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Shani Vakri: 138 दिनों तक शनि रहेंगे वक्री, जानिए आपकी राशि पर शनि का कैसा रहेगा प्रभाव
Mon, 14 Jul 2025 11:50 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 14 Jul 2025 11:50 AM IST
सार
Shani Vakri 2025: 13 जुलाई को शनि सुबह 07 बजकर 24 मिनट पर वक्री हो चुके हैं। शनि के वक्री होने का प्रभाव सभी राशि के जातकों पर दिखाई देगा।
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शनि वक्री और इसका प्रभाव
- फोटो : adobe stock
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Shani Vakri 2025 : 13 जुलाई को शनि अब मीन राशि में रहते हुए वक्री यानी उल्टी चाल से चलने लगे हैं। शनि 138 दिनों तक वक्री रहेंगे, फिर इसके बाद मीन राशि में ही मार्गी हो जाएंगे। शनि का नाम आते ही लोगों के मन में तरह-तरह के भय व्याप्त हो जाते हैं। शनि व्यक्ति को उनके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। जब व्यक्ति अच्छे कर्म करता है तो शनि अच्छे फल देते हैं वहीं जब व्यक्ति बुरे कर्म करते हैं तो शनिदेव व्यक्ति को दंड भी देते हैं। शनि की दशाएं, अशुभ द्दष्टि, साढ़ेसाती और ढैय्या व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं। शनि मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं यह एक राशि चक्र को पूरे करने में करीब 30 वर्ष का समय लेते हैं। आपको बता दें कि 13 जुलाई को शनि सुबह 07 बजकर 24 मिनट पर वक्री हो चुके हैं। शनि के वक्री होने का प्रभाव सभी राशि के जातकों पर दिखाई देगा। आइए जानते हैं शनि के वक्री प्रभाव।
मेष राशि
- फोटो : amar ujala
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शनि आपकी कुंडली दशम और एकादश भाव के स्वामी होकर अब द्वादश भाव में वक्री चल रहे हैं। ऐस में शनि का नकारात्मक प्रभाव अब कम देखने को मिलेगा। परेशानियों से अब इसके बाद निजात मिलेगी। आपके खर्चों में कमी देखने को मिलेगी।
मेष राशि के जातकों के लिए शनि आपकी कुंडली दशम और एकादश भाव के स्वामी होकर अब द्वादश भाव में वक्री चल रहे हैं। ऐस में शनि का नकारात्मक प्रभाव अब कम देखने को मिलेगा। परेशानियों से अब इसके बाद निजात मिलेगी। आपके खर्चों में कमी देखने को मिलेगी।
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वृषभ राशि
- फोटो : amar ujala
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि नवम और दशम भाव के स्वामी होते हैं और 13 जुलाई को जब यह मीन राशि में वक्री हुए तब यह आपक लाभ के भाव में हुए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लाभ भाव में शनि का गोचर अच्छा माना जाता है। ऐसे में कुछ अच्छे परिमाण मिल सकते हैं। सेहत के मामले में आपको सतर्क रहना होगा।
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि नवम और दशम भाव के स्वामी होते हैं और 13 जुलाई को जब यह मीन राशि में वक्री हुए तब यह आपक लाभ के भाव में हुए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लाभ भाव में शनि का गोचर अच्छा माना जाता है। ऐसे में कुछ अच्छे परिमाण मिल सकते हैं। सेहत के मामले में आपको सतर्क रहना होगा।
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मिथुन राशि
- फोटो : amar ujala
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए शनिदेव आपकी कुंडली के अष्टम और नवम भाव के स्वामी होते हैं और अब मीन राशि में वक्री होने से यह आपके दशम भाव पर अपना प्रभाव रखेंगे। दशम भाव में शनि का गोचर अच्छा नहीं माना जाता है। इसके आपको कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। आपको मिले-जुले परिणाम देखने को मिल सकते हैं। दशम भाव में शनि आपके नौकरी और व्यवसाय को धीमा और बाधाएं पैदा कर सकते हैं।
मिथुन राशि वालों के लिए शनिदेव आपकी कुंडली के अष्टम और नवम भाव के स्वामी होते हैं और अब मीन राशि में वक्री होने से यह आपके दशम भाव पर अपना प्रभाव रखेंगे। दशम भाव में शनि का गोचर अच्छा नहीं माना जाता है। इसके आपको कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। आपको मिले-जुले परिणाम देखने को मिल सकते हैं। दशम भाव में शनि आपके नौकरी और व्यवसाय को धीमा और बाधाएं पैदा कर सकते हैं।
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कर्क राशि
- फोटो : amar ujala
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए शनि कुंडली के सातवें और आठवें भाव के स्वामी होकर आपके भाग्य भाव में वक्री हो रहे हैं। आपको मिले जुले परिणाम प्राप्त होंगे। धर्म-कर्म के कार्यों में आपका रुझान बढ़ सकता है। भाग्य के भरोसा बैठने और इससे सफलता मिलेगी, ऐसे सोचना आपके लिए अच्छा नहीं होगा।
कर्क राशि वालों के लिए शनि कुंडली के सातवें और आठवें भाव के स्वामी होकर आपके भाग्य भाव में वक्री हो रहे हैं। आपको मिले जुले परिणाम प्राप्त होंगे। धर्म-कर्म के कार्यों में आपका रुझान बढ़ सकता है। भाग्य के भरोसा बैठने और इससे सफलता मिलेगी, ऐसे सोचना आपके लिए अच्छा नहीं होगा।