{"_id":"688105f64e015e0d2c014294","slug":"bombay-high-court-restrains-auto-rickshaw-unions-from-obstructing-uber-services-during-protest-2025-07-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bombay HC: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- प्रदर्शन के दौरान ऑटो यूनियनों को उबर की सेवा में रुकावट डालने से रोका जाए","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Bombay HC: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- प्रदर्शन के दौरान ऑटो यूनियनों को उबर की सेवा में रुकावट डालने से रोका जाए
Wed, 23 Jul 2025 09:25 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 23 Jul 2025 09:25 PM IST
सार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को पुणे में ऑटो रिक्शा यूनियनों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे प्रदर्शन के दौरान Uber (उबर) की सेवाओं में कोई भी रुकावट न डालें।
विज्ञापन
Bombay High court
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को पुणे में ऑटो रिक्शा यूनियनों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे प्रदर्शन के दौरान Uber (उबर) की सेवाओं में कोई भी रुकावट न डालें। और पुलिस से कहा है कि अगर जरूरत हो तो वे उसके वाहनों को सुरक्षा प्रदान करें।
कोर्ट ने यह आदेश उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कंपनी ने आशंका जताई थी कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में चलाए जा रहे उनके कैब ऑपरेशन्स को यूनियनों के प्रदर्शन की वजह से नुकसान पहुंच सकता है।
यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: नितिन गडकरी ने बताया- जनवरी से जून 2025 के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसों में करीब 27,000 लोगों की मौत
विज्ञापन
विज्ञापन
कोर्ट ने यह आदेश उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कंपनी ने आशंका जताई थी कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में चलाए जा रहे उनके कैब ऑपरेशन्स को यूनियनों के प्रदर्शन की वजह से नुकसान पहुंच सकता है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Nitin Gadkari: नितिन गडकरी ने बताया- जनवरी से जून 2025 के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसों में करीब 27,000 लोगों की मौत
विज्ञापन
कोर्ट का अंतरिम फैसला
जस्टिस आर. आई. चागला ने इस मामले में एक्स-पार्टी अंतरिम राहत देते हुए उबर को संरक्षण देने की बात मानी। कोर्ट ने कहा कि कंपनी ने अपनी याचिका में ऐसा "मजबूत प्रारंभिक मामला" पेश किया है, जिसके आधार पर एकतरफा आदेश देना जरूरी हो गया है। एक्स-पार्टी आदेश वह होता है जो मुकदमे की दूसरी पक्ष की अनुपस्थिति में पारित किया जाता है।
यह भी पढ़ें - Drunk Driving: इस भारतीय शहर में 2025 में अब तक नशे में गाड़ी चलाने के लिए हर दिन 81 से ज्यादा चालान काटे
जस्टिस आर. आई. चागला ने इस मामले में एक्स-पार्टी अंतरिम राहत देते हुए उबर को संरक्षण देने की बात मानी। कोर्ट ने कहा कि कंपनी ने अपनी याचिका में ऐसा "मजबूत प्रारंभिक मामला" पेश किया है, जिसके आधार पर एकतरफा आदेश देना जरूरी हो गया है। एक्स-पार्टी आदेश वह होता है जो मुकदमे की दूसरी पक्ष की अनुपस्थिति में पारित किया जाता है।
यह भी पढ़ें - Drunk Driving: इस भारतीय शहर में 2025 में अब तक नशे में गाड़ी चलाने के लिए हर दिन 81 से ज्यादा चालान काटे
प्रदर्शनकारी यूनियनों को चेतावनी
कोर्ट ने 'बघतोय रिक्शावाला यूनियन' और अन्य यूनियनों को साफ निर्देश दिए कि वे उबर की गाड़ियों को न रोकें, न ब्लॉक करें और न ही उनके ड्राइवरों या सवारियों को नुकसान पहुंचाएं। इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस विभाग को आदेश दिया कि जरूरत पड़ने पर उबर की गाड़ियों को पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
