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Budh Gochar 2025: बुध का वृषभ राशि में गोचर, जानिए धनु राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?
Sat, 24 May 2025 04:46 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 24 May 2025 04:46 PM IST
सार
Budh Gochar 2025: धनु राशि के जातकों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव के स्वामी होते हैं। 23 मई को बुध के वृषभ राशि में गोचर करने से यह आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिष में कुंडली के छठे भाव को अच्छा नहीं माना जाता है। यह भाव शत्रु, रोग और ऋण का होता है।
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budh gochar 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Budh Gochar 2025: मिथुन और कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध बीते 23 मई को शुक्रदेव की राशि वृषभ में प्रवेश कर चुके हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर करना कुछ राशि वालों के लिए अच्छा तो कुछ लिए मिलाजुला साबित होगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार माना गया है। बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क-वितर्क और संचार का कारक ग्रह माना गया है। बुध के वृषभ राशि में गोचर करने से धनु राशि के जातकों पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा आइए जानते हैं।
धनु राशि पर बुध के गोचर का प्रभाव
धनु राशि के जातकों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव के स्वामी होते हैं। 23 मई को बुध के वृषभ राशि में गोचर करने से यह आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिष में कुंडली के छठे भाव को अच्छा नहीं माना जाता है। यह भाव शत्रु, रोग और ऋण का होता है। ऐसे में छठे भाव में बुध के गोचर का मिलजुला प्रभाव देखने को मिलेगा। नौकरीपेशा जातकों के लिए बुध का गोचर कुछ अच्छा रहेगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं उनको सफलता मिल सकती है, वहीं जो लोग मौजूदा नौकरी में उनके लिए प्रमोशन मिल सकता है। इस दौरान आपको अपने खर्चों पर कंट्रोल करना होगा। बेफिजूल के खर्चों को करने से बचना होगा। आपकी कुछ वित्तीय परेशानियां हल होंगी। संतान की तरफ से कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ पुराने मतभेद दूर होंगे। और लव लाइफ के लिए आपको रोमांटिक जीवन में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
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ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।
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धनु राशि पर बुध के गोचर का प्रभाव
धनु राशि के जातकों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव के स्वामी होते हैं। 23 मई को बुध के वृषभ राशि में गोचर करने से यह आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिष में कुंडली के छठे भाव को अच्छा नहीं माना जाता है। यह भाव शत्रु, रोग और ऋण का होता है। ऐसे में छठे भाव में बुध के गोचर का मिलजुला प्रभाव देखने को मिलेगा। नौकरीपेशा जातकों के लिए बुध का गोचर कुछ अच्छा रहेगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं उनको सफलता मिल सकती है, वहीं जो लोग मौजूदा नौकरी में उनके लिए प्रमोशन मिल सकता है। इस दौरान आपको अपने खर्चों पर कंट्रोल करना होगा। बेफिजूल के खर्चों को करने से बचना होगा। आपकी कुछ वित्तीय परेशानियां हल होंगी। संतान की तरफ से कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। जीवनसाथी के साथ पुराने मतभेद दूर होंगे। और लव लाइफ के लिए आपको रोमांटिक जीवन में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
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बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।
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