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लंदन में पहली सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी लॉन्च: उबर-वेव ने शुरू की सर्विस, बुकिंग से सफर तक कैसे काम करेगी तकनीक?
Thu, 03 Sep 2026 02:03 PM IST
जागृति शुक्ला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:03 PM IST
सार
लंदन की सड़काें पर भी अब सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी की शुरुआत हो गई है। उबर बौर वेव (Wayve) की इस सर्विस में कार खुद-ब-खुद चलेगी, लेकिन शुरुआती दौर में सुरक्षा के लिए ड्राइवर मौजूद रहेगा। यह रोबोटैक्सी आखिर काम कैसे करेगी? जानिए इस लेख में विस्तार से।
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लंदन की पहली रोबोटैक्सी सर्विस लॉन्च
- फोटो : wayve.ai/rides
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विस्तार
अमेरिका और चीन के कई प्रमुख शहरों के बाद अब यूरोप में भी रोबोटैक्सी का सफर शुरू हो गया है। राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म उबर और ब्रिटिश ऑटोनॉमस तकनीक कंपनी वेव ने साझेदारी कर बृहस्पतिवार को लंदन की सड़कों पर पहली सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी सर्विस आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दी है। यह पहली बार है, जब ब्रिटेन में आम यात्रियों के लिए ऑटोनॉमस राइड उपलब्ध हुई है।
कार खुद चलेगी, लेकिन ड्राइवर भी रहेगा मौजूद
हालांकि इसका नाम भले ही सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी हो, लेकिन फिलहाल शुरुआत में सुरक्षा के तौर पर इसमें पूरी तरह ड्राइवरलेस सफर नहीं होगा। कार की ड्राइविंग को वेव की ऑटोनॉमस तकनीक संभालेगी, जबकि ड्राइवर सीट पर ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन से लाइसेंस प्राप्त सेफ्टी ड्राइवर मौजूद रहेगा। यह ड्राइवर पूरे सफर पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर स्टीयरिंग संभाल सकता है या ब्रेक लगा सकता है। पूरी तरह बिना ह्यूमन सेफ्टी ड्राइवर के संचालन के लिए अभी नियामकीय मंजूरी बाकी है।
कैसे बुक कर सकेंगे राइड?
कितनी गाड़ियों से हुई शुरुआत?
शुरुआती चरण में लंदन की सड़कों पर 20 से भी कम गाड़ियां उतारी गई हैं, लेकिन आगे चलकर मांग, तकनीक की तैयारी और नियमों के हिसाब से इसकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।
लंदन की सड़कें होंगी बड़ी चुनौती
लंदन में ऑटोनॉमस कारों के सामने अमेरिका के मुकाबले अलग तरह की चुनौतियां हैं। शहर की कई सड़कें संकरी हैं और एक ही सड़क पर कार, बस, साइकिल, इलेक्ट्रिक रेंटल बाइक और पैदल चलने वाले लोग एक साथ नजर आते हैं।
पैदल यात्रियों की गतिविधियां भी सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे माहौल में कार को लगातार बदलती ट्रैफिक स्थिति को समझते हुए सही फैसला लेना होगा।
वेव की एआई टेक्नोलॉजी कैसे अलग है?
वेव के अनुसार, इसने अपनी एआई ड्राइवर तकनीक को लंदन की जटिल सड़कों पर लंबे समय से ट्रेन किया है। कंपनी का AV2.0 सिस्टम अनुभव से सीखने वाले एआई मॉडल पर आधारित है, जो अलग-अलग सड़कों और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने के लिए डिजाइन किया गया है। यानी सिस्टम को सिर्फ पहले से तैयार रास्तों के हिसाब से चलाने के बजाय अलग-अलग परिस्थितियों को समझकर प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित की गई है।
अमेरिका और चीन से अभी पीछे है यूरोप
वेमो और बाईडू भी लंदन की तैयारी में
लंदन आने वाले समय में रोबोटैक्सी कंपनियों के बीच बड़ा मुकाबला बन सकता है। वेव और उबर के अलावा अल्फाबेट की वेमो और चीनी टेक कंपनी बाईडू भी लंदन में कमर्शियल ऑटोनॉमस पैसेंजर सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।
राइड खत्म होने पर टिप भी नहीं देनी होगी
सबसे अच्छी बात यह है कि उबर ने रोबोटैक्सी के अनुभव में एक और बदलाव किया है। कंपनी के मुताबिक वेव की ऑटोनॉमस राइड पूरी होने के बाद यात्रियों से टिप देने के लिए नहीं कहा जाएगा। यानी सामान्य उबर राइड की तरह टिप देने का दबाव नहीं होगा।
आगे क्या?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंदन में यह शुरुआत अभी पूरी तरह ड्राइवरलेस टैक्सी की नहीं, बल्कि सुरक्षा ड्राइवर के साथ ऑटोनॉमस राइड की है। हालांकि यह ब्रिटेन में सेल्फ-ड्राइविंग पैसेंजर सर्विस के बड़े विस्तार की दिशा में अहम कदम है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ब्रिटेन कब इन गाड़ियों को बिना ह्यूमन सेफ्टी ड्राइवर के सड़क पर उतारने की मंजूरी देता है।
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कार खुद चलेगी, लेकिन ड्राइवर भी रहेगा मौजूद
हालांकि इसका नाम भले ही सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी हो, लेकिन फिलहाल शुरुआत में सुरक्षा के तौर पर इसमें पूरी तरह ड्राइवरलेस सफर नहीं होगा। कार की ड्राइविंग को वेव की ऑटोनॉमस तकनीक संभालेगी, जबकि ड्राइवर सीट पर ट्रांसपोर्ट फॉर लंदन से लाइसेंस प्राप्त सेफ्टी ड्राइवर मौजूद रहेगा। यह ड्राइवर पूरे सफर पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर स्टीयरिंग संभाल सकता है या ब्रेक लगा सकता है। पूरी तरह बिना ह्यूमन सेफ्टी ड्राइवर के संचालन के लिए अभी नियामकीय मंजूरी बाकी है।
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कैसे बुक कर सकेंगे राइड?
