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Venus Transit 2025: 09 अक्तूबर को शुक्र करेंगे गोचर, जानिए वृषभ राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव
Mon, 06 Oct 2025 03:07 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 06 Oct 2025 03:07 PM IST
सार
Venus Transit 2025: वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र आपकी कुंडली के पहले भाव और छठे भाव के स्वामी होते हैं, जो अब 09 अक्तूबर को कन्या राशि में गोचर करने से आपके पंचम भाव में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली का पंचम भाव शुभ और अच्छा परिमाण देने वाला होता है।
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शुक्र गोचर 2025 और वृषभ राशि पर प्रभाव
- फोटो : amar ujala
विस्तार
Shukra Gochar 2025: पंचांग की गणना के अनुसार, 09 अक्तूबर 2025 को सुख, सौंदर्य, प्रेम, कला, मनोरंजन, धन और सुख-संपदा के कारक ग्रह शुक्र सिंह राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध देव होते हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं के कारक ग्रह शुक्र 09 अक्तूबर 2025 को सुबह करीब 10 बजकर 38 मिनट पर कन्या राशि में गोचर कर जाएंगे। आपको बता दें कि कन्या राशि शुक्रदेव की नीच की राशि मानी जाती है। शुक्र अपनी नीच राशि में 02 नवंबर 2025 तक रहेंगे। शुक्र के कन्या राशि में गोचर करने से आइए जानते हैं वृषभ राशि वालों के ऊपर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
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वृषभ राशि पर शुक्र के गोचर का प्रभाव
वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र आपकी कुंडली के पहले भाव और छठे भाव के स्वामी होते हैं, जो अब 09 अक्तूबर को कन्या राशि में गोचर करने से आपके पंचम भाव में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली का पंचम भाव शुभ और अच्छा परिमाण देने वाला होता है। पंचम भाव में शुक्र के गोचर करने से आपके प्रेम संबंधों के लिहाज से अच्छा माना जाता है। प्रेम संबंधों में रोमांस का सिलसिल शुरू हो सकता है। लेकिन इस दौरान आपको अपनी कुछ सीमाओं में रहकर आगे बढ़ना होगा। वहीं कुंडली का पंचम भाव भी संतान का सुख माना जाता है। ऐसे में संतान की तरफ से कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। आर्थिक मामलों में आपको बहुत ही संभलकर रहना होगा।।
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- जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने पर वह सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख से वंचित रहता है।
- कुंडली में शुक्र के कमजोर होने पर यौन सुख नहीं प्राप्त होता है। इसके अलावा वह बीमारियों से भी घिरा रहता है।
- अगर किसी जातक की कुंडली में शु्क्र ग्रह कमजोर हो तो जातक भौतिक सुख-सुविधाओं से वंचित रहता है।
- कमजोर शुक्र होने पर व्यक्ति धर्म और अध्यात्म की तरफ जाता है। भोग विलासिता में मन नहीं लगता है।
कुंडली में शुक्र के मजूबत होने पर प्रभाव
- जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह का प्रभाव सकारात्मक रहता है यानी शुक्र ग्रह बली होते हैं वे बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं।
- शुक्र ग्रह के कुंडली में मजबूत होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास ऊंचा होता है और वह सभी लोगों में काफी लोकप्रिय होता है।
- ऐसे जातक समाज में काफी ख्याति और मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
- जब भौतिक सुखों में वृद्धि होने लगे तो यह शुक्र के शुभ संकेत हैं।
- व्यक्ति को किसी कार्य में अचानक से लगातार सफलताएं मिलने प्रारंभ होने लगे तो समझिए यह मजबूत शुक्र के संकेत हैं।
- जब व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाओं और मान-सम्मान में वृद्धि होने लगे तो कुंडली में शुक्र मजबूत मजबूत होता है।
- कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने पर व्यक्ति कला और मनोरंजन के क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त करता है।
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वृषभ राशि पर शुक्र के गोचर का प्रभाव
वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र आपकी कुंडली के पहले भाव और छठे भाव के स्वामी होते हैं, जो अब 09 अक्तूबर को कन्या राशि में गोचर करने से आपके पंचम भाव में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली का पंचम भाव शुभ और अच्छा परिमाण देने वाला होता है। पंचम भाव में शुक्र के गोचर करने से आपके प्रेम संबंधों के लिहाज से अच्छा माना जाता है। प्रेम संबंधों में रोमांस का सिलसिल शुरू हो सकता है। लेकिन इस दौरान आपको अपनी कुछ सीमाओं में रहकर आगे बढ़ना होगा। वहीं कुंडली का पंचम भाव भी संतान का सुख माना जाता है। ऐसे में संतान की तरफ से कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। आर्थिक मामलों में आपको बहुत ही संभलकर रहना होगा।।
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कुंडली में कमजोर शुक्र का प्रभाव- जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर होने पर वह सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख से वंचित रहता है।
- कुंडली में शुक्र के कमजोर होने पर यौन सुख नहीं प्राप्त होता है। इसके अलावा वह बीमारियों से भी घिरा रहता है।
- अगर किसी जातक की कुंडली में शु्क्र ग्रह कमजोर हो तो जातक भौतिक सुख-सुविधाओं से वंचित रहता है।
- कमजोर शुक्र होने पर व्यक्ति धर्म और अध्यात्म की तरफ जाता है। भोग विलासिता में मन नहीं लगता है।
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कुंडली में शुक्र के मजूबत होने पर प्रभाव
- जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह का प्रभाव सकारात्मक रहता है यानी शुक्र ग्रह बली होते हैं वे बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं।
- शुक्र ग्रह के कुंडली में मजबूत होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास ऊंचा होता है और वह सभी लोगों में काफी लोकप्रिय होता है।
- ऐसे जातक समाज में काफी ख्याति और मान-सम्मान प्राप्त करते हैं।
- जब भौतिक सुखों में वृद्धि होने लगे तो यह शुक्र के शुभ संकेत हैं।
- व्यक्ति को किसी कार्य में अचानक से लगातार सफलताएं मिलने प्रारंभ होने लगे तो समझिए यह मजबूत शुक्र के संकेत हैं।
- जब व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधाओं और मान-सम्मान में वृद्धि होने लगे तो कुंडली में शुक्र मजबूत मजबूत होता है।
- कुंडली में शुक्र ग्रह के मजबूत होने पर व्यक्ति कला और मनोरंजन के क्षेत्र में सफलताएं प्राप्त करता है।
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