027 से लागू होगा। वहीं, चीनी हार्डवेयर पर प्रतिबंध 2029 से प्रभावी होगा। इस फैसले के तहत चीन की कार कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में अपने वाहनों को बेचना मुश्किल हो जाएगा।
सितंबर 2024 में प्रस्तावित इस नियम पर इंडस्ट्री से फीडबैक लिया गया था। कई वाहन निर्माता कंपनियों, जैसे जनरल मोटर्स, टोयोटा और हुंडई ने इस नियम की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। लेकिन अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
व्हाइट हाउस ने इस नए नियम को मंजूरी दे दी है, जो 2027 से लागू होगा। वहीं, चीनी हार्डवेयर पर प्रतिबंध 2029 से प्रभावी होगा। इस फैसले के तहत चीन की कार कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में अपने वाहनों को बेचना मुश्किल हो जाएगा।
सितंबर 2024 में प्रस्तावित इस नियम पर इंडस्ट्री से फीडबैक लिया गया था। कई वाहन निर्माता कंपनियों, जैसे जनरल मोटर्स, टोयोटा और हुंडई ने इस नियम की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। लेकिन अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
BYD Cars
- फोटो : BYD
इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरियों पर बढ़ेगा टैरिफ
इस प्रतिबंध के अलावा, अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरियों पर टैरिफ बढ़ाने का भी फैसला किया है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत शुल्क और बैटरियों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना है। इसका उद्देश्य घरेलू उद्योग को बढ़ावा देना और चीनी आयात पर निर्भरता को कम करना है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान चीन के प्रति कड़ा रुख अपनाने की बात कही थी। उन्होंने हाल ही में कहा, "हम चीनी कारों को अमेरिका में बेचना नहीं चाहते। अगर चीन या अन्य देशों की वाहन निर्माता कंपनियां यहां कारोबार करना चाहती हैं, तो उन्हें अमेरिका में फैक्ट्रियां खोलनी होंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार देना होगा।"
इस प्रतिबंध के अलावा, अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरियों पर टैरिफ बढ़ाने का भी फैसला किया है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत शुल्क और बैटरियों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना है। इसका उद्देश्य घरेलू उद्योग को बढ़ावा देना और चीनी आयात पर निर्भरता को कम करना है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान चीन के प्रति कड़ा रुख अपनाने की बात कही थी। उन्होंने हाल ही में कहा, "हम चीनी कारों को अमेरिका में बेचना नहीं चाहते। अगर चीन या अन्य देशों की वाहन निर्माता कंपनियां यहां कारोबार करना चाहती हैं, तो उन्हें अमेरिका में फैक्ट्रियां खोलनी होंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार देना होगा।"
Tesla Model Y
- फोटो : Tesla
क्या टेस्ला को होगा फायदा?
चीनी वाहनों के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर प्रतिबंध का फायदा अमेरिका की घरेलू इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला उठा सकती है। बता दें कि अमेरिका में इलेक्ट्रिक कारों की सेल्स के मामले में चीनी कंपनियां टेस्ला को कड़ी टक्कर दे रही हैं। अमेरिका में टेस्ला के बाद चीन की बीवाईडी ने सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बेची हैं। इससे साफ है कि चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध की नई नीति का सीधा फायदा एलन मस्क की टेस्ला को होगा।
चीनी वाहनों के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर प्रतिबंध का फायदा अमेरिका की घरेलू इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला उठा सकती है। बता दें कि अमेरिका में इलेक्ट्रिक कारों की सेल्स के मामले में चीनी कंपनियां टेस्ला को कड़ी टक्कर दे रही हैं। अमेरिका में टेस्ला के बाद चीन की बीवाईडी ने सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बेची हैं। इससे साफ है कि चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध की नई नीति का सीधा फायदा एलन मस्क की टेस्ला को होगा।
Electric Cars
- फोटो : Freepik
भारत की नजरें भी इलेक्ट्रिक वाहनों पर
अमेरिका के इस फैसले का असर वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है। भारत में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। यहां सरकार और वाहन कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठा रही हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की यह नीति न केवल चीन के लिए बड़ी चुनौती बनेगी, बल्कि यह अमेरिका के ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़े बदलावों का संकेत भी है। आने वाले दिनों में इस फैसले के प्रभाव को लेकर पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका पर टिकी रहेंगी।
अमेरिका के इस फैसले का असर वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है। भारत में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। यहां सरकार और वाहन कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठा रही हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की यह नीति न केवल चीन के लिए बड़ी चुनौती बनेगी, बल्कि यह अमेरिका के ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़े बदलावों का संकेत भी है। आने वाले दिनों में इस फैसले के प्रभाव को लेकर पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका पर टिकी रहेंगी।