यह भी पढ़ें - Rain Driving Tips: बारिश में गाड़ी चला रहे हैं? ये 10 आसान टिप्स आपकी और कार की सुरक्षा के लिए हैं बेहद जरूरी
कोर्ट ने 'बघतोय रिक्शावाला यूनियन' और अन्य यूनियनों को साफ निर्देश दिए कि वे उबर की गाड़ियों को न रोकें, न ब्लॉक करें और न ही उनके ड्राइवरों या सवारियों को नुकसान पहुंचाएं। इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस विभाग को आदेश दिया कि जरूरत पड़ने पर उबर की गाड़ियों को पूरी सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।
यह भी पढ़ें - Rain Driving Tips: बारिश में गाड़ी चला रहे हैं? ये 10 आसान टिप्स आपकी और कार की सुरक्षा के लिए हैं बेहद जरूरी
ट्रैफिक पुलिस को जिम्मेदारी: तुरंत दें सुरक्षा
हाईकोर्ट ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) को निर्देश दिया कि अगर किसी भी प्रकार की शिकायत मिलती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाए। और उबर की गाड़ियों को चलने से न रोका जाए और न ही उनके मोबाइल डिवाइस, गाड़ियां या कोई और संपत्ति नुकसान पहुंचाई जाए। साथ ही, उबर के कर्मचारियों, ड्राइवरों और उनके दफ्तरों को भी सुरक्षा प्रदान की जाए।
यह भी पढ़ें - Renault Triber Facelift: 2025 रेनो ट्राइबर फेसलिफ्ट एमपीवी भारत में लॉन्च, जानें कीमत और क्या हुए बदलाव
हाईकोर्ट ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) को निर्देश दिया कि अगर किसी भी प्रकार की शिकायत मिलती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाए। और उबर की गाड़ियों को चलने से न रोका जाए और न ही उनके मोबाइल डिवाइस, गाड़ियां या कोई और संपत्ति नुकसान पहुंचाई जाए। साथ ही, उबर के कर्मचारियों, ड्राइवरों और उनके दफ्तरों को भी सुरक्षा प्रदान की जाए।
यह भी पढ़ें - Renault Triber Facelift: 2025 रेनो ट्राइबर फेसलिफ्ट एमपीवी भारत में लॉन्च, जानें कीमत और क्या हुए बदलाव
उबर ने जताई थी नुकसान की आशंका
उबर की ओर से पेश हुए वकील विराग तुलजापुरकर ने कोर्ट को बताया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी गाड़ियों को रोका जा रहा है, ड्राइवरों को धमकाया जा रहा है और कई मामलों में गाड़ियों को नुकसान भी पहुंचाया गया है। उन्होंने एक गाड़ी की तस्वीर भी दिखाई जिसमें पीछे का शीशा टूटा हुआ था।
उन्होंने यह भी बताया कि चिखली और बाणेर इलाकों की पुलिस ने पहले ही प्रदर्शनकारियों को सावधान किया था कि वे कानून व्यवस्था न बिगाड़ें।
यह भी पढ़ें - Connected Car Technology: कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी अपनाने में भारतीय कार मालिकों ने छोड़ा विकसित देशों को पीछे
उबर की ओर से पेश हुए वकील विराग तुलजापुरकर ने कोर्ट को बताया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी गाड़ियों को रोका जा रहा है, ड्राइवरों को धमकाया जा रहा है और कई मामलों में गाड़ियों को नुकसान भी पहुंचाया गया है। उन्होंने एक गाड़ी की तस्वीर भी दिखाई जिसमें पीछे का शीशा टूटा हुआ था।
उन्होंने यह भी बताया कि चिखली और बाणेर इलाकों की पुलिस ने पहले ही प्रदर्शनकारियों को सावधान किया था कि वे कानून व्यवस्था न बिगाड़ें।
यह भी पढ़ें - Connected Car Technology: कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी अपनाने में भारतीय कार मालिकों ने छोड़ा विकसित देशों को पीछे
अगली सुनवाई 6 अगस्त को
इस मामले में अब अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी। जहां इस पूरे विवाद पर विस्तार से बहस होगी और आगे का फैसला लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Delhi EV Policy: दिल्ली सरकार ने मौजूदा ईवी नीति मार्च 2026 तक बढ़ाई, जनता से सुझाव लेने की तैयारी
इस मामले में अब अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी। जहां इस पूरे विवाद पर विस्तार से बहस होगी और आगे का फैसला लिया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Delhi EV Policy: दिल्ली सरकार ने मौजूदा ईवी नीति मार्च 2026 तक बढ़ाई, जनता से सुझाव लेने की तैयारी