Shani Dev Vakri In Meen: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्म और न्याय के देवता माना जाता है, जो व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। वर्तमान में शनि देव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, लेकिन अब वे वक्री यानी उल्टी चाल चलना शुरू कर चुके हैं। शनि की इस चाल में बदलाव का असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ साबित हो सकता है। ऐसे जातकों को करियर में तरक्की, व्यवसाय में लाभ और जीवन में नई दिशा मिलने के संकेत मिल रहे हैं। तो चलिए जानते हैं वे कौन-सी भाग्यशाली राशियां हैं जिनकी किस्मत बदलने वाली है।
Shani Vakri: शनि हुए वक्री, इन राशियों के दिन फिरेंगे और मिलेगी हर काम में सफलता
Shani Vakri 2025: 12 घंटे बाद शनि देव वक्री चाल में चलेंगे, जिससे कुछ राशियों के लिए भाग्य के दरवाजे खुल सकते हैं। करियर, व्यापार और जीवन में तरक्की के योग बन रहे हैं।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि के लिए शनि का वक्री होना विशेष रूप से लाभकारी रहेगा, क्योंकि शनि इस दौरान कर्म भाव यानी दशम भाव में वक्री होंगे। यह भाव व्यक्ति के करियर, प्रतिष्ठा और कार्यक्षेत्र से जुड़ा होता है। इसलिए इस अवधि में नौकरी और व्यापार से जुड़े जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए अच्छा मौका बन सकता है, वहीं व्यवसायियों को अपने काम को फैलाने और नया मुनाफा कमाने के अवसर मिलेंगे। समाज में आपके योगदान और नेतृत्व क्षमता को सराहा जाएगा। आपके निर्णयों को लोग गंभीरता से लेंगे और आपका सम्मान बढ़ेगा।
कर्क राशि
शनि देव जब वक्री होंगे, तो वे कर्क राशि के जातकों की कुंडली में नवम भाव में स्थित होंगे, जो धर्म, उच्च शिक्षा, भाग्य और विदेश यात्राओं से जुड़ा होता है। इस समय आप शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया करने की सोच सकते हैं या विदेश में पढ़ाई का विचार भी मजबूत हो सकता है। व्यापारी वर्ग के लोग यदि यात्रा पर जाते हैं, तो वे ऐसी यात्राओं से बड़ा लाभ कमा सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग लंबे समय से लगातार जीवन में चुनौतियों का सामना कर रहे थे, उन्हें इस अवधि में राहत मिल सकती है। करियर और व्यवसाय के क्षेत्र में नई शुरुआत के रास्ते खुलेंगे और आत्मविश्वास के साथ आप किसी नई योजना पर काम कर सकते हैं।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर इसलिए विशेष है क्योंकि शनि स्वयं इस राशि के स्वामी हैं और अब वे आपकी कुंडली में तीसरे भाव में वक्री होने जा रहे हैं। तीसरा भाव साहस, प्रयास, संचार और छोटे-छोटे निर्णयों से मिलने वाले लाभ से जुड़ा होता है। इस समय आपके आत्मबल और पराक्रम में बढ़ोतरी होगी। जो चुनौतियाँ पहले कठिन लग रही थीं, वे अब आपके लिए आसान हो जाएंगी। आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सक्षम रहेंगे, और आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। खासतौर पर तकनीकी, अनुसंधान या क्रिएटिव क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए यह समय उपलब्धियों से भरा रहेगा। पुराने निवेश अब अच्छा रिटर्न देने लगेंगे और विदेश से भी धन आगमन के योग बनेंगे। साथ ही मित्रों, सहयोगियों और प्रोफेशनल नेटवर्क से मजबूत सहयोग मिलेगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।