अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस आक्रामक हो गई है। देवप्रयाग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उत्तम असवाल और पौड़ी जिलाध्यक्ष विनोद सिंह नेगी ने अलग-अलग स्थानों पर पत्रकार वार्ता कर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चार साल बीत जाने के बाद भी मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब नहीं मिले हैं और कथित वीआईपी की भूमिका पर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है।उत्तम असवाल ने कीर्तिनगर के नैथाणा पुल के समीप एक निजी होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सीबीआई जांच के बाद भी वीआईपी की भूमिका को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता ने कथित वीआईपी के नाम सामने रखे, लेकिन इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है और इस पर सरकार ने चुप्पी साध रखी है। अंकिता के फोन की रिकॉर्डिंग और अन्य तथ्यों को लेकर भी संशय बना हुआ है। वहीं महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यालय श्रीनगर में पौड़ी जिलाध्यक्ष विनोद सिंह नेगी ने कहा कि अंकिता हत्याकांड का जिक्र आते ही उत्तराखंड के लोगों की आंखें नम हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षा के दावे करती है, लेकिन जनता के मन में आज भी कई अनसुलझे सवाल हैं। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार को इन सवालों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।