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Nitin Gadkari: नितिन गडकरी ने बताया- जनवरी से जून 2025 के बीच NH पर सड़क हादसों में करीब 27,000 लोगों की मौत

Wed, 23 Jul 2025 08:03 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 23 Jul 2025 08:03 PM IST
सार

देश में सड़क सुरक्षा को लेकर एक और चिंताजनक आंकड़ा सामने आया है। साल 2025 के पहले छह महीनों यानि जनवरी से जून के बीच, राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर सड़क हादसों में कुल 26,770 लोगों की मौत हुई है।

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Union Minister Nitin Gadkari says Nearly 27,000 people died in NH road accidents during Jan-June 2025
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी - फोटो : PTI

विस्तार

देश में सड़क सुरक्षा को लेकर एक और चिंताजनक आंकड़ा सामने आया है। संसद में बुधवार को जानकारी दी गई कि साल 2025 के पहले छह महीनों यानि जनवरी से जून के बीच, राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर सड़क हादसों में कुल 26,770 लोगों की मौत हुई है। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब के जरिए दी।
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2024 में हुए थे 52 हजार से ज्यादा घातक हादसे
गडकरी ने अपने जवाब में बताया कि साल 2024 में पूरे साल के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर 52,609 घातक हादसे दर्ज किए गए थे। इसका मतलब यह है कि इन दुर्घटनाओं में शामिल ज्यादातर मामलों में लोगों की जान चली गई। यह आंकड़ा देश में सड़क सुरक्षा के हालातों को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

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हाईवे पर लगी है एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
मंत्री ने बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने कुछ खास राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे जैसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ट्रांस-हरियाणा, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) (एटीएमएस) लगाया है।

एटीएमएस के जरिए हाईवे पर होने वाले हादसों या ट्रैफिक से जुड़ी घटनाओं की पहचान जल्दी हो जाती है, जिससे मौके पर मौजूद मदद समय पर पहुंचती है। इसके तहत कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक निगरानी उपकरण लगाए जाते हैं। जिससे ट्रैफिक को रियल-टाइम में मॉनिटर किया जा सकता है।

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नए हाई-स्पीड प्रोजेक्ट्स में ATMS अब जरूरी हिस्सा
गडकरी ने बताया कि अब जो नई सड़क परियोजनाएं बनाई जा रही हैं, खासकर तेज रफ्तार और भारी ट्रैफिक वाले कॉरिडोर में, वहां एटीएएमएस को प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, जिन राजमार्गों का निर्माण पहले ही हो चुका है, वहां भी एटीएमएस को अलग से प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। ताकि मौजूदा सड़कों की सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर किया जा सके।

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3 साल में 1 लाख किलोमीटर से ज्यादा NH का रोड सेफ्टी ऑडिट
एक अन्य सवाल के जवाब में गडकरी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में करीब 1,12,561 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोड सेफ्टी ऑडिट कराया गया है। इसका मकसद यह जानना है कि सड़कें कितनी सुरक्षित हैं और कहां सुधार की जरूरत है। 

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