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संकट में ऑटो कंपनियां, इस बड़ी बाधा के कारण चाहकर भी शुरू नहीं कर पर रही हैं उत्पादन
Tue, 28 Apr 2020 10:32 AM IST
अवधेश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Tue, 28 Apr 2020 10:32 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
ऑटो कंपनियों को एक ऐसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है कि वह चाहकर भी उत्पादन शुरू नहीं कर पा रही हैं। उत्पादन शुरू करने के लिए अभी कंपनियों को और वक्त लग सकता है। बता दें कि कुछ उद्योगों को आंशिक तौर पर फिर खोलने की छूट देने के हफ्तेभर बाद भी मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, टोयोटा और मर्सडीज बेंज जैसी कंपनियां दोबारा उत्पादन शुरू नहीं कर पाई हैं। इसकी प्रमुख वजह कंपनियों की सप्लाई चेन का बाधित होना है।
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कंपनियों का कहना है कि देश के कई इलाकों में उनके आपूर्तिकर्ता और डीलर अभी भी लॉकडाउन में हैं। ऐसे में कलपुर्जा मैन्युफैक्चर्स से लेकर डीलर के ऑफिस तक को जल्द से जल्द दोबारा खोलने की जरूरत है। इस संबंध में मारुति सुजुकी इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि अभी उनका उत्पादन शुरू नहीं हुआ है।
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पिछले हफ्ते हरियाणा सरकार ने कंपनी को मानेसर संयंत्र स्थित दोबारा शुरू करने की अनुमति दे दी थी, लेकिन कंपनी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा था जब कंपनी लगातार वाहन उत्पादन और बिक्री करने में सक्षम होगी तभी वह कारखाने को चालू करेगी। इसी तरह टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के प्रवक्ता ने कहा कि ऑटो सेक्टर के उत्पादन शुरू करने के लिए जरूरी है कि हमारी सप्लाई चेन भी चालू हो। इसमें सिर्फ कलपुर्जा मैन्युफैक्चर्स नहीं, बल्कि डीलर भी शामिल हैं।
इंडस्ट्री के लोग मौजूदा स्थिति को देखकर आगे के दिनों की चिंता कर रहे हैं। उनका मानना है कि आने वाले दिन भी ऑटो इंडस्ट्री के लिए ठीक नहीं रहने वाले हैं। बता दें कि ऐसा इतिहास में पहली बार होगा जब ऑटो इंडस्ट्री में अप्रैल महीने में कोई बिक्री नहीं होगी। यही नहीं कंपनियों को आगे भी डर सता रहा है कि आने वाले कुछ महीनों में भी जरूरी नहीं है कि हालात सामान्य हों। ऑटो कंपनियों का कहना है कि प्लांट बद करना आसान है लेकिन उन्हें दोबारा से शुरू करना बहुत मुश्किल है। कंपनियों को अप्रैल के बाद यानी मई में भी सुधार की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
वहीं इससे पहले टीवीएस मोटर्स के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने कहा था कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को जापान के जस्ट इन टाइम (JIT) के कामकाज के तरीके को अपनाने की जरूरत है क्योंकि इससे भविष्य के लिए जोखिम कम हो जाता है। हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि हमारे स्पलायर्स 20 किलोमीटर के दायरे में मौजूद हों। ताकि सप्लाई चेन में रुकावट न आए।