- इस टैक्सी की शुरुआत वेव ने उबर के साथ साझेदारी से की है। इसलिए जरूरी नहीं कि यात्रियों को एप में अलग से रोबोटैक्सी बुक करने का विकल्प मिले। अगर कोई यात्री उबरएक्स, उबर इलेक्ट्रिक या उबर कंफर्ट बुक करता है, तो उसे वेव की ऑटोनॉमस कार मिल सकती है।
- अगर यात्री को यह विकल्प पसंद नहीं आता, तो वह गाड़ी आने से पहले सामान्य उबर राइड पर भी स्विच कर सकता है। वेव की राइड के लिए कोई अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा। यानी यह पूरी तरह यात्री की पसंद पर निर्भर करता है।
- उबर के अनुसार, ग्राहक अपनी एप सेटिंग में राइड प्रेफरेंस के जरिए वेव वाहन के साथ मैच होने की संभावना बढ़ा सकते हैं। कंपनी के मुताबिक 1.4 लाख से ज्यादा लंदनवासी पहले ही इसके लिए ऑप्ट-इन कर चुके हैं।
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कितनी गाड़ियों से हुई शुरुआत?
शुरुआती चरण में लंदन की सड़कों पर 20 से भी कम गाड़ियां उतारी गई हैं, लेकिन आगे चलकर मांग, तकनीक की तैयारी और नियमों के हिसाब से इसकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।
लंदन की सड़कें होंगी बड़ी चुनौती
लंदन में ऑटोनॉमस कारों के सामने अमेरिका के मुकाबले अलग तरह की चुनौतियां हैं। शहर की कई सड़कें संकरी हैं और एक ही सड़क पर कार, बस, साइकिल, इलेक्ट्रिक रेंटल बाइक और पैदल चलने वाले लोग एक साथ नजर आते हैं।
पैदल यात्रियों की गतिविधियां भी सेल्फ-ड्राइविंग सिस्टम के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे माहौल में कार को लगातार बदलती ट्रैफिक स्थिति को समझते हुए सही फैसला लेना होगा।
वेव की एआई टेक्नोलॉजी कैसे अलग है?
वेव के अनुसार, इसने अपनी एआई ड्राइवर तकनीक को लंदन की जटिल सड़कों पर लंबे समय से ट्रेन किया है। कंपनी का AV2.0 सिस्टम अनुभव से सीखने वाले एआई मॉडल पर आधारित है, जो अलग-अलग सड़कों और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने के लिए डिजाइन किया गया है। यानी सिस्टम को सिर्फ पहले से तैयार रास्तों के हिसाब से चलाने के बजाय अलग-अलग परिस्थितियों को समझकर प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित की गई है।
अमेरिका और चीन से अभी पीछे है यूरोप
- अमेरिका और चीन में रोबोटैक्सी का सुविधा काफी समय पहले से ही उपलब्ध है। यही वजह है कि यहां यह इस्तेमाल काफी आगे पहुंच गया है। अमेरिका में अल्फाबेट की वेमो कई शहरों में पूरी तरह ऑटोनॉमस टैक्सी चला रही है। अमेजन की जूक्स और टेस्ला भी इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
- दूसरी तरफ, अगर चीन की बात करें तो यहां बाईडू, वीराइड और पोनी.एआई जैसी कंपनियां कई शहरों में रोबोटैक्सी सर्विस चला रही हैं। इन कंपनियों ने मिडिल ईस्ट में भी विस्तार शुरू किया है।
- वहीं, यूरोप में तस्वीर अभी अलग है। यहां नियामक पूरी तरह ड्राइवरलेस सर्विस को लेकर ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। उबर ने क्रोएशिया के जबरेब में भी अपनी यूरोपीय कमर्शियल रोबोटैक्सी सर्विस शुरू की है, लेकिन वहां भी शुरुआत में ह्यूमन सेफ्टी ड्राइवर की जरूरत है।
वेमो और बाईडू भी लंदन की तैयारी में
लंदन आने वाले समय में रोबोटैक्सी कंपनियों के बीच बड़ा मुकाबला बन सकता है। वेव और उबर के अलावा अल्फाबेट की वेमो और चीनी टेक कंपनी बाईडू भी लंदन में कमर्शियल ऑटोनॉमस पैसेंजर सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।
राइड खत्म होने पर टिप भी नहीं देनी होगी
सबसे अच्छी बात यह है कि उबर ने रोबोटैक्सी के अनुभव में एक और बदलाव किया है। कंपनी के मुताबिक वेव की ऑटोनॉमस राइड पूरी होने के बाद यात्रियों से टिप देने के लिए नहीं कहा जाएगा। यानी सामान्य उबर राइड की तरह टिप देने का दबाव नहीं होगा।
आगे क्या?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंदन में यह शुरुआत अभी पूरी तरह ड्राइवरलेस टैक्सी की नहीं, बल्कि सुरक्षा ड्राइवर के साथ ऑटोनॉमस राइड की है। हालांकि यह ब्रिटेन में सेल्फ-ड्राइविंग पैसेंजर सर्विस के बड़े विस्तार की दिशा में अहम कदम है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ब्रिटेन कब इन गाड़ियों को बिना ह्यूमन सेफ्टी ड्राइवर के सड़क पर उतारने की मंजूरी देता है।