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Hindi News ›   Astrology ›   Predictions ›   Guru Uday Mithun Rashi 2025 Know Date time auspicious effects on taurus zodiac signs

Guru Uday 2025: 09 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति का मिथुन राशि में उदय, जानिए वृषभ राशि पर प्रभाव

Wed, 09 Jul 2025 01:34 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 09 Jul 2025 01:34 PM IST
सार

Guru Uday 2025: 9 जुलाई को रात 10 बजकर 50 मिनट पर गुरु मिथुन राशि में उदित हो चुके हैं। हिंदू धर्म में गुरु को शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

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Guru Uday Mithun Rashi 2025 Know Date time auspicious effects on taurus zodiac signs
गुरु का उदय होना - फोटो : adobe stock

विस्तार

Guru Uday 2025: शुभ और लाभकारी ग्रह माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति अब मिथुन राशि में उदय हो चुके हैं। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सभी नवग्रहों में विशेष दर्जा प्राप्त है। गुरु ग्रह को देवताओं का गुरु माना गया है। गुरु जब भी चाल, दशा और राशि परिवर्तन करते हैं तो इसका व्यापक प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ सभी राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिलता है। आपको बता दें कि देवगुरु बृहस्पति पिछले एक माह से मिथुन राशि में रहते हुए अस्त अवस्था से उदित अवस्था में प्रवेश कर लिया है। 9 जुलाई को रात 10 बजकर 50 मिनट पर गुरु मिथुन राशि में उदित हो चुके हैं। हिंदू धर्म में गुरु को शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जब गुरु अस्त अवस्था में होते हैं तो विवाह जैसे मांगलिक और शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। गुरु के अस्त होने को तारा डूबना भी कहा जाता है। ऐसे में अब जब गुरु उदय हो चुके हैं तो फिर से मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं। 

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वृषभ राशि पर गुरु के उदय होने का प्रभाव
वृषभ राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति आपकी कुंडली के आठवें और एकादश भाव के स्वामी होते हैं और अब जब गुरु का उदय मिथुन राशि में उदय हुआ है तो यह तीसरे भाव यानी लाभ भाव में चले गए हैं। ऐसे में यह आपके लिए सुखद और सकारात्मक संदेश है। आपके कार्यों में जो पिछले कई दिनों से रुकावटें आ रही थीं वह अब दूर होंगी। आमदनी में इजाफा देखने को मिलेगा। लाभ के मौकों में वृद्धि होगी। निवेश के मौके मिलेंगे। 

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गुरु का ज्योतिषीय महत्व

  • - ज्योतिष में गुरु ग्रह को शुभ ग्रह माना जाता है। 
  • - सभी 12 राशियों में गुरु ग्रह दो राशियों का स्वामित्व प्राप्त है। ये राशियां हैं- धनु और मीन 
  • - गुरु धन, शिक्षा, धर्म, ज्ञान, संतान और विवाह के कारक ग्रह होते हैं। 
  • - गुरु कर्क राशि में उच्च के होते हैं और मकर राशि में नीच के होते हैं। 
  • - गुरु को पांचवीं, सातवीं और नौवी द्दष्टि मिली हुई है। 
  • - गुरु विशाखा, पूर्वाभाद्रपद और पुनर्वसु नक्षत्रों के स्वामी होंते हैं। 
  • - कालपुरुष की कुंडली के अनुसार गुरु द्वादश और नवम भाव पर पर अपनी आधिपत्य रखते हैं।
  • - जब किसी जातक की कुंडली में गुरु धन भाव में बैठते हैं तो ऐसा व्यक्ति बहुत ही धनवान और अमीर होता है। वहीं अगर गुरु कुंडली के पंचम भाव में बैठे या फिर अन्य दूसरे भाव में बैठकर पंचम भाव पर द्दष्टि रखे तो जातक को उच्च शिक्षा और योग्य संतान की प्राप्ति होती है।
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